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Hathras News: हत्या के मामले में चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा, यह है मामला
Sat, 17 Feb 2024 12:03 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Sat, 17 Feb 2024 12:03 AM IST
सार
किसान खेत से घर आ रहा था कि पहले से ही घात लगाए बैठे लोगों ने रास्ता रोक लिया। जान से मारने की नीयत से अवैध असलाह से फायर किया। गोली पैर से रगड़ता हुआ निकल गया। लाठी-डंडी से भी हमला किया। उन्हें गंभीर अवस्था में आगरा रेफर किया उसके बाद अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई थी। मामले में चार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
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आजीवन कारावास
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
हाथरस की अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक महेंद्र श्रीवास्तव के न्यायालय ने हत्या के एक मामले में चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थ दंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजपाल सिंह दिसवार ने बताया कि थाना सिकंदराराऊ के गांव गढ़िया इकबालपुर की निवासी गीता देवी ने थाने में तहरीर दी थी। तहरीर में कहा था कि घटना 25 जुलाई 2018 शाम करीब 7:30 बजे की है। पति खेत से अपना कार्य निपटाकर घर आ रहे थे कि पहले से ही अपने घर के सामने घात लगाए बैठे हरिकेश व समरजीत पुत्र होरीलाल, रंजीत पुत्र उदयवीर सोनू पुत्र सर्वेश ने एक राय होकर रास्ता रोक लिया। जान से मारने की नीयत से अवैध असलाह से फायर किया। गोली पैर से रगड़ता हुआ निकल गया। लाठी-डंडी से भी हमला किया।
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हमलावर कह रहे थे कि तेरी वजह से हमारे पट्टे निरस्त हुई हैं। चीख-पुकार सुनकर रामजीलाल, शारदा देवी घटनास्थल पर पहुंचे। लोगों की मदद से घायल पति रवेंद्र उर्फ बिल्ला को इलाज के लिए पुलिस के माध्यम से सरकारी अस्पताल सिकंदराराऊ ले जाया गया। उन्हें गंभीर अवस्था में आगरा रेफर किया उसके बाद अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
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इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक महेंद्र श्रीवास्तव के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत चारों आरोपियों हरिकेश, समरजीत, रंजीत व सोनू को दोषी करार दिया। न्यायालय ने चारों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थ दंड भी लगाया है। अर्थ दंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।