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मोदी की उपलब्धियों तक ही सीमित रहा कमल मेला
अमर उजाला, हाथरस
Updated Sun, 18 Dec 2016 11:37 PM IST
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सासनी में कमल मेला के समापन के अवसर पर मौजूद भाजपा जिलाध्यक्ष्ा रामवीर सिंह परमार व अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
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बडे़ नेताओं के इंतजार की घड़ियां खत्म होने के बाद सासनी में चल रहे भाजपा के कमल मेले का समापन आखिरकार भाजपा जिलाध्यक्ष रामवीर सिंह परमार को ही करना पड़ा। इस मौके पर पूरा माहौल भारत माता की जय के उद्घोषों से गूंज उठा। बताते हैं कि मेले के समापन के लिए पार्टी के कुछ प्रदेश पदाधिकारी व सांसद को न्योता भेजा गया था, लेकिन इनमें से कोई नहीं पहुंचा।
हालांकि भाजपाइयों ने मेले में भीड़ जुटाने के लिए हर हथकंडा अपनाया। यहां तक कि परिसर में भीड़ बढ़ाने के लिए बच्चों के खेलकूद और मनोरंजन के दूसरे साधन भी मुहैया कराए, लेकिन यह मेला सिर्फ मोदी सरकार की दो साल की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने में ही सीमित रह गया।
मेले से पार्टी कोई खास संदेश जनता को नहीं दे सकी। तीनों दिन में भाजपा का कोई भी प्रांतीय या राष्ट्रीय नेता, यहां तक कि कोई सांसद भी इस मेले में नहीं पहुंचा। कोई बड़ा नेता मेले में नहीं पहुंचा। हालांकि भाजपा कार्यकर्ता जरूर मेले को लेकर उत्साहित थे। कॉलेज का खेल का मैदान पूरी तरह भगवा रंग में रंगा नजर आया।
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बच्चों के मनोरंजन एवं मौज-मस्ती से भरपूर भाजपा का कमल मेला पार्टी के प्रचार-प्रसार का माध्यम बना रहा। मेले के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने घर-घर कमल संदेश पहुंचाने का प्रयास किया।
भ्रष्टाचार, कालाधन एवं कालाबाजारी एवं प्रदेश को जंगलराज से मुक्ति दिलाने के वादे भी किए। परिसर में बने पंडालों में सीडी एवं एलईडी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं अमित शाह का गुणगान होता रहा। दिन-रात चल कमल के संग चल-चल, की धून गूंजती रही।
मेला आयोजन में विशेष सहयोग ब्रजेश सिंह, संयोजक गौरव आर्य, प्रकाशचंद्र शर्मा, प्रेमपाल सिंह सोलंकी, रूपेश उपाध्याय, राजकुमार शर्मा, क्रमल वार्ष्णेय, विक्रम सिंह जादौन, सतेंद्र सिंह, हरीशंकर माहौर, देवकीनंदन कोरी, सत्यपाल सिंह, कृपाल सिंह, चंद्रशेखर रावल, शिवदेव दीक्षित हरीशंकर वार्ष्णेय, भूप्रकाश उपाध्याय, अंशुल शर्मा, जितेंद्र शर्मा, सचिन बौहरे आदि का सहयोग सराहनीय रहा।
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हालांकि भाजपाइयों ने मेले में भीड़ जुटाने के लिए हर हथकंडा अपनाया। यहां तक कि परिसर में भीड़ बढ़ाने के लिए बच्चों के खेलकूद और मनोरंजन के दूसरे साधन भी मुहैया कराए, लेकिन यह मेला सिर्फ मोदी सरकार की दो साल की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने में ही सीमित रह गया।
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मेले से पार्टी कोई खास संदेश जनता को नहीं दे सकी। तीनों दिन में भाजपा का कोई भी प्रांतीय या राष्ट्रीय नेता, यहां तक कि कोई सांसद भी इस मेले में नहीं पहुंचा। कोई बड़ा नेता मेले में नहीं पहुंचा। हालांकि भाजपा कार्यकर्ता जरूर मेले को लेकर उत्साहित थे। कॉलेज का खेल का मैदान पूरी तरह भगवा रंग में रंगा नजर आया।
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बच्चों के मनोरंजन एवं मौज-मस्ती से भरपूर भाजपा का कमल मेला पार्टी के प्रचार-प्रसार का माध्यम बना रहा। मेले के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने घर-घर कमल संदेश पहुंचाने का प्रयास किया।
भ्रष्टाचार, कालाधन एवं कालाबाजारी एवं प्रदेश को जंगलराज से मुक्ति दिलाने के वादे भी किए। परिसर में बने पंडालों में सीडी एवं एलईडी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं अमित शाह का गुणगान होता रहा। दिन-रात चल कमल के संग चल-चल, की धून गूंजती रही।
मेला आयोजन में विशेष सहयोग ब्रजेश सिंह, संयोजक गौरव आर्य, प्रकाशचंद्र शर्मा, प्रेमपाल सिंह सोलंकी, रूपेश उपाध्याय, राजकुमार शर्मा, क्रमल वार्ष्णेय, विक्रम सिंह जादौन, सतेंद्र सिंह, हरीशंकर माहौर, देवकीनंदन कोरी, सत्यपाल सिंह, कृपाल सिंह, चंद्रशेखर रावल, शिवदेव दीक्षित हरीशंकर वार्ष्णेय, भूप्रकाश उपाध्याय, अंशुल शर्मा, जितेंद्र शर्मा, सचिन बौहरे आदि का सहयोग सराहनीय रहा।