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Hathras News: मेले में पहली बार लावनी व ख्याल गायकी बंद
Sun, 20 Sep 2026 02:26 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sun, 20 Sep 2026 02:26 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
मेला श्रीदाऊजी महाराज में सदियों पुरानी पारंपरिक लोक विधा लावनी व ख्याल गायकी को इस वर्ष सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सूची से बाहर कर दिया गया है। मेले के 115 वर्षों के लंबे इतिहास में पहली बार यह आयोजन के बंद होने से इसके कलाकारों और लोक कला के मुरीदों में मायूसी व नाराजगी है।
इस विधा को पुनर्जीवित कराने और मेले में बहाल करने के लिए तुर्रा अखाड़े के वरिष्ठ कलाकार ने मुख्यमंत्री व सूचना प्रसारण मंत्रालय को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। कछपुरा निवासी तुर्रा अखाड़े के कलाकार राजेंद्र सिंह राज ने पत्र में कहा है कि जब वह इस पारंपरिक विधा को पूर्ववत बहाल कराने के लिए अपर जिलाधिकारी के पास प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचे, तो उन्होंने इसे दोबारा शामिल करने से साफ शब्दों में मना कर दिया। संवाद
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इस विधा को पुनर्जीवित कराने और मेले में बहाल करने के लिए तुर्रा अखाड़े के वरिष्ठ कलाकार ने मुख्यमंत्री व सूचना प्रसारण मंत्रालय को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। कछपुरा निवासी तुर्रा अखाड़े के कलाकार राजेंद्र सिंह राज ने पत्र में कहा है कि जब वह इस पारंपरिक विधा को पूर्ववत बहाल कराने के लिए अपर जिलाधिकारी के पास प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचे, तो उन्होंने इसे दोबारा शामिल करने से साफ शब्दों में मना कर दिया। संवाद
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