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अधूरे निर्माण पर पूरी धनराशि जारी करने के मामले में लीपा पोती में जुटे अधिकारी
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अधूरे निर्माण पर पूरी धनराशि जारी करने में घिरे अफसर
मामले की लीपापोती में जुटे अफसर, पंचायत सचिव पर फोड़ा ठीकरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। ब्लॉक हाथरस के गांव चंद्रगढ़ी में लोहिया आवास निर्माण के पूरे नहीं होने पर भी डीआरडीए की ओर से धनराशि की दूसरी किश्त जारी कर दी गई हैं। अब इस मामले में कई अधिकारी कार्रवाई की जद में आ रहे हैं, लेकिन जांच अधिकारी द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों द्वारा बचाते हुए ग्राम पंचायत अधिकारी के सिर पर ठीकरा फोड़ दिया गया है। अब इस मामले को सीडीओ का कहना है कि वीडीओ का जवाब आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई से नहीं बचेगा।
शासन स्तर के निर्देशों पर संबंधित ब्लॉकों की ओर से लोहिया आवास निर्माण के पात्रों को चयनित किया जाता है। इन पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए धनराशि डीआरडीए कार्यालय द्वारा जारी की जाती है। इस धनराशि को जारी करने से पहले विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर वास्तविक स्थिति के फोटोग्राफ भी लिए जाते हैं। साथ ही साथ निर्माण की वर्तमान स्थिति के आधार पर ही धनराशि की किश्त जारी की जाती है। गांव चंद्रगढ़ी के एक लोहिया आवास के मामले ने फिलहाल सुर्खियां बटोर रखी हैं।
डीआरडीए की ओर से बिना निर्माण के ही एक लोहिया की आवास की धनराशि की दूसरी किश्त जारी कर दी गई। यहां तक कि इस किश्त को जारी हुए दो साल का समय भी बीत चुका है, अब तक यह निर्माण कार्य नहीं हुआ है। इस मामले की शिकायत के बाद जांच अधिकारी पीडी डीआरडीए द्वारा वीडीओ रजत यादव को दोषी मानते हुए कार्रवाई किए जाने की आख्या दी गई। आख्या के आधार पर डीपीआरओ ने संबंधित वीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। हालांकि मामले के सुर्खियों में आते ही चर्चाएं भी शुरू हो गईं।
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डीआरडीए द्वारा संचालित की जाने वाली लोहिया आवास योजना की जांच खुद डीआरडीए के पीडी द्वारा किए जाने से चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इस मामले में कई अधिकारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। सीडीओ आरबी भास्कर ने बताया कि इस मामले में वीडीओ के स्पष्टीकरण के बाद अन्य विभागीय अधिकारी से जांच कराई जाएगी। जो भी संबंधित अधिकारी दोषी हैं। जिस स्तर से भी लापरवाही बरती गई है, उन सबके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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मामले की लीपापोती में जुटे अफसर, पंचायत सचिव पर फोड़ा ठीकरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। ब्लॉक हाथरस के गांव चंद्रगढ़ी में लोहिया आवास निर्माण के पूरे नहीं होने पर भी डीआरडीए की ओर से धनराशि की दूसरी किश्त जारी कर दी गई हैं। अब इस मामले में कई अधिकारी कार्रवाई की जद में आ रहे हैं, लेकिन जांच अधिकारी द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों द्वारा बचाते हुए ग्राम पंचायत अधिकारी के सिर पर ठीकरा फोड़ दिया गया है। अब इस मामले को सीडीओ का कहना है कि वीडीओ का जवाब आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई से नहीं बचेगा।
शासन स्तर के निर्देशों पर संबंधित ब्लॉकों की ओर से लोहिया आवास निर्माण के पात्रों को चयनित किया जाता है। इन पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए धनराशि डीआरडीए कार्यालय द्वारा जारी की जाती है। इस धनराशि को जारी करने से पहले विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर वास्तविक स्थिति के फोटोग्राफ भी लिए जाते हैं। साथ ही साथ निर्माण की वर्तमान स्थिति के आधार पर ही धनराशि की किश्त जारी की जाती है। गांव चंद्रगढ़ी के एक लोहिया आवास के मामले ने फिलहाल सुर्खियां बटोर रखी हैं।
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डीआरडीए की ओर से बिना निर्माण के ही एक लोहिया की आवास की धनराशि की दूसरी किश्त जारी कर दी गई। यहां तक कि इस किश्त को जारी हुए दो साल का समय भी बीत चुका है, अब तक यह निर्माण कार्य नहीं हुआ है। इस मामले की शिकायत के बाद जांच अधिकारी पीडी डीआरडीए द्वारा वीडीओ रजत यादव को दोषी मानते हुए कार्रवाई किए जाने की आख्या दी गई। आख्या के आधार पर डीपीआरओ ने संबंधित वीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। हालांकि मामले के सुर्खियों में आते ही चर्चाएं भी शुरू हो गईं।
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डीआरडीए द्वारा संचालित की जाने वाली लोहिया आवास योजना की जांच खुद डीआरडीए के पीडी द्वारा किए जाने से चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इस मामले में कई अधिकारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। सीडीओ आरबी भास्कर ने बताया कि इस मामले में वीडीओ के स्पष्टीकरण के बाद अन्य विभागीय अधिकारी से जांच कराई जाएगी। जो भी संबंधित अधिकारी दोषी हैं। जिस स्तर से भी लापरवाही बरती गई है, उन सबके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।