हे भगवान, तेज बारिश न हो...
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सादाबाद। शनिवार को सुबह से दोपहर तक रूक रूक कर हुई रिमझिम बारिश ने आलू किसानों को मायूस कर दिया। किसान तेज बारिश न होने की प्रार्थना भगवान से करते रहे। आसमान में छाए हुए बादलों को देखकर किसानों की सांसे अटकी रहीं।
शनिवार की तड़के अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में बादल छा गए और बूंदाबांदी होने लगी। यह देखकर आलू की खुदाई में जुटे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई। किसानों को चिंता सताए जा रही थी कि यदि बारिश तेज हुई तो कहीं खेत में ही उनका आलू न सड़ जाए। बारिश से आलू में गलाव न पड़ जाए। इधर, वैसे भी अबकी बार पिछले साल की अपेक्षा 10 से 20 फीसदी आलू की फसल का उत्पादन कम हुआ है। इस वजह से किसानों की नजर पूरे दिन आसमान पर ही टिकीं रहीं। हांलाकि बूंदाबांदी से फसल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन किसान आसमान में छाए हुए बादलों को देखकर तेज बारिश होने की संभावना से परेशान था। तेज बारिश से आलू की खुदाई के काम पर भी ब्रेक लग जाता है।