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Hathras: राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल मामले में सुनवाई आज, मानहानि का दाखिल हुआ था परिवाद
Mon, 24 Mar 2025 03:11 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Mon, 24 Mar 2025 03:11 AM IST
सार
आरोप है कि उन्होंने न्यायालय के निर्णय 2 मार्च 2023 के पूर्ण ज्ञान एवं जानकारी होने के बावजूद न्यायालय से दोष मुक्त हुए युवकों को गैंगरेप का आरोपी बताया था।
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राहुल गांधी
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
हाथरस की एसीजेएम, एमपी/एमएलए कोर्ट दीपक नाथ सरस्वती के न्यायालय में लोकसभा सांसद एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दाखिल हुआ था। इस मामले में न्यायालय में परिवादी के बयान हो चुके हैं। इसकी सुनवाई 24 मार्च को होना नियत है।
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डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंढीर ने बताया कि थाना चंदपा क्षेत्र के एक गांव निवासी रामकुमार उर्फ रामू की ओर से परिवाद दाखिल किया था। इसमें कहा है कि न्यायालय के निर्णय के बावजूद भी वोट की राजनीति के लिए जातिगत विद्वेष के लिए अकारण 12 दिसंबर 2024 को उन्होंने गांव बूलगढी का दौरा किया था। राहुल गांधी ने मृत मुद्दे को पुनर्जीवित करने को जानबूझकर परिवादी को समाज में अपमानित किया। चारित्रिक हनन के उद्देश्य से अवैधानिक लाभ के लिए सोशल मीडिया पर अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया था।
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आरोप है कि उन्होंने न्यायालय के निर्णय 2 मार्च 2023 के पूर्ण ज्ञान एवं जानकारी होने के बावजूद न्यायालय से दोष मुक्त हुए युवकों को गैंगरेप का आरोपी बताया था। इस मामले में न्यायालय से दोष मुक्त हुए रामकुमार उर्फ रामू की ओर से दाखिल परिवाद में कहा है कि देश की जनता का न्यायालय एवं देश की न्यायिक व्यवस्था में पूर्ण विश्वास है। वह एक सक्षम न्यायालय के गुण दोष पर निर्णीत निर्णय के सहारे एक सामान्य जिंदगी जी रहा था।
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न्यायालय के निर्णय के बाद जनसाधारण में परिवादी को खोया हुआ सम्मान पुनः प्राप्त हो गया था। राहुल गांधी का पोस्ट सोशल मीडिया पर संपूर्ण देश में, विदेश में वायरल हुआ। इससे परिवादी की प्रतिष्ठा सम्मान जो परिवादी ने अपने संघर्ष एवं लंबी कानूनी प्रक्रिया से न्यायालय से दो वर्ष से अधिक की जेल की यातना के उपरांत प्राप्त की थी।
राहुल गांधी की गैर जिम्मेदाराना, अवैधानिक, अमर्यादित, असम्मानजनक, अपमानजनक पोस्ट से एक बार पुनः तार तार हो गई। जिसने भी इस पोस्ट को पढ़ा, सब की निगाहों में परिवादी निर्दोषिता के निर्णय के बावजूद भी अपराधी बन गया। न्यायालय में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल परिवाद में परिवादी रामकुमार उर्फ रामू के बयान हो चुके हैं। न्यायालय में इस मामले में 24 मार्च की तिथि नियत की है।