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Hathras: घर से लापता मासूम 10 घंटे बाद सूखे कुएं में मिला, ऐसे बचाई जान, सौतेला पिता हिरासत में

Tue, 14 May 2024 08:55 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 14 May 2024 08:55 PM IST
सार

अध्यापक महावीर सिंह बाइक से स्कूल जा रहे थे। अचानक कुकरगवां एवं नगला-बिहारी संपर्क मार्ग पर एक कुएं के पास उनकी बाइक में पेट्रोल समाप्त हो गया। इस दौरान अध्यापक ने किसी बच्चे की रोने एवं निकालो की आवाज सुनी तो वह इधर-उधर देखने लगे। आवाज दोबारा आने पर उन्होंने कुएं में झांककर देखा तो बच्चा रोता हुआ दिखाई दिया।

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Innocent child missing from home found in dry well after 10 hours
कुएं से बच्चे को निकालते हुए - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

सहपऊ क्षेत्र के गांव नगला बिहारी में 13 मई की रात को घर से लापता हुआ छह वर्षीय मासूम 10 घंटे बाद गांव से करीब 800 मीटर दूर सड़क किनारे बने एक सूखे कुएं में मिला। पुलिस बच्चे को लेकर कोतवाली आई और उसके माता-पिता से पूछताछ की। मासूम की बार-बार बदलती बातों के चलते पुलिस ने शक के आधार पर सौतेले पिता को हिरासत में ले लिया, जबकि मां और बच्चे को घर भेज दिया।

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गांव नगला बिहारी निवासी छह वर्षीय कृष्णा पुत्र बबलू 13 मई की रात लगभग आठ बजे खाना खाकर घर के बाहर घूम रहा था। साढ़े आठ बजे मां उसे बुलाने बाहर आई तो वह बाहर नहीं था। उसने उसे इधर-उधर देखा फिर ग्रामीणों को बताया। ग्रामीण भी उसे खोजने में लग गए। ग्रामीणों ने पुलिस को बच्चे के लापता होने की सूचना दे दी। पुलिस भी गांव पहुंच गई और बच्चे को तलाश करने लग गई। कोतवाली प्रभारी सुनील कुमार वर्मा ने बच्चे के लापता होने की सूचना जिले के उच्चाधिकारियों को दी। एएसपी डॉ. अशोक कुमार सिंह के साथ फोरेंसिक टीम एवं डॉग स्क्वायड भी मौके पर पहुंच गए। सभी बच्चे को तलाश करने लगे। बच्चे के न मिलने की स्थिति में अधिकारी एवं जिले से आई टीम वापस चली गई।
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14 मई सुबह करीब साढ़े छह बजे गांव कुकरगवां निवासी अध्यापक महावीर सिंह बाइक से स्कूल जा रहे थे। अचानक कुकरगवां एवं नगला-बिहारी संपर्क मार्ग पर एक कुएं के पास उनकी बाइक में पेट्रोल समाप्त हो गया। इस दौरान अध्यापक ने किसी बच्चे की रोने एवं निकालो की आवाज सुनी तो वह इधर-उधर देखने लगे। आवाज दोबारा आने पर उन्होंने कुएं में झांककर देखा तो बच्चा रोता हुआ दिखाई दिया। बच्चे को देखते ही उन्होंने आवाज लगाकर ग्रामीणों को बुला लिया। एक व्यक्ति रस्सी के सहारे कुएं में उतरा और बच्चे को पीठ पर बांधकर ऊपर लेकर आया। बच्चे के सिर एवं शरीर के अन्य हिस्सों में चोट लगी हुई थी।
कृष्णा वह बालक जो कुएं पर पड़ा हुआ मिला
पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस बच्चे की मां कुसुमा, सौतले पिता एवं बच्चे को लेकर कोतवाली आई और उनसे पूछताछ करने लगी। पूछताछ में बालक बार-बार अपनी बात को बदल रहा था। कभी कहता था कि पिता ने उसे कुएं में धक्का दिया है तो कभी कहता कि उसे पिता वहां लेकर गया और वह किसी तरह से उस कुएं में जा गिरा। अब पुलिस कई बिंदुओं से इस मामले की जांच कर रही है। कोतवाली पर काफी लोगों की भीड़ लगी रही।  

