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Hathras News: हाथरस की बेटी ने फांसिपान चोटी पर फहराया परचम
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झंडा लेकर खड़ीं पायल सिंह व डॉ. अलका शर्मा।स्रोत : स्वयं
- फोटो : samvad
हसयान क्षेत्र के गांव अजमतपुर अजगरा निवासी पायल सिंह ने वियतनाम की सबसे ऊंची चोटी फांसिपान पर परचम फहरा दिया है। वह यहां की लाओस चोटी को फतह कर चुकी हैं।
उनकी सफलता से गांव में खुशी का माहौल है। फांसिपान चोटी की ऊंचाई 3147 मीटर और लाओस पर्वत की चोटी की ऊंचाई 2819 मीटर है।
पायल सिंह ने बताया कि ऐसा करने वाली वह पहली भारतीय महिला है। उनके पिता अनिल कुमार किसान हैं। वह यूपीएससी की तैयारी भी कर रही है। वर्ष 2022 में नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रेनिंग उत्तराखंड उत्तर काशी से बेसिक माउंट ट्रेनिंग कोर्स 2022 में किया था। इसके बाद उसने एडवांस मांउट एवरेस्ट का कोर्स किया। चोटी को फतह करने में डॉ. अल्का ने उन्हें सहयोग दिया। इस चोटी को रूफ ऑफ इंडोनेशिया भी कहा जाता है।
उन्होंने बताया कि बचपन से ही उन्हें रोमांचक गतिविधियों का शौक है। 22 अप्रैल को वियतनाम के लिए रवाना हुई थी। रवाना होने से पहले पायल सिंह को लखनऊ में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने राष्ट्रीय ध्वज भेंट कर अभियान के लिए शुभकामनाएं दी थी।
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उनकी सफलता से गांव में खुशी का माहौल है। फांसिपान चोटी की ऊंचाई 3147 मीटर और लाओस पर्वत की चोटी की ऊंचाई 2819 मीटर है।
पायल सिंह ने बताया कि ऐसा करने वाली वह पहली भारतीय महिला है। उनके पिता अनिल कुमार किसान हैं। वह यूपीएससी की तैयारी भी कर रही है। वर्ष 2022 में नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रेनिंग उत्तराखंड उत्तर काशी से बेसिक माउंट ट्रेनिंग कोर्स 2022 में किया था। इसके बाद उसने एडवांस मांउट एवरेस्ट का कोर्स किया। चोटी को फतह करने में डॉ. अल्का ने उन्हें सहयोग दिया। इस चोटी को रूफ ऑफ इंडोनेशिया भी कहा जाता है।
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उन्होंने बताया कि बचपन से ही उन्हें रोमांचक गतिविधियों का शौक है। 22 अप्रैल को वियतनाम के लिए रवाना हुई थी। रवाना होने से पहले पायल सिंह को लखनऊ में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने राष्ट्रीय ध्वज भेंट कर अभियान के लिए शुभकामनाएं दी थी।
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