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हर गलत हरकत का डटकर मुकाबला करना सीखें
Sat, 12 Jan 2019 12:26 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Sat, 12 Jan 2019 12:26 AM IST
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अमर उजाला के बैनर तले आयोजित पुलिस की पाठशाला में छात्राओं के साथ चर्चा करते एसपी एवं प्रधानाचार्य।
- फोटो : अमर उजाला
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सासनी। सीमेक्स इंटरनेशनल स्कूल में शुक्रवार को अमर उजाला की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के अंतर्गत पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ शंकर मीणा एवं प्रधानाचार्य एसके सिंह मंचासीन थे। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने मां सरस्वती के छविचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया। इसके बाद स्कूली बच्चों ने मां सरस्वती की वंदना एवं स्वागत गान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन सुमन श्रोतिय ने किया।
कार्यक्रम के प्रथम चरण में स्कूल की छात्रा सृष्टि चौधरी, खुशबू सेंगर, चंचल शर्मा, ज्योति, दिशा, भावना, रेनू, दिव्यांशी, हर्षिता, लक्ष्मी, निपुना ने अपने मन की बात बेबाकी से पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखी। उनके साथ हो रहे भेदभाव पर चर्चा की। पुलिस अधीक्षक ने बेटियों के हर सवाल का जवाब बेबाक अंदाज में दिया। एक प्रश्न के उत्तर में एसपी ने कहा कि सामाजिक परिवेश को बदलना होगा। संरक्षकों की सोच बदलनी होगी। आज छेड़छाड़ एवं अपहरण की घटनाएं कम हो रही हैं। बहुत सारी हेल्प लाइन हैैं, जिनके द्वारा सुरक्षा दी जाती है। सूचना देने पर पुलिस मौके पर पहुंच जाती है। छात्रा द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि संरक्षकों की रूढ़िवादी सोच अच्छी नहीं है। इसे बदलना होगा। आज महिला पुलिस मौजूद है। महिलाओं को पूरी तरह सुना जाता है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होेंने कहा कि पुरुष प्रधान समाज में बेटों को अधिक महत्व दिया जाता था, लेकिन आज सोच बदली है। बेटी और बेटे का अधिकार बराबर है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि शिकायत मिलने पर एक्शन लिया जाएगा। चेकिंग कराई जाएगी। स्कूल-कॉलेज के इधर-उधर घूमने वाले मनचलों से सख्ती से निपटा जाएगा। एंटी रोमियो शुरू कराया जाएगा।
एसपी ने कहा कि बेटियों की जागरूकता और सशक्तीकरण पुलिस की पाठशाला आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि तुम चुप्पी तोड़ो, हम तुम्हारे साथ हैं। छात्राएं निडर बनें, निर्भीक बनें और अपने साथ होने वाली हर गलत हरकत का डटकर मुकाबला करें। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि खुद से सवाल कर अपने आत्मबल का विकास करें। किसी तरह की बात को नहीं छिपाएं। परेशानी में डरें या घबराएं नहीं, बस बताएं। आरोपी बच नहीं पाएगा। आपको पुलिस के कर्तव्य अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में गलती करने वालों को सजा का निर्धारण करने के लिए पुलिस व्यवस्था बनाई गई है। पुलिस और पब्लिक के बीच संवाद हीनता सबसे बड़ी वजह है। इसे दूर कर समझना होगा। पुलिस मित्र है, दुश्मन नहीं, हम भी आपके परिवार का एक हिस्सा हैं। छात्राओं को डायल 100, 1090, 1790 आदि की विस्तृत जानकारी दी। अंत में प्राचार्य एसके सिंह ने पुलिस कप्तान एवं अमर उजाला परिवार को धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया। इस मौके पर नवीनचंद्र शर्मा, अंकित कुशवाहा, अजय कुमार, सुरेंद्र पाठक, प्रमोद, अंजना, विकास, दीपक सिंह, राजीव सिंह आदि मौजूद थे।
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कार्यक्रम के प्रथम चरण में स्कूल की छात्रा सृष्टि चौधरी, खुशबू सेंगर, चंचल शर्मा, ज्योति, दिशा, भावना, रेनू, दिव्यांशी, हर्षिता, लक्ष्मी, निपुना ने अपने मन की बात बेबाकी से पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखी। उनके साथ हो रहे भेदभाव पर चर्चा की। पुलिस अधीक्षक ने बेटियों के हर सवाल का जवाब बेबाक अंदाज में दिया। एक प्रश्न के उत्तर में एसपी ने कहा कि सामाजिक परिवेश को बदलना होगा। संरक्षकों की सोच बदलनी होगी। आज छेड़छाड़ एवं अपहरण की घटनाएं कम हो रही हैं। बहुत सारी हेल्प लाइन हैैं, जिनके द्वारा सुरक्षा दी जाती है। सूचना देने पर पुलिस मौके पर पहुंच जाती है। छात्रा द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि संरक्षकों की रूढ़िवादी सोच अच्छी नहीं है। इसे बदलना होगा। आज महिला पुलिस मौजूद है। महिलाओं को पूरी तरह सुना जाता है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होेंने कहा कि पुरुष प्रधान समाज में बेटों को अधिक महत्व दिया जाता था, लेकिन आज सोच बदली है। बेटी और बेटे का अधिकार बराबर है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि शिकायत मिलने पर एक्शन लिया जाएगा। चेकिंग कराई जाएगी। स्कूल-कॉलेज के इधर-उधर घूमने वाले मनचलों से सख्ती से निपटा जाएगा। एंटी रोमियो शुरू कराया जाएगा।
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एसपी ने कहा कि बेटियों की जागरूकता और सशक्तीकरण पुलिस की पाठशाला आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि तुम चुप्पी तोड़ो, हम तुम्हारे साथ हैं। छात्राएं निडर बनें, निर्भीक बनें और अपने साथ होने वाली हर गलत हरकत का डटकर मुकाबला करें। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि खुद से सवाल कर अपने आत्मबल का विकास करें। किसी तरह की बात को नहीं छिपाएं। परेशानी में डरें या घबराएं नहीं, बस बताएं। आरोपी बच नहीं पाएगा। आपको पुलिस के कर्तव्य अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में गलती करने वालों को सजा का निर्धारण करने के लिए पुलिस व्यवस्था बनाई गई है। पुलिस और पब्लिक के बीच संवाद हीनता सबसे बड़ी वजह है। इसे दूर कर समझना होगा। पुलिस मित्र है, दुश्मन नहीं, हम भी आपके परिवार का एक हिस्सा हैं। छात्राओं को डायल 100, 1090, 1790 आदि की विस्तृत जानकारी दी। अंत में प्राचार्य एसके सिंह ने पुलिस कप्तान एवं अमर उजाला परिवार को धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया। इस मौके पर नवीनचंद्र शर्मा, अंकित कुशवाहा, अजय कुमार, सुरेंद्र पाठक, प्रमोद, अंजना, विकास, दीपक सिंह, राजीव सिंह आदि मौजूद थे।
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