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बैंकों पर लंबी लाइनें, नकदी के लिए हंगामा
अमर उजाला, हाथरस
Updated Sat, 03 Dec 2016 11:53 PM IST
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मंडी में एसबीआई के एटीएम पर लगी लाइन।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले की बैंकों में कैश की किल्लत बरकरार है। डिमांड के हिसाब से जो धनराशि मिल रही है, वह ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है। जिले की अधिकांश बैंक शाखाओं में कैश ही नहीं है। इस कारण लोग मायूस होकर लौट रहे हैं।
शनिवार को भी कई बैंक शाखाओं के बार जमकर धक्का-मुक्की और हंगामा हुआ। देहात की कई बैंकों पर नो कैश के बोर्ड लटके रहे। कतारों में लगे लोग फजीहत झेलते रहे। कभी बैंक के अंदर घुसने के लिए मारामारी तो कभी गेट खुलवाने के लिए बैंक के गार्ड और पुलिस कर्मियों से नोक-झाेंक होती रही।
नोटबंदी को लागू हुए 25 दिन बीत चुके हैं। यह 25 दिन लोगों के लिए बेहद परेशानी भरे बीते हैं। बैंकों के बाहर लगने के बाद भी लोगों को कैश नहीं मिल पाया है। कैश नहीं मिलने से कोई अपने बच्चों की स्कूल फीस नहीं भर पा रहा है, तो कोई मकान का किराया नहीं चुका पा रहा।
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नौकरी पेशा लोगों की सैलरी तक नहीं निकल पा रही। शनिवार को शहर के सादाबाद गेट स्थित स्टेट बैंक, चक्की बाजार स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, मधुगढ़ी स्थित पंजाब नेशनल बैंक, अलीगढ़ रोड स्थित कई बैंकोें के बाहर लोगों की कैश निकालने व जमा करने के लिए लंबी कतारें लगी रहीं।
बैंक के अंदर घुसने की जल्दबाजी में शोर शराबा भी हुआ। पुलिसकर्मी भी लोगों की बेकाबू भीड़ को संभालने में पसीना बहाते रहे। सादाबाद में एसबीआई की मुख्य शाखा, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, सिंडिकेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर लोगोें की कतारें लगी रहीं।
किसी बैंक में दो हजार रुपये की निकासी की गई तो किसी में चार हजार रुपये की। कई बैंक शाखाओं में दोपहर तक कैश खत्म हो गया। शुक्रवार की रात को अलीगढ़ रोड पर मंडी समिति के एटीएम पर कैश निकासी को लेकर हंगामा हुआ और कुछ लोगों ने एटीएम पर तोड़-फोड़ भी की।
वहीं बाजार ने करेंसी की किल्लत से निपटने का रास्ता निकाल लिया है। कारोबारियों ने मजबूरी में कैशलैस बिजनेस की ओर कदम बढ़ा दिया है। फुटकर बाजार में शहर के कई दुकानदार और कारोबारियों ने स्वाइप मशीन और ई-वॉलेट का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। थोक बाजार में भी चैक से पेमेंट करने का सिलसिला तेज हो गया है।
काफी लोगों ने अपने अपने मोबाइल से ई-बैंकिंग भी शुरू कर दी है। ऐसे में कारोबार अपनी पटरी पर लौट रहा है। अलीगढ़ रोड स्थित अक्रूर इंटर कॉलेज के निकट बैटरी की दुकान करने वाले कमलकांत दोबरावाल ने कैश के साथ ही स्वाइप मशीन का विकल्प अपना लिया है।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन ई पेमेंट सुविधा होने के बाद भी लोग अभी भी हजार और पांच सौ के नोटों से माल खरीदना चाहते हैं। इस मशीन के लग जाने के बाद काफी हद तक कैश से पेमेंट करने की समस्या खत्म हुई। ग्राहकों को भी भुगतान करने में काफी आसानी हो रही है। वहीं सर्राफा मार्केट में स्थित सराफा कारोबारी राजेश अग्रवाल ने भी स्वाइप मशीन की तकनीक को अपना लिया है।
