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मानवाधिकार आयोग ने प्रदूष्ाण पर लगाई प्रशासन को फटकार
अमर उजाला ब्यूरो/ हाथरस/सासनी।
Updated Sat, 22 Apr 2017 11:47 PM IST
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गंदे नाले का निरीक्षण करते एडीएम एचएस कर्नी एवं अन्य
- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की फटकार से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। शनिवार को एडीएम एचएस कर्नी, एसडीएम जयप्रकाश, तहसीलदार कुमार चंद्र जवालिया तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने गंदे नाले का निरीक्षण किया। जांच के लिए पानी के सेंपल लिए। जानकरी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गंदे नाले के आस-पास के इलाके में घर-घर जाकर जांच पड़ताल की।
दरअसल यूनीवर्सल ह्यूमन राइट्स काउंसिल के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को शिकायत भेजी थी। इसमें आरोप है कि सासनी के आबादी क्षेत्र से जाने वाले गंदे नाले में अलीगढ़ के कट्टी घरों का मलवा, खून आदि के साथ जहरीले केमिकल बहकर आते हैं। इसके चलते नाले का पानी जहरीला हो गया है। आस पास के इलाके में वातावरण प्रदूषित तथा पेयजल दूषित हो गया है।
वहीं, नाले के आस पास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। कैंसर जैसी बीमारी फैलने से करीब दो दर्जन लोगों की मौत हो गई है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने जिला प्रशासन को तलब कर जम कर फटकार लगाई थी और समस्या निदान कराने के निर्देश दिए। इन्हीं दिशा निर्देशों के क्रम में शनिवार को जिला प्रशासन ने गंदे नाले की जांच-पड़ताल की। इससे पहले राही फाउंडेशन ने इस समस्या को उठाया था। जनजागरण के लिए रैली निकाल कर आंदोलन भी किया था।
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दरअसल यूनीवर्सल ह्यूमन राइट्स काउंसिल के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को शिकायत भेजी थी। इसमें आरोप है कि सासनी के आबादी क्षेत्र से जाने वाले गंदे नाले में अलीगढ़ के कट्टी घरों का मलवा, खून आदि के साथ जहरीले केमिकल बहकर आते हैं। इसके चलते नाले का पानी जहरीला हो गया है। आस पास के इलाके में वातावरण प्रदूषित तथा पेयजल दूषित हो गया है।
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वहीं, नाले के आस पास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। कैंसर जैसी बीमारी फैलने से करीब दो दर्जन लोगों की मौत हो गई है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने जिला प्रशासन को तलब कर जम कर फटकार लगाई थी और समस्या निदान कराने के निर्देश दिए। इन्हीं दिशा निर्देशों के क्रम में शनिवार को जिला प्रशासन ने गंदे नाले की जांच-पड़ताल की। इससे पहले राही फाउंडेशन ने इस समस्या को उठाया था। जनजागरण के लिए रैली निकाल कर आंदोलन भी किया था।
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