अध्यापक महावीर एवं दूरबीन सिंह बने देवदूत

कुकरगवां निवासी अध्यापक महावीर सिंह बालक के लिए देवदूत बनकर आए। महावीर सिंह जलेसर रोड (मानिकपुर) पर एक निजी स्कूल में पढ़ाते हैं। रोज की भांति वह सुबह स्कूल बाइक से जा रहे थे। अचानक अध्यापक की बाइक का पेट्रोल उसी कुएं के निकट समाप्त हो गया। इस दौरान बच्चे की आवाज सुनकर वह कुएं में झांकने लगे। अध्यापक का कहना है कि वह रोज शाम को बाइक में पेट्रोल आदि जांच करके रखते हैं। सोमवार को ही उन्हें बाइक में पेट्रोल देखने का ध्यान नहीं रखा। यह ईश्वर को मंजूर था कि उनके माध्यम से इस बच्चे की मदद होनी थी।  कुएं से ही उसकी आवाज सुनने के बाद उन्होंने बच्चे से उसका नाम एवं गांव पूछा था। बच्चे ने सबकुछ बता दिया, तब उन्होंने आवाज देकर नगला बिहारी के लोगों को बुलाया। ग्रामीणों के साथ पुलिस भी कुएं पर पहुंच गई। इसके बाद नगला बिहारी निवासी दूरबीन सिंह दूसरे देवदूत बने। वह लगभग 30 फीट गहरे कुएं में रस्सी के सहारे उतरे और बालक को पीठ पर बांधकर कुएं से ऊपर लेकर आए। 
कुआं
डॉग स्क्वायड टीम कुएं से महज चंद कदमों की दूरी से लौटी 
बालक ने बताया कि यह सही है कि उसे उसका सौतेला पिता अपने साथ ले गया था। ग्रामीणों के अनुसार वह हाथरस का निवासी है। बच्चे की मां की सास का भतीजा है। जब बच्चे की पिता मौत हुई तो उस समय उसकी मां के पास उसकी दो बहनें थीं। इस कारण बच्चे की मां ने दूसरी शादी करने के इंकार कर दिया। बाद में उसने अमर सिंह के साथ दूसरी शादी कर ली और वह हाथरस चली गई। वहां अमर सिंह ने उसके साथ मारपीट की तो वह वापस नगला बिहारी आ गई। इसके बाद अमर सिंह भी नगला बिहारी आ गया। 13 मई रात को खाना खाने के बाद अमर सिंह पहले बच्चे को पैदल और इसके बाद साइकिल पर बैठाकर ले गया। अमर जहां तक बच्चे को पैदल ले गया, वहां तक डॉग स्क्वायड जाता था और फिर लौट आता था। जिस स्थान से डॉग स्क्वायड आता था, वहां से कुएं की दूरी मात्र 50 मीटर है। इसके साथ कुएं के खेत पर तार लगे हैं। सवाल यह है कि बच्चा तारों के नीचे निकलकर कैसे कुएं तक पहुंचा। 

बच्चे को जीवित देख चौंके ग्रामीण
मासूम कृष्णा रात के पूरे 10 घंटे तक कुएं में पड़ा रहा। अधिकांशत: कुएं में सूखने पर गैस बन जाती है, जो लोगों की मौत का कारण बनती है। जितने समय बच्चा कुएं में रहा, उतने समय न तो कुएं में गैस बनी और न ही कुएं में लगा लोहे का एंगल उसके शरीर पर कहीं लगा। बच्चे को जीवित देखकर ग्रामीण कह रहे थे कि जाको राखे साइयां मार सके न कोए..।

कृष्णा के पिता की चार साल पहले हो चुकी है मौत
मासूम कृष्णा के पिता बबलू की चार साल पहले मौत हो चुकी है।  अब उसकी मां अपनी सास के भतीजे अमर सिंह के साथ रह रही है। इस घटना ने कई सवालों को खड़ा कर दिया है।

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