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Hathras News: हीट स्ट्रोक से बचाएगा अस्पताल का कूल रूम

Sun, 19 Apr 2026 02:46 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 19 Apr 2026 02:46 AM IST
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Hospital's Cool Room to Provide Protection Against Heatstroke
बागला जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। संवाद - फोटो : Samvad
जिले में तेज धूप के साथ गर्म हवाओं ने दस्तक दे दी है। शनिवार की दोपहर अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। गर्म हवाओं की रफ्तार 17 किमी प्रति घंटा रही। इस भीषण गर्मी में होने वाले हीट स्ट्रोक के मामलों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। इसके लिए जिला अस्पताल से लेकर सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष ''कूल रूम'' बनाए गए हैं।
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जिला अस्पताल प्रशासन ने छह बेड का विशेष वातानुकूलित वार्ड तैयार किया है, जिसे कूल रूम नाम दिया गया है। शरीर का तापमान गिराने के लिए आईस जेल पैक का स्टॉक भी कर लिया गया है। बेड पर मरीज के बदन के नीचे व ऊपर आईस जेल पैक बिछाकर शरीर को ठंडा किया जाएगा। जिला अस्पताल में चार ओआरएस कॉर्नर भी बनाए गए हैं।
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एक कूल रूम पर, एक इमरजेंसी और एक-एक पुरुष व महिला अस्पताल की ओपीडी में है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में आईवी फ्लूड्स व जीवन रक्षक दवाएं रखी गईं हैं। डिप्टी सीएमओ डाॅ. आरएन सिंह ने बताया कि सभी सीएचसी पर भी कूल रूम बनाए गए हैं, जिनमें 4-4 बेड व अन्य इंतजाम किए गए हैं।
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हीट स्ट्रोक एक गंभीर समस्या
पिछले वर्ष जिले में हीट स्ट्रोक के मामले शून्य थे, लेकिन जरूरी नहीं कि इस बार भी स्थिति वही रहे। हीट स्ट्रोक को आम भाषा में ''लू लगना'' भी कहते हैं, यह एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है। यह तब होता है जब शरीर का तापमान नियंत्रण तंत्र काम करना बंद कर देता है। शरीर का आंतरिक तापमान अधिक हो जाता है। ऐसे में शरीर को ठंडा करने की आवश्यकता होती है।










लू लगने के लक्षण
तेज बुखार : शरीर का तापमान अचानक बहुत बढ़ जाना और लगातार बने रहना।

मानसिक स्थिति में बदलाव : भ्रम, चिड़चिड़ापन, बोलने में लड़खड़ाहट या बेहोशी।

पसीना न आना : त्वचा का लाल, गर्म और बिल्कुल सूखा हो जाना।

सिरदर्द : तेज धड़कन के साथ चक्कर आना और उल्टी महसूस होना।



बचाव के तरीके

-दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें।

-सूती और ढीले कपड़े पहनें। छाता, टोपी या तौलिए से सिर ढकें।
-खाली पेट बाहर न जाएं, पर्याप्त पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें।
-चक्कर, बुखार या उल्टी होने पर अस्पताल के ''कूल रूम'' में संपर्क करें।








लू लगना जानलेवा हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार के साथ बेहोशी छाने लगे, तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं और गीले कपड़े से शरीर पोंछें। बिना देरी किए जिला अस्पताल के कूल रूम में भर्ती कराएं। जिला अस्पताल में हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम कर लिए गए हैं।


डाॅ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस।




मई व जून में 45 तक पहुंचेगा पारा
कृषि विभाग के अनुसार भारतीय मौसम विभाग ने आगे भी तापमान में बढ़ोतरी के संकेत हैं। मई-जून में तापमान 45 से ऊपर जा सकता है। अधिकतम 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।
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