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हाथरस: साधू सहित कई भेष बदले, पर बच नहीं पाया, 20 साल से फरार इनामिया हिस्ट्रीशीटर दबोचा, 45 केस हैं दर्ज
Mon, 21 Sep 2026 04:08 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Mon, 21 Sep 2026 04:08 PM IST
सार
हाथरस पुलिस ने करीब 20 वर्षों से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामिया हिस्ट्रीशीटर नीरेश उर्फ नीरे उर्फ श्यामपाल को 21 सितंबर को सादाबाद-राया बॉर्डर से गिरफ्तार किया। उस पर हाथरस, मथुरा, आगरा, अलीगढ़ में हत्या के प्रयास, लूट, गैंगस्टर, गुंडा एक्ट, एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के कुल 45 मामले दर्ज हैं।
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इनामिया हिस्ट्रीशीटर नीरेश उर्फ नीरे उर्फ श्यामपाल गिरफ्तार
- फोटो : पुलिस
विस्तार
हाथरस पुलिस ने करीब 20 वर्षों से फरार चल रहे 25,000 रुपये के इनामिया हिस्ट्रीशीटर नीरेश उर्फ नीरे उर्फ श्यामपाल को गिरफ्तार किया है। उसे 21 सितंबर को सादाबाद-राया बॉर्डर से पकड़ा गया। अभियुक्त थाना सादाबाद का हिस्ट्रीशीटर है और उसके विरुद्ध कुल 45 मामले दर्ज हैं।
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नीरेश उर्फ नीरे उर्फ श्यामपाल गैंगस्टर अधिनियम के एक मामले में वारंट में फरार था। उसके विरुद्ध हाथरस, मथुरा, आगरा और अलीगढ़ जनपदों में हत्या के प्रयास, लूट, गैंगस्टर अधिनियम, गुंडा अधिनियम, एनडीपीएस अधिनियम और शस्त्र अधिनियम जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। कुल 45 अभियोग उसके आपराधिक इतिहास का हिस्सा हैं। वह थाना सादाबाद का हिस्ट्रीशीटर एचएस नंबर 10ए भी है।
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तकनीकी निगरानी से मिली सफलता
एसपी हाथरस ने अभियुक्त के लंबे समय से फरार रहने को गंभीरता से लिया। उन्होंने सीओ सादाबाद के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक थाना सादाबाद को निर्देशित किया। पुलिस टीम ने अभियुक्त के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। सर्विलांस सेल की तकनीकी सहायता और डिजिटल सूचनाओं का विश्लेषण किया गया। यक्ष एप के माध्यम से उपलब्ध पुलिस डाटाबेस का भी उपयोग हुआ। कई दिनों की सुरागरसी, तकनीकी विश्लेषण और जमीनी पुलिसिंग के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
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साधु सहित कई भेष बदलता था
पुलिस को पता चला कि अभियुक्त गिरफ्तारी से बचने के लिए पहचान छिपा रहा था। वह लंबे समय से मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर रह रहा था। अपनी पहचान छिपाने के लिए वह साधु सहित कई भेष बदलता था। प्राप्त सूचना को विकसित करते हुए थाना सादाबाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए उसे सादाबाद-राया बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया।
2006 के गैंगस्टर मामले में था फरार
नीरेश उर्फ नीरे उर्फ श्यामपाल वर्ष 2006 के गैंगस्टर अधिनियम के मुकदमे में फरार था। लगातार फरार रहने के कारण पुलिस अधीक्षक हाथरस ने 18 सितंबर को उसकी गिरफ्तारी पर 25,000 रुपये का पुरस्कार घोषित किया था।