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सीएमओ व पूर्व चिकित्साधीक्षक कर रहे जांच को प्रभावित
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 16 Apr 2016 11:32 PM IST
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हाथरस। उ.प्र. बेसिक हैल्थ वर्कर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष जयवेंद्र सिंह ने डीएम को पत्र भेजकर सीएमओ पर अपने आचरण और भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए सीएचसी सादाबाद के पूर्व चिकित्साधीक्षक पर पूर्ण सहयोग करने का आरोप लगाया है।
उन्होने पत्र में आरोप लगाया है कि एसोसिएशन द्वारा कर्मचारियों के शोषण व भ्रष्टाचार की मांग को दबाने के लिए सीएमओ ने एसीएमओ की एक जांच कमेटी बनाई है। यह कमेटी कर्मचारी व अधिकारियों, आशा संगिनियों पर दवाब बनाकर शपथ पत्रों पर अपने हिसाब से भाषा लिखवा रही है। पूर्व चिकित्साधीक्षक व सीएमओ द्वारा भ्रष्टाचार व शासन स्तर से की जा रही जांच को प्रभावित करने के लिए चिकित्सकों, कर्मियों व आशा संगनियों के नियम विरूद्ध हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं व कर्मचारियों के नाम से फर्जी शपथपत्र दर्शाए जा रहे हैं। 16 अप्रैल को भी सीएचसी सादाबाद पर जांच अधिकारियों के साथ पूर्व चिकित्साधीक्षक द्वारा कर्मियों से जबरन साइन कराने का आरोप लगाया। पत्र में यह भी कहा गया है कि 11 मार्च को सादाबाद के चिकित्साधीक्षक के खिलाफ तत्कालीन डीएम द्वारा एसडीएम से कराई गई मजिस्ट्रेटी जांच को दबाने के लिए सीएमओ द्वारा यह कार्य अब पुन: कराया जा रहा है, जो कि नियमानुसार गलत है। पत्र में उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
- स्वास्थ्य पर्यवेक्षक जयवेंद्र सिंह को शासन द्वारा विभिन्न अनियमितताओं के कारण निलंबित किया जा चुका है, इसलिए वह इस तरह के अर्नगल आरोप लगा रहा है। यह सभी आरोप झूठे व निराधार हैं। जांच कमेटी अपना काम कर रही है, साइन व शपथ पत्रों का मामला उसके संज्ञान में है। डॉ. रामवीर सिंह, सीएमओ, हाथरस।
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उन्होने पत्र में आरोप लगाया है कि एसोसिएशन द्वारा कर्मचारियों के शोषण व भ्रष्टाचार की मांग को दबाने के लिए सीएमओ ने एसीएमओ की एक जांच कमेटी बनाई है। यह कमेटी कर्मचारी व अधिकारियों, आशा संगिनियों पर दवाब बनाकर शपथ पत्रों पर अपने हिसाब से भाषा लिखवा रही है। पूर्व चिकित्साधीक्षक व सीएमओ द्वारा भ्रष्टाचार व शासन स्तर से की जा रही जांच को प्रभावित करने के लिए चिकित्सकों, कर्मियों व आशा संगनियों के नियम विरूद्ध हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं व कर्मचारियों के नाम से फर्जी शपथपत्र दर्शाए जा रहे हैं। 16 अप्रैल को भी सीएचसी सादाबाद पर जांच अधिकारियों के साथ पूर्व चिकित्साधीक्षक द्वारा कर्मियों से जबरन साइन कराने का आरोप लगाया। पत्र में यह भी कहा गया है कि 11 मार्च को सादाबाद के चिकित्साधीक्षक के खिलाफ तत्कालीन डीएम द्वारा एसडीएम से कराई गई मजिस्ट्रेटी जांच को दबाने के लिए सीएमओ द्वारा यह कार्य अब पुन: कराया जा रहा है, जो कि नियमानुसार गलत है। पत्र में उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
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- स्वास्थ्य पर्यवेक्षक जयवेंद्र सिंह को शासन द्वारा विभिन्न अनियमितताओं के कारण निलंबित किया जा चुका है, इसलिए वह इस तरह के अर्नगल आरोप लगा रहा है। यह सभी आरोप झूठे व निराधार हैं। जांच कमेटी अपना काम कर रही है, साइन व शपथ पत्रों का मामला उसके संज्ञान में है। डॉ. रामवीर सिंह, सीएमओ, हाथरस।
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