{"_id":"57585ebe4f1c1b41359c5370","slug":"low-load-power-faltered-hathras","type":"story","status":"publish","title_hn":"कम लोड से लड़खड़ाई हाथरस की बिजली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कम लोड से लड़खड़ाई हाथरस की बिजली
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jun 2016 11:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाथरस। जिले में बिजली का संकट बेकाबू हुए जा रहा है। बुधवार को 220 केवी मीतई पारेषण केंद्र पर आगरा से मीतई आने वाली ट्रांसमिशन लाइन के पैनल की रिले बदले जाने का काम किया गया, जिससे आगरा से हाथरस की बिजली का संपर्क कटा रहा। खैर के जरिए जिले की बिजली को सुचारू रखने के लिए पर्याप्त लोड नहीं पाया।
गर्मी में उपकरणों और विद्युत लाइनों को दुरूस्त रखने के बुधवार को सुबह साढ़े आठ बजे से मीतई विद्युत पारेषण केंद्र पर रिले को बदले जाने का काम शुरू किया गया, जोकि देर शाम तक जारी रहा। इस वजह से हाथरस की बिजली को खैर से जोड़ दिया गया, लेकिन खैर से भी 500 एंपियर की जगह सिर्फ 300 एंपियर ही लोड मिल पाया, जिससे बामौली और मांट को गोकुल से विद्युत सप्लाई प्रदान कराई गई तो सादाबाद के 400 केवी बिजलीघर को मीतई की जगह सीधे आगरा से सप्लाई दी गई। खैर से कम लोड मिलने के कारण शहर में भी बिजली संकट बना रहा। यहां भी विभिन्न फीडरों को टुकड़ों में सप्लाई दी गई।
सादाबाद में बदली जर्जर लाइन, बत्ती गुल
सादाबाद क्षेत्र के गांव कूपा के पास भी बुधवार को टावर नंबर 96 और 97 पर जर्जर हो चुकी ट्रांसमिशन लाइन को बदले जाने का काम किया गया, जिससे सादाबाद की बिजली दोपहर दो बजे से रात सात बजे तक गुल रही। दिनभर बिजली गुल रहने से लोगों में काफी आक्रोश रहा। शाम को जैसे-तैसे सप्लाई दी गई। एसडीओ हरिओम सोनी ने बताया कि जर्जर ट्रांसमिशन लाइन को बदले जाने का काम किया गया था, जिससे बिजली गुल रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
गर्मी में उपकरणों और विद्युत लाइनों को दुरूस्त रखने के बुधवार को सुबह साढ़े आठ बजे से मीतई विद्युत पारेषण केंद्र पर रिले को बदले जाने का काम शुरू किया गया, जोकि देर शाम तक जारी रहा। इस वजह से हाथरस की बिजली को खैर से जोड़ दिया गया, लेकिन खैर से भी 500 एंपियर की जगह सिर्फ 300 एंपियर ही लोड मिल पाया, जिससे बामौली और मांट को गोकुल से विद्युत सप्लाई प्रदान कराई गई तो सादाबाद के 400 केवी बिजलीघर को मीतई की जगह सीधे आगरा से सप्लाई दी गई। खैर से कम लोड मिलने के कारण शहर में भी बिजली संकट बना रहा। यहां भी विभिन्न फीडरों को टुकड़ों में सप्लाई दी गई।
विज्ञापन
सादाबाद में बदली जर्जर लाइन, बत्ती गुल
सादाबाद क्षेत्र के गांव कूपा के पास भी बुधवार को टावर नंबर 96 और 97 पर जर्जर हो चुकी ट्रांसमिशन लाइन को बदले जाने का काम किया गया, जिससे सादाबाद की बिजली दोपहर दो बजे से रात सात बजे तक गुल रही। दिनभर बिजली गुल रहने से लोगों में काफी आक्रोश रहा। शाम को जैसे-तैसे सप्लाई दी गई। एसडीओ हरिओम सोनी ने बताया कि जर्जर ट्रांसमिशन लाइन को बदले जाने का काम किया गया था, जिससे बिजली गुल रही।
विज्ञापन