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Hathras News: कोटा की फर्म ने धोखाधड़ी कर बेचा 60 लाख रुपये का देसी घी
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कोटा राजस्थान की देसी घी बनाने वाली एक कंपनी ने पुरदिलनगर की एक ट्रेडिंग कंपनी को एगमार्क का हवाला देकर धोखे से 60 लाख रुपये का देसी घी बेच दिया। जब देसी घी में शिकायत आई तो जांच करने पर पता चला कि फर्म का एगमार्क लाइसेंस पहले ही निरस्त हो चुका है। अदालत के आदेश पर इस मामले में सिकंदराराऊ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
पीड़ित कस्बा निवासी ममता देवी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया है कि वह ब्रिज एक्टिव पावर फर्म के नाम से ट्रेडिंग का कार्य करतीं हैं। अगस्त 2024 में उनकी फर्म पर दिलीप सिंह खानावत, ऋषभ जैन निवासी बाल गोपाल डेयरी प्रोडक्ट, रीको इंडस्ट्रियल एरिया कुबेर इंडस्ट्रियल एरिया रनपुर कोटा राजस्थान, सुशांत वर्मा निवासी लखनऊ तथा एक अन्य व्यक्ति ने आकर देसी घी का कारोबार करने की पेशकश की।
कहा कि वे परख नाम से एग मार्ग देसी घी की आपूर्ति देंगे। उनके पास निर्माण का एगमार्क लाइसेंस है। इनकी बातों पर विश्वास कर उन्होंने लगभग 60 लाख रुपये का देसी घी खरीद कर विभिन्न फर्माें को बेचा। जिसमें सुशांत वर्मा ने माल खरीदने के बाद भुगतान रोक लिया। उन्होंने कहा कि देसी घी में शिकायत है। पीड़िता के पास घर पर परख देसी घी का वापस आया हुआ स्टाॅक पड़ा है।
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पीड़िता ने जब जानकारी की तो पता चला कि बाल गोपाल फर्म पर फरवरी 2024 में अनियमितताओं का आरोप लगा और भारत सरकार ने निर्माण लाइसेंस निरस्त कर दिया। जिसका राजस्थान के अखबारों में प्रकाशन भी कराया गया था। इन्होंने घी के निर्माण का जो लाइसेंस दिखाया वह भी अमान्य निकला। इस प्रकार इन लोगों ने धोखाधड़ी की है।
खराब घी बेचने के कारण उनकी फर्म की ख्याति खराब हुई है। माल वापस आने से आर्थिक क्षति हुई। वे मामले की रिपोर्ट कराने सिकंदराराऊ कोतवाली गई थीं, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अदालत के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
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पीड़ित कस्बा निवासी ममता देवी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया है कि वह ब्रिज एक्टिव पावर फर्म के नाम से ट्रेडिंग का कार्य करतीं हैं। अगस्त 2024 में उनकी फर्म पर दिलीप सिंह खानावत, ऋषभ जैन निवासी बाल गोपाल डेयरी प्रोडक्ट, रीको इंडस्ट्रियल एरिया कुबेर इंडस्ट्रियल एरिया रनपुर कोटा राजस्थान, सुशांत वर्मा निवासी लखनऊ तथा एक अन्य व्यक्ति ने आकर देसी घी का कारोबार करने की पेशकश की।
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कहा कि वे परख नाम से एग मार्ग देसी घी की आपूर्ति देंगे। उनके पास निर्माण का एगमार्क लाइसेंस है। इनकी बातों पर विश्वास कर उन्होंने लगभग 60 लाख रुपये का देसी घी खरीद कर विभिन्न फर्माें को बेचा। जिसमें सुशांत वर्मा ने माल खरीदने के बाद भुगतान रोक लिया। उन्होंने कहा कि देसी घी में शिकायत है। पीड़िता के पास घर पर परख देसी घी का वापस आया हुआ स्टाॅक पड़ा है।
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पीड़िता ने जब जानकारी की तो पता चला कि बाल गोपाल फर्म पर फरवरी 2024 में अनियमितताओं का आरोप लगा और भारत सरकार ने निर्माण लाइसेंस निरस्त कर दिया। जिसका राजस्थान के अखबारों में प्रकाशन भी कराया गया था। इन्होंने घी के निर्माण का जो लाइसेंस दिखाया वह भी अमान्य निकला। इस प्रकार इन लोगों ने धोखाधड़ी की है।
खराब घी बेचने के कारण उनकी फर्म की ख्याति खराब हुई है। माल वापस आने से आर्थिक क्षति हुई। वे मामले की रिपोर्ट कराने सिकंदराराऊ कोतवाली गई थीं, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अदालत के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।