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snakebite: हाथरस में दो लोगों को सांप ने डसा, रहें अलर्ट, सर्पदंश पर इन बातों का रखें ध्यान

Tue, 17 Sep 2024 04:49 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 17 Sep 2024 04:49 PM IST
सार

बारिश में सांप काटने के मामले अधिक सामने आते हैं। सांप काटने पर घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि हर सांप जहरीला नहीं होता। सर्पदंश पर कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए...

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Keep these things in mind when bitten by a snake
सांप - फोटो : सूचना विभाग

विस्तार

हाथरस में अलग-अलग स्थानों पर दो लोगों को सांप ने डस लिया। कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र निवासी भूरी सिंह को सांप ने डस लिया। इधर, कोतवाली जंक्शन क्षेत्र के बबूल गांव निवासी माया देवी को सांप ने डस लिया। सर्पदंश में जख्मी दोनों घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सक ने प्रथमिक उपचार के बाद हालत में सुधार होने पर दोनों को घर भेज दिया। 

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सांप डसने पर होता है ऐसा
सांप डसने पर आँखों में धुंधलापन आना, बेहोशी आना, सर्पदंश वाली जगह पर तेज दर्द, उल्टी महसूस होना, पसीना होना,  निगलने-बोलने में कठिनाई होना, सांस लेने में तकलीफ, मसूडों में खून आना, सूजन, सर्पदंश की जगह पर लाल-लाल धब्बे, काटी हुई जगह पर जलन एवं दर्द, पेट में अत्यधिक दर्द हो सकता है।
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जहरीले सांप की पहचान 
हर सांप जहरीला नहीं होता है, इसलिए सांप के काटने पर घबराए नहीं। सांप जहरीला होगा तो शरीर में सर्पदंश के दो निशान बने होते हैं। सांप के दांतों के निशान शरीर में 2-7 मिमी तक गहरे हो सकते हैं। सर्प यदि जहरीला नहीं होगा तो शरीर में छोटे-छोटे कई निशान बने होंगे जो ज्यादा गहरे नहीं होंगे। 

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सांप के डसने पर यह करें

घाव को साफ पानी एवं साबुन से धोएं। सांप काटने की सूचना  108/1070/112 पर दें। सर्पदंश वाले अंग को स्थिर रखें। पीड़ित का सिर ऊंचा करके लिटाएं या बैठाएं। काटे हुये अंग को हृदय से नीचे रखें। तुरन्त नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र ले जाएं और एंटीस्नेक वेनम (एएसवी) का इंजेक्शन लगवाएं। सर्पदंश की स्थिति में प्रारम्भिक 30 मिनट से लेकर 03 घंटे का समय जीवन रक्षक होता है। पीड़ित व्यक्ति को बताएं कि लगभग 80 से 90 प्रतिशत सांप गैर विषैले होते हैं। घबराहट से हृदय गति और खून का संचार तेज हो जाता है, जिससे जहर सारे शरीर में जल्द फैल जायेगा। काटे हुए हिस्से के पास से अंगूठियां, घड़ी, आभूषण, जूते व तंग कपड़े हटा दें, ताकि शरीर में रक्त की आपूर्ति न रुके। वायगीर के उपचार पर समय खराब न करें।

यह न करें
घाव को काटकर जहर निकालने का प्रयास न करें। कटे स्थान पर कुछ न बांधे, इससे अंग में रक्त प्रवाह पूरी तरह रूक सकता है एवं संबंधित अंग की क्षति हो सकती है। मुंह से जहर न चूसें। सांप के काटने पर बर्फ न लगाएं क्योंकि बर्फ रक्त संचार को रोक सकती है। सांप काटने पर झाड-फूंक करने वाले से इलाज कराने में समय बर्बाद न करें।  

यह रखें हमेशा ख्याल
काम करते समय सदैव लकड़ी की छड़ी का प्रयोग करें। रात्रि में टॉर्च का प्रयोग करें। लंबी घास वाली जगह से दूर रहें। घास-फूस वाले स्थानों पर जाना आवश्यक हो तो बूट या जूतों का प्रयोग करें। पानी में तैरते समय सांपों से सावधान रहें। सांप को अपने आस-पास देखने पर धीरे-धीरे उससे पीछे हट जाएं। सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें। बारिश में नीचे जमीन पर न सोएं। मुर्गी के चूजे और चूहों को घरों से दूर रखें।

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