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हाथरस: पुलिस सुरक्षा में हुआ नैना का अंतिम संस्कार, हर आंख हुई नम, जेसीबी चालक पर एफआईआर दर्ज

Mon, 14 Sep 2026 10:13 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Mon, 14 Sep 2026 10:13 PM IST
सार

हादसे के बाद चालक ने जेसीबी नहीं रोकी। ग्रामीणों ने शोर मचाया तो वह जेसीबी को तेज रफ्तार में 100 मीटर तक ले गया। इस दौरान बच्ची जेसीबी में फंसी हुई थी। ग्रामीणों ने दौड़ कर घेरा और बच्ची को जेसीबी से निकाला। पेट फटने के कारण तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

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Naina funeral took place under police protection
भाई-बहन और दादी विलाप करते हुए, मासूम नैना का फाइल फोटो - फोटो : संवाद

विस्तार

हाथरस के जोगीपुरा आदर्श नगर में जेसीबी चालक की लापरवाही के कारण जान गंवाने वाली 11 वर्षीय मासूम नैना का शव पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को घर पहुंचा। शव देख परिजन रो-रो कर बेहाल हो गए। बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार को सांत्वना देने पहुंचे थे। पुलिस सुरक्षा के बीच बच्ची के शव का अंतिम संस्कार हुआ। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम में मौत की वजह शॉक एंड हेमरेज आई है।

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रविवार शाम नगर पालिका की जेसीबी मृत गाय को दफनाने जोगीपुरा पहुंची थी। काम खत्म होने के बाद चालक ने तेजी व लापरवाही से गाड़ी पीछे मोड़ते हुए लोहे का पंजा घुमा दिया, जो पास खड़ी 11 वर्षीय नैना के पेट में जा घुसा। मौके पर भी नैना की मौत हो गई। जेसीबी चालक ने भागने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीणों ने उसे पकड़ पुलिस को सौंप दिया। देर रात बच्ची के पिता बबलू की तहरीर पर चालक चंद्रपाल निवासी रमनपुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। लापरवाही के कारण मौत होने की धारा में कार्रवाई की गई है।
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यह भी पढ़ें ... हाथरस: जेसीबी के आगे का लोहे का पंजा बच्ची के पेट में घुसा, पेट फटने से आंतें आईं बाहर, तड़पकर हुई मौत
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100 मीटर तक घसीटता ले गया था जेसीबी चालक
बच्ची के पिता बबलू का आरोप है कि हादसे के बाद चालक चंद्रपाल ने जेसीबी नहीं रोकी। ग्रामीणों ने शोर मचाया तो वह जेसीबी को तेज रफ्तार में 100 मीटर तक ले गया। इस दौरान बच्ची जेसीबी में फंसी हुई थी। ग्रामीणों ने दौड़ कर घेरा और बच्ची को जेसीबी से निकाला। पेट फटने के कारण तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।


आरोपी चालक का लिया गया ब्लड सैंपल
परिजन व गांव के लोगों का आरोप था कि चालक चंद्रपाल नशे में जेसीबी चला रहा था। इसकी पुष्टि के लिए चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान चंद्रपाल का ब्लड सैंपल लिया गया। खून की जांच से स्पष्ट होगा चालक नशे में था या नहीं।

गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
नैना की मौत से परिवार वाले बदहवास हैं। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद दोपहर करीब एक बजे परिजन शव लेकर गांव पहुंचे। बच्ची का चेहरा देख मां, दादी, बहन व भाई का रो-रो कर बुरा हाल था। घर में छोटी होने के कारण वह सबकी लाडली थी। एहतियातन गांव में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई थी।

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