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Hathras News: संकरे बाजारों में झूलते तारों से अग्निकांड का बड़ा खतरा

Wed, 24 Jun 2026 02:27 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Wed, 24 Jun 2026 02:27 AM IST
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High risk of fire incidents due to dangling wires in narrow markets
हनुमान गली का सकरा बाजार।  - फोटो : samvad
लखनऊ के एक काेचिंग संस्थान में शार्ट सर्किट से हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर रखा है, लेकिन यहां कोई सबक लेने को तैयार नहीं है। संकरे बाजार, ऊपर झूल रहे जर्जर हाईवोल्ट तारों का जाल, सड़कों पर अतिक्रमण के बीच यदि कोई तारों की शार्ट सर्किट से कोई अनहोनी होती है तो लोगों पर बड़ी मुसीबत आ सकती है।
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संकरी गलियों में बेअसर आधुनिक संसाधन : अग्निशमन विभाग के पास आधुनिक संसाधन हैं, लेकिन संकरी गलियों में वे बेअसर हैं। जंपिंग कुशन (कूदने वाला गद्दा) खोलने के लिए इन संकरे बाजार में 15 मीटर चौड़ी जगह तक नहीं है। विभाग के पास धुआं निकालने वाला यंत्र, छह बड़े अग्निशमन वाहन, दो छोटी गाड़ियां और दो पानी की फुहारें हैं। एक 35 फीट ऊंची सीढ़ी भी मौजूद है। दिन के समय जाम और अतिक्रमण के कारण इन बड़ी गाड़ियों का प्रवेश इन संकरे बाजारों में लगभग असंभव है।
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बख्तावर गली जैसे इलाकों में आग बुझाने का जिम्मा महज दो अग्निशमन बुलेट पर है। प्रत्येक बुलेट में सिर्फ 40 लीटर पानी आता है। ये बुलेट केवल शुरुआती आग पर ही काबू पा सकती हैं। बड़े अग्निकांड में ये बेबस साबित होंगी।
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वाटर हाइड्रेंट परियोजना लंबित
नगर पालिका ने मार्च में 14 स्थानों पर वाटर हाइड्रेंट लगाने का प्रस्ताव पास किया था। इस योजना पर लगभग 10 लाख रुपये खर्च होने थे। प्रशासनिक सुस्ती के कारण पालिका अभी तक इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकी है। कोई भी ठेकेदार यह काम लेने को तैयार नहीं है।

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प्रशासनिक उदासीनता का जोखिम
लखनऊ की घटना चेतावनी देती है कि आग लगने पर शुरुआती 10 से 15 मिनट महत्वपूर्ण होते हैं। यदि संकरी गलियों में बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग लगती है, तो दमकल की बड़ी गाड़ियां नहीं पहुंच पाएंगी। समय पर अतिक्रमण न हटने और वाटर हाइड्रेंट की व्यवस्था न होने पर बड़ा जान-माल का नुकसान हो सकता है।

अग्निशमन विभाग के पास संसाधनों की कमी नहीं है। छोटे वाहन और बुलेट आपात स्थिति के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।-आरके वाजपेयी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।
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