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Hathras News: देर रात तक रुक-रुककर हुई बारिश, बढ़ी ठंड
Sun, 12 Jan 2025 07:46 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sun, 12 Jan 2025 07:46 AM IST
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मौसम ने शनिवार की देर शाम फिर करवट बदली। कोहरा और शीतलहर के प्रकोप के बीच शाम को बादल गरज उठे। रिमझिम बारिश शुरू हो गई। देर रात तक रुक-रुककर बारिश होती रही, जिससे ठंड बढ़ गई। लोग ठंड से कांपते नजर आए और हीटर व अलावों के सहारे राहत पाते नजर आए।
मौसम विभाग ने शनिवार से दो दिन तक पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई थी। संभावना के तहत शनिवार की शाम को बादलों की तेज गड़गड़ाहट के बीच बादल बरस उठे। पहले रिमझिम बारिश हुई, उसके बाद रुक-रुककर बारिश होती रही। इधर, किसानों का कहना है कि हल्की बारिश फसलों के लिए फायदेमंद है। इससे सिंचाई की भी आवश्यकता नहीं होगी। तेज बारिश हुई तो फसलों को नुकसान हो सकता है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को पूरी रात घना कोहरा छाया रहा। शनिवार को दिन की शुरुआत भी कोहरे के साथ हुई। पूरी रात सड़कों पर वाहन रेंग-रेंगकर चलते नजर आए। कोहरा इतना घना था कि दो कदम की दूरी का दृश्य भी नजर नहीं आ रहा था। सुबह कोहरा तो छंट गया, लेकिन बादल छाये रहे। ठंड से लोग ठिठुरते रहे। सिर से पांव तक गर्म कपड़ों में लिपटे होने के बावजूद लोगों को ठंड से राहत नहीं मिल रही थी। हालांकि दोपहर करीब दो बजे हल्की धूप निकली, लेकिन यह ठंड से राहत नहीं दे पाई। शाम ढलने के बाद बारिश होने से ठंड के तेवर और तल्ख हो गए। लोग जल्दी घरों में घुस गए और सड़कों पर सन्नाटा पसर गया।
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मौसम विभाग ने शनिवार से दो दिन तक पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई थी। संभावना के तहत शनिवार की शाम को बादलों की तेज गड़गड़ाहट के बीच बादल बरस उठे। पहले रिमझिम बारिश हुई, उसके बाद रुक-रुककर बारिश होती रही। इधर, किसानों का कहना है कि हल्की बारिश फसलों के लिए फायदेमंद है। इससे सिंचाई की भी आवश्यकता नहीं होगी। तेज बारिश हुई तो फसलों को नुकसान हो सकता है।
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गौरतलब है कि शुक्रवार को पूरी रात घना कोहरा छाया रहा। शनिवार को दिन की शुरुआत भी कोहरे के साथ हुई। पूरी रात सड़कों पर वाहन रेंग-रेंगकर चलते नजर आए। कोहरा इतना घना था कि दो कदम की दूरी का दृश्य भी नजर नहीं आ रहा था। सुबह कोहरा तो छंट गया, लेकिन बादल छाये रहे। ठंड से लोग ठिठुरते रहे। सिर से पांव तक गर्म कपड़ों में लिपटे होने के बावजूद लोगों को ठंड से राहत नहीं मिल रही थी। हालांकि दोपहर करीब दो बजे हल्की धूप निकली, लेकिन यह ठंड से राहत नहीं दे पाई। शाम ढलने के बाद बारिश होने से ठंड के तेवर और तल्ख हो गए। लोग जल्दी घरों में घुस गए और सड़कों पर सन्नाटा पसर गया।

पर्चा दिखाता विनोद।

पर्चा दिखाता विनोद।

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