{"_id":"5728e6fd4f1c1be3075ccff1","slug":"legislators-said-we-pilaange-water-deer","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधायक बोले हम पिलाएंगे हिरनों को पानी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधायक बोले हम पिलाएंगे हिरनों को पानी
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 May 2016 11:29 PM IST
विज्ञापन
बिन पानी सूखा पड़ा तालाब
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाथरस। सिकंदराराऊ के जंगलों में चारे-पानी की कमी से मर रहे दुर्लभ काले, सफेद और लाल हिरनों की सलामती का बीड़ा अब वन्य जीव संरक्षण समिति ने उठाया है। ‘अमर उजाला’ की खबर के बाद समिति ने क्षेत्रीय विधायक व पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय से इस क्षेत्र में अपने कोटे से वन्य जीव बहुल इलाके में पांच हैंडपंप लगवाने की मांग की तो विधायक ने सहमति दे दी। विधायक का कहना है कि समिति के पदाधिकारी उनसे मिलकर चर्चा कर लें। जहां भी जरूरत होगी, हैंडपंप लगवा दिए जाएंगे। इसके अलावा हिरनों की हिफाजत के लिए वह हरसंभव सहयोग भी करेंगे।
समिति के अध्यक्ष वीरपाल सिंह ने विधायक व पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय को इस बारे में पत्र भेजा है। उन्होंने कहा है कि टटी डंडिया, ऐंचोला शहादपुर और मुबारकपुर कपसिया के जंगलों में मुख्यत: हिरन रहते हैं। यहां इनकी तादाद 400 से 500 के आसपास है। इस क्षेत्र में कम से कम पांच हैंडपंप लग जाएं तो यहां आने वाले राहगीर और पर्यटक जब इनका इस्तेमाल करेंगे तो इसका अनुपयोगी पानी वन्य जीवों के काम आ सकता है। उन्होंने विधायक से इस क्षेत्र में दो सबमर्सिबल पंप भी लगवाने की मांग की है, जिससे जगह-जगह गड्ढे खुदवाकर उनमें हिरनों के पीने के लिए पानी भरवाया जा सके। अध्यक्ष ने विधायक से इस क्षेत्र को वन्य जीवों के लिए महफूज बनाने के लिए चारे-पानी के अलावा इनकी सुरक्षा और देखभाल का भी इंतजाम कराने की मांग की है।
बिन पानी सूखा पड़ा तालाब
वन्य जीवों की सुरक्षा का पूरा इंतजाम कराया जाएगा। सिकंदराराऊ रेंज के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह क्षेत्र में रात में पेट्रोलिंग कराएं और दुर्लभ हिरनों की शिकारी व कुत्तों से सुरक्षा सुनिश्चित करें।
विज्ञापन
-एके कश्यप, डीएफओ हाथरस
दुर्लभ हिरनों की रक्षा के लिए जितने हैंडपंपों की जरूरत होगी, लगवाने को तैयार हूं। समिति के लोग आकर मुझे बता दें कि कहां-कहां हैंडपंप लगवाने हैं। इसके अलावा इनकी सुरक्षा और संरक्षण के लिए भी हरसंभव मदद के लिए तैयार हैं।
-रामवीर उपाध्याय, विधायक सिकंदराराऊ
विज्ञापन
समिति के अध्यक्ष वीरपाल सिंह ने विधायक व पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय को इस बारे में पत्र भेजा है। उन्होंने कहा है कि टटी डंडिया, ऐंचोला शहादपुर और मुबारकपुर कपसिया के जंगलों में मुख्यत: हिरन रहते हैं। यहां इनकी तादाद 400 से 500 के आसपास है। इस क्षेत्र में कम से कम पांच हैंडपंप लग जाएं तो यहां आने वाले राहगीर और पर्यटक जब इनका इस्तेमाल करेंगे तो इसका अनुपयोगी पानी वन्य जीवों के काम आ सकता है। उन्होंने विधायक से इस क्षेत्र में दो सबमर्सिबल पंप भी लगवाने की मांग की है, जिससे जगह-जगह गड्ढे खुदवाकर उनमें हिरनों के पीने के लिए पानी भरवाया जा सके। अध्यक्ष ने विधायक से इस क्षेत्र को वन्य जीवों के लिए महफूज बनाने के लिए चारे-पानी के अलावा इनकी सुरक्षा और देखभाल का भी इंतजाम कराने की मांग की है।
विज्ञापन
बिन पानी सूखा पड़ा तालाब
वन्य जीवों की सुरक्षा का पूरा इंतजाम कराया जाएगा। सिकंदराराऊ रेंज के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह क्षेत्र में रात में पेट्रोलिंग कराएं और दुर्लभ हिरनों की शिकारी व कुत्तों से सुरक्षा सुनिश्चित करें।
विज्ञापन
-एके कश्यप, डीएफओ हाथरस
दुर्लभ हिरनों की रक्षा के लिए जितने हैंडपंपों की जरूरत होगी, लगवाने को तैयार हूं। समिति के लोग आकर मुझे बता दें कि कहां-कहां हैंडपंप लगवाने हैं। इसके अलावा इनकी सुरक्षा और संरक्षण के लिए भी हरसंभव मदद के लिए तैयार हैं।
-रामवीर उपाध्याय, विधायक सिकंदराराऊ