हाथरस किला परिसर: 10 साल पहले 50 अवैध मकान थे, अब 300 बन गए, छह माह में आठ एफआईआर, नहीं रुके कब्जे
अवैध निर्माण की सूचना देने के लिए पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से यहां केयर टेकर भी नियुक्त किया गया। उनकी तरफ से लगातार अवैध निर्माणों की सूचना प्रशासन और पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को दी जाती रही, लेकिन प्रशासन इस सिलसिले को रोक नहीं पाया।
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हाथरस के ऐतिहासिक किला परिसर में अवैध निर्माणों की रोकथाम में पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह नाकाम है। 10 साल पहले इस परिसर में 50 अवैध मकान बने थे। वर्तमान में इनकी संख्या बढ़कर 300 हो चुकी है। यह हाल तो तब है, जब अवैध निर्माण करने वालों पर लगातार एफआईआर दर्ज कराई गई हैं।
पिछले छह महीने में संरक्षित जमीन पर आठ अवैध निर्माण चिन्हित हो चुके हैं। निर्माण करने वालों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जा चुका है। बावजूद इसके कब्जों का सिलसिला रुक नहीं रहा। किला राजा दयाराम के नाम से पहचाने जाने वाले इस ऐतिहासिक किले के परिसर में 10 साल पहले हुए निर्माणों पर जब प्रशासन की नजर पड़ी तो यहां अवैध कब्जों की रोकथाम के प्रयास शुरू किए गए।
अवैध निर्माण की सूचना देने के लिए पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से यहां केयर टेकर भी नियुक्त किया गया। उनकी तरफ से लगातार अवैध निर्माणों की सूचना प्रशासन और पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को दी जाती रही, लेकिन प्रशासन इस सिलसिले को रोक नहीं पाया। अब तक इस परिसर में करीब 300 अवैध निर्माण हो चुके हैं, लेकिन इन्हें हटवाने के लिए प्रशासन कतई गंभीर नहीं है।
नोटिस के साथ दर्ज हो रहीं एफआईआर
पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से अवैध निर्माण पर पहले संबंधित निर्माणकर्ताओं को नोटिस जारी किए जाते हैं। निर्माण न रुकने की स्थिति में एफआईआर दर्ज कराई जाती है। बात अगर पिछले छह महीने की करें तो आठ एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। बावजूद इसके एक-एक करके यहां कुल 300 अवैध निर्माण खड़े हो चुके हैं।
एफआईआर दर्ज होते ही तेज हो जाता है निर्माण
आसपास के लोगों का कहना है कि किला परिसर में बनाए जाने वाले अवैध निर्माण के खिलाफ जैसे ही पुरातत्व विभाग की ओर से एफआईआर दर्ज कराई जाती है, वैसे ही मकान तैयार कराने की गति को और तेज कर दिया जाता है। मकान पूरा होने के बाद कागजी कार्रवाई चलती रहती है और एक और नया मकान तैयार करने की तैयारी शुरू हो जाती है।
पुरातत्व विभाग की ओर से लगातार नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। नए मकान का निर्माण शुरू होने के साथ ही नोटिस दिया जाता है। नोटिस की एक प्रति जिला प्रशासन को दी जाती है। लगातार मकान बनाने वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जा रही हैं।-मुदस्सर अली, क्षेत्राधिकारी पुरातत्व विभाग आगरा।