{"_id":"6a16003f7831e60c7d043a33","slug":"homeopathy-and-ayurvedic-hospitals-power-supply-has-been-disrupted-for-six-days-hathras-news-c-56-1-hts1004-149114-2026-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: होम्योपैथी और आयुर्वेदिक अस्पताल की बिजली आपूर्ति छह दिनों से ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: होम्योपैथी और आयुर्वेदिक अस्पताल की बिजली आपूर्ति छह दिनों से ठप
विज्ञापन
होम्योपैथिक चिकित्सालय में बिजली न होने के कारण बाहर बरामदे में टेबल डालकर मरीज को देखते फार्मा
- फोटो : Samvad
बागला जिला अस्पताल परिसर स्थित होम्योपैथी व आयुर्वेदिक चिकित्सालय की बिजली आपूर्ति 20 मई से ठप है। छह दिन बीत जाने के बाद भी यहां बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। जिसके कारण भीषण गर्मी में इलाज और परामर्श के लिए पहुंच रहे मरीजों को जबरदस्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अंदर अंधेरा होने के कारण चिकित्सक बरामदे में बैठकर ओपीडी चला रहे हैं। होम्योपैथी चिकित्सालय में रोजाना करीब 100 से 125 और आयुर्वेदिक चिकित्सालय में 40 से 45 मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं।
दरअसल, दोनों ही चिकित्सालय जिला अस्पताल प्रबंधन के रहमो-करम पर हैं। बिजली की आपूर्ति भी अस्पताल से दी जाती है। बीती 19 मई को जिला अस्पताल के दो ट्रांसफाॅर्मरों में ओवरलोडिंग की वजह से अचानक भीषण आग लग गई थी, जिससे करीब 31 घंटे तक पूरे जिला अस्पताल की बत्ती गुल रही। जेनरेटर चलाया गया, लेकिन वो ओवरलोड होकर ट्रिप करने लगा।
जब अस्पताल प्रबंधन ने जेनरेटर ट्रिप होने की वजह तलाशी तो पता चला कि बिजली संकट के बीच होम्योपैथिक चिकित्सालय का स्टाफ जेनरेटर की सप्लाई पर धड़ल्ले से एसी का आनंद ले रहा था। नाराज अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए होम्योपैथिक चिकित्सालय की जेनरेटर सप्लाई बंद कर दी। बिजली कर्मी ने गलती से मेन लाइन भी बंद कर दी। हैरानी की बात यह है कि 20 मई को लाइन कटने के बाद से आज तक दोनों ही चिकित्सालयों के अधिकारियों या स्टाफ ने इस लाइन को दोबारा जुड़वाने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया।
विज्ञापन
ट्रांसफाॅर्मर में आग लगने के बाद से यहां की बिजली आपूर्ति बंद है। सही कराने के लिए बिजली कर्मी को बोला है, लेकिन वह आ नहीं रहा। जल्द ही बिजली जुड़वा दी जाएगी।
डाॅ. सुनील कुमार, प्रभारी राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय।
ट्रांसफाॅर्मर में आग लगने के बाद से बार-बार बिजली प्रभावित हो रही है। इस संबंध में तकनीशियन को बताया है। लाइन में फॉल्ट बताया जा रहा है। जल्द ही समस्या दूर की जाएगी।
डॉ. अशोक चौहान, जिला होम्योपैथी अधिकारी।
विज्ञापन
दरअसल, दोनों ही चिकित्सालय जिला अस्पताल प्रबंधन के रहमो-करम पर हैं। बिजली की आपूर्ति भी अस्पताल से दी जाती है। बीती 19 मई को जिला अस्पताल के दो ट्रांसफाॅर्मरों में ओवरलोडिंग की वजह से अचानक भीषण आग लग गई थी, जिससे करीब 31 घंटे तक पूरे जिला अस्पताल की बत्ती गुल रही। जेनरेटर चलाया गया, लेकिन वो ओवरलोड होकर ट्रिप करने लगा।
विज्ञापन
जब अस्पताल प्रबंधन ने जेनरेटर ट्रिप होने की वजह तलाशी तो पता चला कि बिजली संकट के बीच होम्योपैथिक चिकित्सालय का स्टाफ जेनरेटर की सप्लाई पर धड़ल्ले से एसी का आनंद ले रहा था। नाराज अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए होम्योपैथिक चिकित्सालय की जेनरेटर सप्लाई बंद कर दी। बिजली कर्मी ने गलती से मेन लाइन भी बंद कर दी। हैरानी की बात यह है कि 20 मई को लाइन कटने के बाद से आज तक दोनों ही चिकित्सालयों के अधिकारियों या स्टाफ ने इस लाइन को दोबारा जुड़वाने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया।
विज्ञापन
ट्रांसफाॅर्मर में आग लगने के बाद से यहां की बिजली आपूर्ति बंद है। सही कराने के लिए बिजली कर्मी को बोला है, लेकिन वह आ नहीं रहा। जल्द ही बिजली जुड़वा दी जाएगी।
डाॅ. सुनील कुमार, प्रभारी राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय।
ट्रांसफाॅर्मर में आग लगने के बाद से बार-बार बिजली प्रभावित हो रही है। इस संबंध में तकनीशियन को बताया है। लाइन में फॉल्ट बताया जा रहा है। जल्द ही समस्या दूर की जाएगी।
डॉ. अशोक चौहान, जिला होम्योपैथी अधिकारी।