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Hathras News: मेडिकल कौंसिल ने रेडियोलॉजिस्ट को दिया दोषी करार
Tue, 13 Oct 2026 02:30 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 13 Oct 2026 02:30 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
बागला संयुक्त जिला चिकित्सालय में तैनात रेडियोलॉजिस्ट डाॅ. संतोष कुमार गुप्ता को मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया ने गलत प्रमाणपत्र बनाने के मामले में दोषी करार दिया है। दो साल पुरानी शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है, जिसमें जांच लंबित थी। शासन ने डाॅ. गुप्ता से तीन दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है।
मोहल्ला श्रीनगर निवासी अनिल कश्यप ने वर्ष 2024 में डाॅ. गुप्ता की शिकायत की थी। अनिल ने बताया कि वर्ष 2023 में छेड़छाड़ के मामले में पुलिस में शिकायत की गई थी, जिसमें उम्र निर्धारण के लिए मामला स्वास्थ्य विभाग भेजा गया था। उम्र निर्धारण के लिए गठित बोर्ड में रेडियोलॉजिस्ट होने के कारण डाॅ. संतोष गुप्ता भी शामिल थे।
आरोप है कि सभी प्रमाणपत्र होने के बावजूद रिपोर्ट में 16 वर्ष की किशोरी को 18 वर्ष का दर्शा दिया गया। अनिल कश्यप ने चिकित्सक पर रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए प्रकरण में स्वास्थ्य सेवा निदेशालय व मेडिकल कौंसिल में शिकायत की। स्थानीय स्तर पर भी जांच कमेटी बनी, जिसमें डाॅ. गुप्ता को दोषी ठहराया गया। इसके बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट की शरण ली और आरटीआई व प्रार्थना पत्रों के जरिये लगातार पैरवी करते रहे। अगस्त 2026 में उन्हें मेडिकल काैंसिल ने बुलाकर उनका पक्ष जाना था। सभी तथ्यों को जांचने के बाद मेडिकल कौंसिल ने डाॅ. गुप्ता को दोषी ठहराया है।
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लटकी पंजीकरण निरस्त होने की तलवार
शासन यदि स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं होता है तो प्रकरण में मेडिकल कौंसिल डाॅ. गुप्ता का पंजीकरण निरस्त कर सकता है। यदि ऐसा हुआ तो जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड प्रभावित रहेंगे। यही नहीं मेडिकोलीगल के दौरान एक्स-रे व सीटी स्कैन की आवश्यकता पर प्रकरण अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर करने पड़ेंगे।
रेडियोलॉजिस्ट पर कार्रवाई से संबंधित लेटर प्राप्त हो चुका है। शासन ने भी स्पष्टीकरण मांगा है। शासन के आदेश पर आगे कोई कार्यवाही की जाएगी।
-डाॅ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस, जिला अस्पताल
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मोहल्ला श्रीनगर निवासी अनिल कश्यप ने वर्ष 2024 में डाॅ. गुप्ता की शिकायत की थी। अनिल ने बताया कि वर्ष 2023 में छेड़छाड़ के मामले में पुलिस में शिकायत की गई थी, जिसमें उम्र निर्धारण के लिए मामला स्वास्थ्य विभाग भेजा गया था। उम्र निर्धारण के लिए गठित बोर्ड में रेडियोलॉजिस्ट होने के कारण डाॅ. संतोष गुप्ता भी शामिल थे।
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आरोप है कि सभी प्रमाणपत्र होने के बावजूद रिपोर्ट में 16 वर्ष की किशोरी को 18 वर्ष का दर्शा दिया गया। अनिल कश्यप ने चिकित्सक पर रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए प्रकरण में स्वास्थ्य सेवा निदेशालय व मेडिकल कौंसिल में शिकायत की। स्थानीय स्तर पर भी जांच कमेटी बनी, जिसमें डाॅ. गुप्ता को दोषी ठहराया गया। इसके बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट की शरण ली और आरटीआई व प्रार्थना पत्रों के जरिये लगातार पैरवी करते रहे। अगस्त 2026 में उन्हें मेडिकल काैंसिल ने बुलाकर उनका पक्ष जाना था। सभी तथ्यों को जांचने के बाद मेडिकल कौंसिल ने डाॅ. गुप्ता को दोषी ठहराया है।
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लटकी पंजीकरण निरस्त होने की तलवार
शासन यदि स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं होता है तो प्रकरण में मेडिकल कौंसिल डाॅ. गुप्ता का पंजीकरण निरस्त कर सकता है। यदि ऐसा हुआ तो जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड प्रभावित रहेंगे। यही नहीं मेडिकोलीगल के दौरान एक्स-रे व सीटी स्कैन की आवश्यकता पर प्रकरण अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर करने पड़ेंगे।
रेडियोलॉजिस्ट पर कार्रवाई से संबंधित लेटर प्राप्त हो चुका है। शासन ने भी स्पष्टीकरण मांगा है। शासन के आदेश पर आगे कोई कार्यवाही की जाएगी।
-डाॅ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस, जिला अस्पताल