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Hathras News: मीरपुर सहकारी समिति पर लटका मिला ताला, खाद के लिए भटक रहे किसान, बाजार में मिल रही है महंगी
Sun, 21 Jun 2026 10:58 AM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Sun, 21 Jun 2026 10:58 AM IST
सार
इन दिनों बाजरा और ज्वार की फसल में यूरिया खाद की अत्यधिक आवश्यकता है। समिति बंद होने के कारण किसान बाजार से महंगे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर हैं।
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मीरपुर गांव की ग्रामीण सहकारी समिति पर ताला
- फोटो : संवाद
विस्तार
सादाबाद क्षेत्र के मीरपुर गांव की ग्रामीण सहकारी समिति पर ताला लटका हुआ है। इससे किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। खेती का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
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किसानों का कहना है कि इन दिनों बाजरा और ज्वार की फसल में यूरिया खाद की अत्यधिक आवश्यकता है। समिति बंद होने के कारण किसान बाजार से महंगे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर हैं। किसान प्रवीण कुमार ने बताया कि सहकारी समिति अब सचिवों की मनमानी तक सीमित रह गई है। समय पर खाद न मिलने से किसानों की खेती पर लागत बढ़ रही है। इससे किसानों की पारिवारिक आर्थिक स्थिति भी गड़बड़ा रही है।
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किसान गजाधर सिंह के अनुसार, आलू की बुवाई के समय डीएपी खाद नहीं मिल पाया था। अब यूरिया की किल्लत बनी हुई है। बाजार में खाद ऊंचे दामों पर मिल रही है। यूरिया खाद के साथ दुकानदार जबरदस्ती अतिरिक्त वस्तुएं भी दे रहे हैं। इससे किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समिति नियमित रूप से खोली जानी चाहिए। समिति के सचिव ब्रजमोहन गौतम ने बताया कि जल्द ही सभी किसानों को नियमानुसार खाद बांटी जाएगी।
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