फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Municipality administration on the backfoot in the blacklist case of the firm

फर्म को ब्लैक लिस्ट मामले में पालिका प्रशासन बैकफुट पर

Tue, 18 Oct 2022 12:52 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 18 Oct 2022 12:52 AM IST
विज्ञापन
Municipality administration on the backfoot in the blacklist case of the firm
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
विज्ञापन

नगर पालिका परिषद द्वारा तालाब चौराहा स्थित तालाब के सौंदर्यीकरण कार्य को अधर में छोड़कर जाने वाली फर्म को काली सूची में डालने के मामले में पेच फंस गया है। नगर पालिका प्रशासन की ओर पालिका अध्यक्ष के अनुमोदन पर कार्यदायी संस्था ट्रेडिंग इंजीनियर्स को 7 अक्तूबर को अनुबंध निरस्त करने के साथ साथ 32 लाख रुपये की सिक्योरिटी जब्त कर फर्म को काली सूची में डाला गया। हैरानी की बात यह रही कि 10 अक्तूबर को ही यह आदेश को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद अब नगर पालिका प्रशासन ने उक्त फर्म को ब्लैक लिस्ट करने के लिए डीएम को संस्तुति की है।
उल्लेखनीय यह है कि नगर पालिका परिषद द्वारा तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए ट्रेडिंग इंजीनियर्स नामक फर्म से अनुबंध किया था। इसके बाद इस फर्म के द्वारा कार्य अधर में छोड़ने को लेकर नगर पालिकाध्यक्ष के अनुमोदन पर उक्त फर्म को ईओ नगर पालिका परिषद ने ब्लैक लिस्ट कर दिया।
विज्ञापन

चर्चा उस समय तेज हुई जब उक्त फर्म को ब्लैक लिस्ट की सूची से चंद दिनों बाद ही बाहर निकालते हुए उक्त फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की संस्तुति डीएम से की गई। वहीं दूसरी ओर करीब एक महीने पहले झांसी की ही एक और फर्म अर्वा एसोसिएट्स के खिलाफ दो कार्य को कराने में असफल रहने के कारण काली सूची में डालने की कार्रवाई की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह कार्रवाई भी नगर पालिका के चेयरमैन आशीष शर्मा के अनुमोदन से अधिशासी अधिकारी ने की थी। उक्त मामले को लेकर जैसे ही ट्वीट का दौर शुरू हुआ आनन फानन ट्रेडिंग इंजीनियर फर्म को काली सूची में डालने के मामले में पालिका ने अपने कदम पीछे खींच लिए और उक्त फर्म को ब्लैक लिस्ट करने के लिए जिलाधिकारी को संस्तुति की।
दरअसल, 15 वें वित्त की राशि से अर्वा एसोसिएट्स के तीन कार्य चल रहे थे। दो में फर्म का अनुबंध निरस्त करके उन कार्यों की सिक्योरिटी जब्त की गई है जबकि एक कार्य में फर्म को काली सूची में डालने के बाद भी न तो अनुबंध निरस्त हुआ है न ही उसकी सिक्योरिटी जब्त की गई है। इस मामले में पालिका की कार्रवाई से चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
हालांकि दूसरी ओर नगर पालिका परिषद हाथरस के चेयरमैन आशीष शर्मा के खिलाफ शासन स्तर से नगरपालिका अधिनियम 1916 की धारा 48 की कार्रवाई के सिलसिले में जो कारण बताओ नोटिस मिल रहे हैं, उनमें तालाब सौंदर्यीकरण का कार्य भी शामिल है। वहीं यह कार्य विजिलेंस जांच में भी शामिल हैं।

नगर पालिका ईओ राजकुमार सिंह यादव ने बताया कि इस फर्म को ब्लैक लिस्ट करने का अधिकार जिला स्तरीय कमेटी को है। इस कारण संबंधित कर्मचारियों की अनदेखी के कारण ब्लैक लिस्ट का आदेश जारी हो गया था। इस आदेश को निरस्त कर डीएम को ब्लैक लिस्ट करने की संस्तुति की गई है। पूर्व में भी जिस संस्था को ब्लैक लिस्ट किया गया है, उस संस्था को भी जिलाधिकारी को ब्लैक लिस्ट करने के लिए संस्तुति की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed