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Hathras News: खाते में रकम जमा कर भूल गए...बैंकों में पड़े ऐसे 55.8 करोड़ रुपये
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खाताधारकों ने अपने बैंक खातों में रकम जमा की और फिर उसे भूल गए। ऐसे जिले के 19 बैंकों में 55.8 करोड़ रुपये जमा है, जिसे लेने के लिए कोई दावेदार आगे नहीं आ रहा है। बचत व चालू खातों के साथ-साथ बीमा और अन्य वित्तीय संस्थाओं में यह धनराशि जमा है। इन खातों की संख्या करीब 2.48 लाख है।
जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक ने इसकी सूची जारी की है। सबसे ज्यादा अनक्लेम्ड राशि बचत खातों में पाई गई है। 2,41,573 बचत खातों में करीब 49.08 करोड़ रुपये लंबे समय से जमा हैं। 1702 चालू खातों में 1.92 करोड़ रुपये बिना दावे के पड़े हुए हैं। इसके अलावा 3335 अन्य खातों और संस्थाओं में 1.09 करोड़ रुपये जमा हैं, जिनमें बीमा, डिविडेंड और अन्य वित्तीय योजनाएं शामिल हैं।
सूची में यह भी सामने आया है कि 1510 सरकारी खाते ऐसे हैं, जिनमें 3.71 करोड़ रुपये वर्षों से निष्क्रिय पड़े हुए हैं। बैंकों के अनुसार इन अनक्लेम्ड जमाओं में बीमा दावे, पेंशन की राशि, म्यूचुअल फंड, डिविडेंड और अन्य वित्तीय लाभ भी शामिल हैं। कई मामलों में खाताधारकों की मृत्यु के बाद परिजनों को जानकारी न होने, पते बदल जाने या दस्तावेज पूरे न होने के कारण दावे नहीं हो पाए हैं।
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लीड बैंक प्रबंधक राजीव कुमार सबरवाल का कहना है कि इन रुपयों को उनके वास्तविक दावेदारों तक पहुंचाने के लिए प्रयास तेज किए जा रहे हैं। आमजन भी अपने पुराने खातों, बीमा पॉलिसियों, पेंशन या निवेश से संबंधित जानकारी अवश्य जांच लें, जिससे यदि कोई राशि उनके नाम से लंबित है तो उसे समय रहते प्राप्त किया जा सके।
कलेक्ट्रेट में 19 दिसंबर को लगेगा शिविर
एलडीएम राजीव कुमार सबरवाल ने बताया कि डीएम अतुल वत्स के निर्देशन में 19 दिसम्बर को एक बजे से शाम चार बजे तक कलेक्ट्रेट में एक शिविर लगाया जा रहा है। इसमें बैंकों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। लोग यहां आकर सरकारी योजना का लाभ उठा सकते हैं।
49.08 करोड़ रुपये हैं 2,41,573 बचत खातों में
1.92 करोड़ रुपये जमा हैं 1702 चालू खातों में
1.09 करोड़ रुपये जमा है अन्य संस्थाओं के पास
3.71 करोड़ रुपये 1510 सरकारी खातों में हैं जमा
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जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक ने इसकी सूची जारी की है। सबसे ज्यादा अनक्लेम्ड राशि बचत खातों में पाई गई है। 2,41,573 बचत खातों में करीब 49.08 करोड़ रुपये लंबे समय से जमा हैं। 1702 चालू खातों में 1.92 करोड़ रुपये बिना दावे के पड़े हुए हैं। इसके अलावा 3335 अन्य खातों और संस्थाओं में 1.09 करोड़ रुपये जमा हैं, जिनमें बीमा, डिविडेंड और अन्य वित्तीय योजनाएं शामिल हैं।
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सूची में यह भी सामने आया है कि 1510 सरकारी खाते ऐसे हैं, जिनमें 3.71 करोड़ रुपये वर्षों से निष्क्रिय पड़े हुए हैं। बैंकों के अनुसार इन अनक्लेम्ड जमाओं में बीमा दावे, पेंशन की राशि, म्यूचुअल फंड, डिविडेंड और अन्य वित्तीय लाभ भी शामिल हैं। कई मामलों में खाताधारकों की मृत्यु के बाद परिजनों को जानकारी न होने, पते बदल जाने या दस्तावेज पूरे न होने के कारण दावे नहीं हो पाए हैं।
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लीड बैंक प्रबंधक राजीव कुमार सबरवाल का कहना है कि इन रुपयों को उनके वास्तविक दावेदारों तक पहुंचाने के लिए प्रयास तेज किए जा रहे हैं। आमजन भी अपने पुराने खातों, बीमा पॉलिसियों, पेंशन या निवेश से संबंधित जानकारी अवश्य जांच लें, जिससे यदि कोई राशि उनके नाम से लंबित है तो उसे समय रहते प्राप्त किया जा सके।
कलेक्ट्रेट में 19 दिसंबर को लगेगा शिविर
एलडीएम राजीव कुमार सबरवाल ने बताया कि डीएम अतुल वत्स के निर्देशन में 19 दिसम्बर को एक बजे से शाम चार बजे तक कलेक्ट्रेट में एक शिविर लगाया जा रहा है। इसमें बैंकों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। लोग यहां आकर सरकारी योजना का लाभ उठा सकते हैं।
49.08 करोड़ रुपये हैं 2,41,573 बचत खातों में
1.92 करोड़ रुपये जमा हैं 1702 चालू खातों में
1.09 करोड़ रुपये जमा है अन्य संस्थाओं के पास
3.71 करोड़ रुपये 1510 सरकारी खातों में हैं जमा