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कुष्ठ रोग निवारण को लेकर सजग स्वास्थ्य महकमा

Mon, 16 Jan 2017 11:49 PM IST
अमर उजाला, हाथरस
अमर उजाला, हाथरस Updated Mon, 16 Jan 2017 11:49 PM IST
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Leprosy Prevention aware of the health department
doctor shimla
स्वास्थ्य महकमे द्वारा जिले में 30 जनवरी को कुष्ठ निवारण दिवस मनाया जाएगा। इस दिन से 13 फरवरी तक स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान भी संचालित किया जाएगा। इसके लिए जनपद की सभी ग्राम पंचायत, ग्राम सभा एवं नगरीय वार्डों में बैठक भी की जाएगी। मिशन निदेशक आलोक कुमार ने इस संबंध में दिशा निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
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शासन का मानना है कि पिछले दस सालों से कुष्ठ रोग के महत्वपूर्ण इंडीकेटर में कोई विशेष परिवर्तन नहीं आया है। लगभग स्थिर है। जिससे स्पष्ट है कि अभी समाज में कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति छिपे हुए हैं, जिनका देरी से इलाज होने के कारण उनमें ग्रेड द्वितीय का दिव्यांगता का स्तर बढ़ रहा है।
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ऐसे छुपे हुए कुष्ठ रोगियों के कारण ही शिशुओं में रोग का संक्रमण हो रहा है। इस अभियान में चिकित्सा विभाग को पंचायती राज, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, महिला एवं बाल विकास व सामाजिक न्याय सशक्तिकरण आदि से समन्वय स्थापित करना होगा।
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जिला स्तर पर जिला कुष्ठ अधिकारी जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में अभियान का अनुमोदन प्राप्त करेंगे। इसमें कई संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। विकास खंड स्तर पर प्रभारी चिकित्साधिकारी/अधीक्षक रोगी कल्याण समिति की बैठक करेंगे।

विकास खंड स्तर से आवश्यक सामग्री को ग्राम स्तर पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएगा। 30 जनवरी को डीएम की अपील, ग्राम प्रधान का भाषण होगा। इस दौरान ग्रामीणों को अपने गांव को कुष्ठ रोग से मुक्त कराने की प्रतिज्ञा दिलाई भी जाएगी। सीएमओ डॉ. रामवीर सिंह ने बताया कि इस अभियान को लेकर जिला कुष्ठ रोग अधिकारी के अलावा सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को इसके आदेश दे दिए गए हैं।


कुष्ठ रोग एक साधारण रोग है। यह लेप्रा बेसिलाई नामक जीवाणु से फैलता है। यह छूआछूत का रोग नहीं है। इसकी जांच और उपचार सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क उपलब्ध है। यदि कुष्ठ रोग की पहचान व जांच शुरूआत में ही करा ली जाए और पूरा उपचार लिया जाए तो कुष्ठ रोग पूर्ण रूप से ठीक हो जाता है। इस रोग से होने वाली विकलांगता से भी बचा जा सकता है। इस उपचार की अवधि छह माह या 12 माह की हो सकती है। यदि आपके पास या पड़ोस में किसी व्यक्ति को कुष्ठ रोग के लक्षण दिखाई पड़े तो अपने गांव की आशा, आंगनबाड़ी व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से संपर्क कर इसकी जांच कराएं। अभियान के लिए जिलाधिकारी भी अपील करेंगे।

 
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