Hathras News: मुआवजे के लिए भाकियू संग किसानों ने भरी हुंकार, 1.70 करोड़ प्रति हेक्टेयर की कर रहे मांग
हाथरस के सादाबाद में यमुना एक्सप्रेसवे को एनएच टू से जोड़ने के लिए मिढ़ावली गांव के निकट रिंग रोड का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए मिढ़ावली व आसपास के कई गांव के दो दर्जन से अधिक किसानों की करीब 80 बीघा जमीन अधिग्रहित की गई है। मथुरा व आगरा के निकटवर्ती इलाके में किसानों को जो मुआवजा दिया गया है, वह बहुत अधिक है, इसलिए यहां के किसान भी प्रति हेक्टेयर एक करोड़ 70 लाख का चार गुना मुआवजा चाहते हैं।
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हाथरस में सादाबाद के मिढ़ावली में रिंग रोड निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के मुआवजे की लड़ाई ने बड़ा रूप ले लिया है। 14 दिसंबर को भारतीय किसान यूनियन भानू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह की मौजूदगी में अनिश्चितकालीन धरना की शुरुआत हुई। धरना के माध्यम से शासन प्रशासन को कड़ी चेतावनी पेश की गई है। जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होगी, धरना प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया गया है।
मिढ़ावली और आसपास गांव के तमाम किसान सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा पाने के लिए अब तक अधिकारियों के कार्यालय के कई चक्कर लगा चुके हैं। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जा चुका है लेकिन प्रशासन मुआवजे की राशि में फेरबदल करने को तैयार नहीं हुआ है। मुआवजे की इस लड़ाई में भारतीय किसान यूनियन भानू का साथ मिलने के बाद किसानों ने भागदौड़ तेज कर दी है। हाल ही में अपर जिलाधिकारी से भारतीय किसान यूनियन भानू के राष्ट्रीय महासचिव और किसान मिले थे, लेकिन उन्होंने मुआवजा राशि बढ़ाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद ही किसान संगठन ने अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया था। मिढ़ावली में राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह के पहुंचने के बाद किसानों का उत्साह दोगुना हो गया। अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत हुई।
धरना-प्रदर्शन में राष्ट्रीय महासचिव धर्मेंद्र चौधरी, राष्ट्रीय सचिव राजकुमार प्रधान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सीताराम मुद्गल, नरेंद्र चौधरी, कृष्णकांत रावत, पवन समाधिया, देवेंद्र पहलवान, बृजमोहन सिसोदिया, बिन्नी प्रधान, ठाकुर रामकुमार, रजत ठाकुर, राहुल ठाकुर, मेंबर सिंह, रितिक चौहान, हरेंद्र सिंह, गौरव चौधरी, मयंक वार्ष्णेय, सौदान सिंह, श्यामवीर सिंह, अतर सिंह, राजू सोलंकी, भूदेव सिंह, पदम सिंह, हरिओम सिंह, एवरन सिंह, हाकिम सिंह, दर्शन सिंह, मुरारी लाल, केशव देव, सुजान सिंह, तारावती, विमलेश देवी, लक्ष्मी देवी, बनी सिंह, राजवती, सुजान सिंह मुखिया, प्रेम सिंह, ओमवीर सिंह, चंदन सिंह, जगीरो, जीतू सहित दर्जनों किसान धरना स्थल पर मौजूद रहे।
ये बोले किसान नेता
ठा. भानु प्रताप सिंह ने साफ चेतावनी दी है कि किसानों की जो भी मांगे हैं, उन्हें अगर पूरा नहीं किया गया तो धरना-प्रदर्शन समाप्त नहीं किया जाएगा। किसानों को प्रति हेक्टेयर एक करोड़ 70 लाख के हिसाब से मुआवजा मिलना चाहिए। जो कि आसपास में किसानों को दिया जा चुका है। पूरी तरह से संगठन किसानों के साथ है। वह किसानों के अधिकारों की लड़ाई पूरी दमदारी से लड़ेंगे। किसानों की जो भी फसल बर्बाद की गई है, उसकी भरपाई भी प्रशासन को करनी होगी। राष्ट्रीय महासचिव धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि एडीएम ने कहा था कि किसान स्वतंत्र हैं। वह मुआवजे के लिए जो भी करना चाहते हैं, कर सकते हैं, इसलिए संगठन किसानों के साथ खड़ा है। किसानों की जमीन को जबरन अधिग्रहित किया गया है। उन्हें मुआवजा न मिलने के बाद भी रिंग रोड निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इस तरह का किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ये है किसानों की समस्या
सादाबाद में यमुना एक्सप्रेसवे को एनएच टू से जोड़ने के लिए मिढ़ावली गांव के निकट रिंग रोड का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए मिढ़ावली व आसपास के कई गांव के दो दर्जन से अधिक किसानों की करीब 80 बीघा जमीन अधिग्रहित की गई है। मथुरा व आगरा के निकटवर्ती इलाके में किसानों को जो मुआवजा दिया गया है, वह बहुत अधिक है, इसलिए यहां के किसान भी प्रति हेक्टेयर एक करोड़ 70 लाख का चार गुना मुआवजा चाहते हैं, जबकि स्थानीय प्रशासन ने प्रति हेक्टेयर 60 लाख का चार गुना मुआवजा तैयार किया है। इसे लेकर किसान असंतुष्ट हैं, इसलिए लगातार किसान मुआवजे की लड़ाई लड़ रहे हैं। जमीन चिन्हित होने के बाद मुआवजा न मिलने पर किसानों ने अपनी अपनी जमीन पर आलू सरसों गेहूं की फसल बो दी थी। रिंग रोड निर्माण कार्य के दौरान जेसीबी की मदद से फसलों को रौंद दिया गया। इसके बाद से भारतीय किसान यूनियन भानू किसानों के साथ मुआवजे की लड़ाई लड़ रहा है।