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भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है मानवाधिकार
hathras
Updated Thu, 10 Dec 2015 11:58 PM IST
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हाथरस (ब्यूरो)। जिलेभर में गुरुवार को मानवाधिकार दिवस की धूम रही। महाविद्यालयों से लेकर सामाजिक संस्थाओं ने मानवाधिकार धूमधाम से मनाया और मानवाधिकारों का पालन कराने की शपथ दिलाई गई। कई जगह आयोजित हुई विचार गोष्ठियों में भी मानवाधिकारों को लेकर विचार विमर्श किया गया।
पीसी बागला महाविद्यालय में मानवाधिकार दिवस पर ‘मानवाधिकार दिवस का सार्थक विनियोग’ विषय पर प्राचार्य डा. रामकृष्ण शर्मा की अध्यक्षता में विचार-गोष्ठी का आयोजन हुआ। गोष्ठी में हिंदी प्राध्यापक डा. राजेश कुमार ने कहा कि हमारी ऋषि परंपरा का प्रगतिशील बोध मानवाधिकार का सचेतक है। प्राचार्य डॉ. रामकृष्ण शर्मा ने कहा कि मानवाधिकार हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। डॉ. आनंद कुमार बंसल, डॉ. साहब सिंह ने मनुष्यता के संरक्षण को कानून से ऊपर बताकर जीवन की सार्थकता और सटीकता को निरूपित किया। इस मौके पर जिला बार उपाध्यक्ष बालकृष्ण यादव, डा. श्वेता, डा. दीप्ति, गरिमा शर्मा, उदय सिंह आदि थे।
आरपीएम महाविद्यालय में एनसीसी के लगभग 160 कैडेट द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य एससी शर्मा ने कहा कि केवल मानवाधिकार दिवस मनाने से कुछ हासिल नहीं होगा।
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इस मौके पर ऑस्ट्रेलिया से आए डा. शुद्धचित्रानंद, एडम ऑफिसर एमसी तिवारी, सूबेदार मेजर सुभाष, डा. हरिओम शर्मा प्राचार्य, प्रबंधक निर्मला शर्मा, डॉ. अविन शर्मा और एनसीसी प्रभारी प्रवीन शर्मा व यतीश कुमार नगाइच मौजूद थे।
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पीसी बागला महाविद्यालय में मानवाधिकार दिवस पर ‘मानवाधिकार दिवस का सार्थक विनियोग’ विषय पर प्राचार्य डा. रामकृष्ण शर्मा की अध्यक्षता में विचार-गोष्ठी का आयोजन हुआ। गोष्ठी में हिंदी प्राध्यापक डा. राजेश कुमार ने कहा कि हमारी ऋषि परंपरा का प्रगतिशील बोध मानवाधिकार का सचेतक है। प्राचार्य डॉ. रामकृष्ण शर्मा ने कहा कि मानवाधिकार हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। डॉ. आनंद कुमार बंसल, डॉ. साहब सिंह ने मनुष्यता के संरक्षण को कानून से ऊपर बताकर जीवन की सार्थकता और सटीकता को निरूपित किया। इस मौके पर जिला बार उपाध्यक्ष बालकृष्ण यादव, डा. श्वेता, डा. दीप्ति, गरिमा शर्मा, उदय सिंह आदि थे।
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आरपीएम महाविद्यालय में एनसीसी के लगभग 160 कैडेट द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य एससी शर्मा ने कहा कि केवल मानवाधिकार दिवस मनाने से कुछ हासिल नहीं होगा।
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इस मौके पर ऑस्ट्रेलिया से आए डा. शुद्धचित्रानंद, एडम ऑफिसर एमसी तिवारी, सूबेदार मेजर सुभाष, डा. हरिओम शर्मा प्राचार्य, प्रबंधक निर्मला शर्मा, डॉ. अविन शर्मा और एनसीसी प्रभारी प्रवीन शर्मा व यतीश कुमार नगाइच मौजूद थे।