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मल्लाविद्या देश की प्राचीन विधा है- रामवीर उपाध्याय
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 01 Apr 2016 11:43 PM IST
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कुश्ती-दंगल के दौरान संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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सादाबाद। क्षेत्र के ग्राम वेदई में मेला फूलडोल के दूसरे दिन शुक्रवार को कुश्ती-दंगल का आयोजन हुआ। कुश्ती-दंगल में मुख्य अतिथि के रूप मे पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय एवं जिपं अध्यक्ष विनोद उपाध्याय मौजूद रहे। इस मौके पर पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय ने दंगल में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मल्ल विद्या हमारे देश की प्राचीन विधा है। मल्लविद्या से जहां शारीरिक विकास होता है वहीं मानसिक विकास भी होता है। क्योंकि नियमित व्यायाम सैंकड़ों रोगों का स्वंय उपचार है। उन्होने ग्रामीणों से आह्वान किया कि ग्रामीण स्तर पर नियमित रूप से अखाड़ों में छोटी उम्र से ही बच्चों को मल्लविद्या सिखानी चाहिए ताकि आगे चलकर देश-विदेश मे क्षेत्र का नाम रोशन कर सकें। इस मौके पर श्री विनोद उपाध्याय ने दंगल आयोजकों को बधाई दी। दंगल में क्षेत्र व दूसरे प्रांतो से आए पहलवानों ने अपनी-अपनी मल्लवद्यिा का प्रदर्शन किया। इस मौके पर प्रधानपति ठाकुर तिलक सिंह, पूर्व प्रधान बलवीर सिंह चौहान, राजकुमार शर्मा, रामवीर सिंह, प्रवीन शर्मा, रामबाबू शर्मा, संतोष चौहान, दिनेश चौहान आदि मौजूद थे।
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