{"_id":"6a442ea657c4701a370f25de","slug":"man-convicted-of-molesting-minor-sentenced-to-three-years-in-prison-hathras-news-c-56-1-hts1004-150686-2026-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: नाबालिग से छेड़खानी के दोषी को तीन साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: नाबालिग से छेड़खानी के दोषी को तीन साल की सजा
Wed, 01 Jul 2026 02:31 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Wed, 01 Jul 2026 02:31 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : Archive
न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) प्रथम निर्भय नारायण राय ने किशोरी से छेड़खानी के पांच साल पुराने मामले में मंगलवार को फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी प्रेमशंकर उर्फ प्रेमचंद्र को दोषी करार देते हुए तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है और पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
घटना चंदपा कोतवाली क्षेत्र की है। 14 अक्तूबर 2021 को एक महिला अपनी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ खेत पर घास काट रही थी। आरोप है कि जब उसकी बेटी नलकूप पर पानी पी रही थी, तभी आरोपी प्रेमशंकर ने पीछे से उसे दबोच लिया और उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। आरोपी ने उसे खींचकर नलकूप के कमरे के अंदर ले जाने का प्रयास किया।
चिल्लाने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए अपनी स्कूटी लेकर मौके से फरार हो गया। एसपी के आदेश पर घटना के तीन दिन बाद 17 अक्तूबर को छेड़खानी, एससी-एसटी एक्ट व पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज हुई। तत्कालीन सीओ ने विवेचना के बाद प्रेमशंकर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
विज्ञापन
ट्रायल के दौरान अदालत ने माना कि पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने और कोर्ट के समक्ष दिए बयानों में पूरी अडिगता दिखाई। सर्वोच्च न्यायालय के स्थापित सिद्धांतों के अनुसार पीड़िता का एकल बयान ही सजा के लिए पर्याप्त है यदि वह पूरी तरह विश्वसनीय हो।
सबूत व गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी प्रेमशंकर उर्फ प्रेमचंद्र को छेड़खानी व पॉक्सो एक्ट में दोषी पाया और सजा सुनाई। कोर्ट ने आदेश दिया कि जुर्माने की राशि वसूल होने के बाद पीड़िता को उसकी मानसिक पीड़ा, संत्रास और पुनर्वास के लिए बतौर मुआवजा दी जाए।
विज्ञापन
घटना चंदपा कोतवाली क्षेत्र की है। 14 अक्तूबर 2021 को एक महिला अपनी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ खेत पर घास काट रही थी। आरोप है कि जब उसकी बेटी नलकूप पर पानी पी रही थी, तभी आरोपी प्रेमशंकर ने पीछे से उसे दबोच लिया और उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। आरोपी ने उसे खींचकर नलकूप के कमरे के अंदर ले जाने का प्रयास किया।
विज्ञापन
चिल्लाने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए अपनी स्कूटी लेकर मौके से फरार हो गया। एसपी के आदेश पर घटना के तीन दिन बाद 17 अक्तूबर को छेड़खानी, एससी-एसटी एक्ट व पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज हुई। तत्कालीन सीओ ने विवेचना के बाद प्रेमशंकर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
विज्ञापन
ट्रायल के दौरान अदालत ने माना कि पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने और कोर्ट के समक्ष दिए बयानों में पूरी अडिगता दिखाई। सर्वोच्च न्यायालय के स्थापित सिद्धांतों के अनुसार पीड़िता का एकल बयान ही सजा के लिए पर्याप्त है यदि वह पूरी तरह विश्वसनीय हो।
सबूत व गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी प्रेमशंकर उर्फ प्रेमचंद्र को छेड़खानी व पॉक्सो एक्ट में दोषी पाया और सजा सुनाई। कोर्ट ने आदेश दिया कि जुर्माने की राशि वसूल होने के बाद पीड़िता को उसकी मानसिक पीड़ा, संत्रास और पुनर्वास के लिए बतौर मुआवजा दी जाए।