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जलभराव पर भड़के लाला का नगला के बाशिंदे
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jun 2016 11:42 PM IST
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लाला का नगला में जलभराव की समस्या को लेकर प्रदर्शन करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। मुरसान गेट क्षेत्र के लोगों को अभी एक माह और जलभराव की समस्या से जूझना पड़ेगा। बारिश हो या बिन बारिश जलभराव, अभी यूं ही बना रहेगा। नई सीवर लाइन से मुरसान गेट और आसपास के क्षेत्र को एक बाद जोड़ा जाएगा। जब तक लोगों को यह समस्या उठानी ही पड़ेगी। जलभराव को लेकर लोगों में गुस्सा है। लाला का नगला के बाशिंदों ने इस समस्या को लेकर प्रदर्शन भी किया।
लोगाें ने इस समस्या को लेकर पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। बता दें कि मुरसान गेट, जागेश्वर, विद्यापति नगर, लक्ष्मीनगर, लाला का नगला, विजयनगर, गंगाधर गली, रामनगर कॉलोनी, पंजाबी क्वार्टर, पुराना मिल कंपाउंड में जगह-जगह कई साल से जलभराव की समस्या बनी हुई है। पालिका द्वारा करोड़ों रुपये खर्च नई सीवर लाइन डलवाई गई है। सीवर लाइन डालने का काम पूरा हो गया है, लेकिन अभी मुरसान गेट सीवरेज कुआं का जीर्णोद्धार होना बाकी है। कुआं को बड़ा करने और आधुनिक मशीनें लगाने का काम होना अभी बाकी है। कुआं का जीर्णोद्धार होने में एक माह का समय लगेगा। उसके बाद सभी क्षेत्रों की नालियों को सीवर लाइन से जोड़ा जाएगा। उसके बाद ही जल निकासी की व्यवस्था हो सकेगी।
सांसद की कॉलोनी नहीं जुड़ेगी नई सीवर लाइन से
मुरसान गेट सीवरेज कुआं का जीर्णोद्धार होने के बाद भी मुरसान वसंधुरा एन्क्लेव कॉलोनी के लोगों की जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हो पाएगा। लोगों को इससे अभी और जूझना पडे़गा। गौरतलब है कि इस कॉलोनी में भाजपा सांसद राजेश दिवाकर के अलावा कई न्यायिक अधिकारी भी यहां रहते हैं। चेयरमैन डौली माहौर ने कहा कि यह कॉलोनी नगर पालिका क्षेत्र में नहीं है। प्राइवेट कॉलोनी से नगर पालिका का कोई लेना-देना नहीं है।
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बारिश में तो और भयावह होंगे हालात
इस माह बारिश अच्छी होने की उम्मीद है। यदि ऐसे में तेज बारिश लगातार कई दिन हो गई तो पूरे मुरसान गेट पर जलभराव रौद्र रूप ले सकता है। बिन बारिश ही यहां जलभराव हो रहा है। बारिश होने पर तो गंदा पानी घरों में घुसना तय है। मुरसान गेट क्षेत्र के लोगों यही सोच रहे हैं कि यदि कई दिन लगातार बारिश हुई तो गंदा पानी कहां से कैसे निकलेगा।
- मुरसान गेट गंदा कुआं पर जीर्णोद्वार का कार्य तेजी से चल रहा है। एक माह में कुआं को बड़ा कर आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। जीर्णोद्वार होने के बाद दस हजार से अधिक आवादी का गंदा पानी इस कुआं से जोड़ा जा सकेगा। वसुंधरा एंक्लेव कॉलोनी नगरपालिका के अधीन नहीं है इसलिए उसे नई सीवर लाइन से नहीं जोड़ा जाएगा। एक माह बाद तमाम क्षेत्र को जलभराव से मुक्ति मिल जाएगी। यदि किसी क्षेत्र में ज्यादा जलभराव होगा तो ट्रॉली लगवाकर निकलवा दिया जाएगा।
- वासुदेव माहौर, चेयरमैन प्रतिनिधि
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लोगाें ने इस समस्या को लेकर पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। बता दें कि मुरसान गेट, जागेश्वर, विद्यापति नगर, लक्ष्मीनगर, लाला का नगला, विजयनगर, गंगाधर गली, रामनगर कॉलोनी, पंजाबी क्वार्टर, पुराना मिल कंपाउंड में जगह-जगह कई साल से जलभराव की समस्या बनी हुई है। पालिका द्वारा करोड़ों रुपये खर्च नई सीवर लाइन डलवाई गई है। सीवर लाइन डालने का काम पूरा हो गया है, लेकिन अभी मुरसान गेट सीवरेज कुआं का जीर्णोद्धार होना बाकी है। कुआं को बड़ा करने और आधुनिक मशीनें लगाने का काम होना अभी बाकी है। कुआं का जीर्णोद्धार होने में एक माह का समय लगेगा। उसके बाद सभी क्षेत्रों की नालियों को सीवर लाइन से जोड़ा जाएगा। उसके बाद ही जल निकासी की व्यवस्था हो सकेगी।
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सांसद की कॉलोनी नहीं जुड़ेगी नई सीवर लाइन से
मुरसान गेट सीवरेज कुआं का जीर्णोद्धार होने के बाद भी मुरसान वसंधुरा एन्क्लेव कॉलोनी के लोगों की जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हो पाएगा। लोगों को इससे अभी और जूझना पडे़गा। गौरतलब है कि इस कॉलोनी में भाजपा सांसद राजेश दिवाकर के अलावा कई न्यायिक अधिकारी भी यहां रहते हैं। चेयरमैन डौली माहौर ने कहा कि यह कॉलोनी नगर पालिका क्षेत्र में नहीं है। प्राइवेट कॉलोनी से नगर पालिका का कोई लेना-देना नहीं है।
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बारिश में तो और भयावह होंगे हालात
इस माह बारिश अच्छी होने की उम्मीद है। यदि ऐसे में तेज बारिश लगातार कई दिन हो गई तो पूरे मुरसान गेट पर जलभराव रौद्र रूप ले सकता है। बिन बारिश ही यहां जलभराव हो रहा है। बारिश होने पर तो गंदा पानी घरों में घुसना तय है। मुरसान गेट क्षेत्र के लोगों यही सोच रहे हैं कि यदि कई दिन लगातार बारिश हुई तो गंदा पानी कहां से कैसे निकलेगा।
- मुरसान गेट गंदा कुआं पर जीर्णोद्वार का कार्य तेजी से चल रहा है। एक माह में कुआं को बड़ा कर आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। जीर्णोद्वार होने के बाद दस हजार से अधिक आवादी का गंदा पानी इस कुआं से जोड़ा जा सकेगा। वसुंधरा एंक्लेव कॉलोनी नगरपालिका के अधीन नहीं है इसलिए उसे नई सीवर लाइन से नहीं जोड़ा जाएगा। एक माह बाद तमाम क्षेत्र को जलभराव से मुक्ति मिल जाएगी। यदि किसी क्षेत्र में ज्यादा जलभराव होगा तो ट्रॉली लगवाकर निकलवा दिया जाएगा।
- वासुदेव माहौर, चेयरमैन प्रतिनिधि