राजेश अग्रवाल ने बताया कि बैंकों में कैश नहीं है, इस वजह से चारों तरफ कैश की किल्लत से हाहाकार मचा है। कैश न होने की वजह से लोग कुछ खरीद नहीं पा रहे हैं। इसलिए उन्हाेंने बदलते जमाने में ऑनलाइन ई-पेमेंट की सुविधा ग्राहकों को देना शुरू कर दिया है। उन्हाेंने अपने यहां स्वाइप मशीन लगवा ली है।
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शनिवार को भी कई बैंक शाखाओं के बार जमकर धक्का-मुक्की और हंगामा हुआ। देहात की कई बैंकों पर नो कैश के बोर्ड लटके रहे। कतारों में लगे लोग फजीहत झेलते रहे। कभी बैंक के अंदर घुसने के लिए मारामारी तो कभी गेट खुलवाने के लिए बैंक के गार्ड और पुलिस कर्मियों से नोक-झाेंक होती रही।
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नोटबंदी को लागू हुए 25 दिन बीत चुके हैं। यह 25 दिन लोगों के लिए बेहद परेशानी भरे बीते हैं। बैंकों के बाहर लगने के बाद भी लोगों को कैश नहीं मिल पाया है। कैश नहीं मिलने से कोई अपने बच्चों की स्कूल फीस नहीं भर पा रहा है, तो कोई मकान का किराया नहीं चुका पा रहा।
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नौकरी पेशा लोगों की सैलरी तक नहीं निकल पा रही। शनिवार को शहर के सादाबाद गेट स्थित स्टेट बैंक, चक्की बाजार स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, मधुगढ़ी स्थित पंजाब नेशनल बैंक, अलीगढ़ रोड स्थित कई बैंकोें के बाहर लोगों की कैश निकालने व जमा करने के लिए लंबी कतारें लगी रहीं।
बैंक के अंदर घुसने की जल्दबाजी में शोर शराबा भी हुआ। पुलिसकर्मी भी लोगों की बेकाबू भीड़ को संभालने में पसीना बहाते रहे। सादाबाद में एसबीआई की मुख्य शाखा, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, सिंडिकेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर लोगोें की कतारें लगी रहीं।
किसी बैंक में दो हजार रुपये की निकासी की गई तो किसी में चार हजार रुपये की। कई बैंक शाखाओं में दोपहर तक कैश खत्म हो गया। शुक्रवार की रात को अलीगढ़ रोड पर मंडी समिति के एटीएम पर कैश निकासी को लेकर हंगामा हुआ और कुछ लोगों ने एटीएम पर तोड़-फोड़ भी की।
वहीं बाजार ने करेंसी की किल्लत से निपटने का रास्ता निकाल लिया है। कारोबारियों ने मजबूरी में कैशलैस बिजनेस की ओर कदम बढ़ा दिया है। फुटकर बाजार में शहर के कई दुकानदार और कारोबारियों ने स्वाइप मशीन और ई-वॉलेट का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। थोक बाजार में भी चैक से पेमेंट करने का सिलसिला तेज हो गया है।
काफी लोगों ने अपने अपने मोबाइल से ई-बैंकिंग भी शुरू कर दी है। ऐसे में कारोबार अपनी पटरी पर लौट रहा है। अलीगढ़ रोड स्थित अक्रूर इंटर कॉलेज के निकट बैटरी की दुकान करने वाले कमलकांत दोबरावाल ने कैश के साथ ही स्वाइप मशीन का विकल्प अपना लिया है।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन ई पेमेंट सुविधा होने के बाद भी लोग अभी भी हजार और पांच सौ के नोटों से माल खरीदना चाहते हैं। इस मशीन के लग जाने के बाद काफी हद तक कैश से पेमेंट करने की समस्या खत्म हुई। ग्राहकों को भी भुगतान करने में काफी आसानी हो रही है। वहीं सर्राफा मार्केट में स्थित सराफा कारोबारी राजेश अग्रवाल ने भी स्वाइप मशीन की तकनीक को अपना लिया है।
राजेश अग्रवाल ने बताया कि बैंकों में कैश नहीं है, इस वजह से चारों तरफ कैश की किल्लत से हाहाकार मचा है। कैश न होने की वजह से लोग कुछ खरीद नहीं पा रहे हैं। इसलिए उन्हाेंने बदलते जमाने में ऑनलाइन ई-पेमेंट की सुविधा ग्राहकों को देना शुरू कर दिया है। उन्हाेंने अपने यहां स्वाइप मशीन लगवा ली है।