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हाथरस : देश-विदेश में धाक जमा रही हाथरस की पूजन सामग्री

Fri, 25 Mar 2022 12:16 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 25 Mar 2022 12:16 AM IST
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Hathras: Worship material of Hathras is gaining momentum in the country and abroad
हाथरस : शहर की एक फैक्टरी में तैयार होती पूजन सामग्री। संवाद - फोटो : HATHRAS
गौरव भारद्वाज
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हाथरस। रंग, गुलाल और हींग के अलावा हाथरस की पहचान अब पूजन सामग्री के कारोबार के लिए भी बनती जा रही है। यहां बन रही पूजन सामग्री देश-विदेश के बाजारों में धाक जमा रही है। घर-घर में अब हाथरस में बन रही पूजन सामग्री से पूजा की जा रही है। हाथरस पूजन सामग्री के कारोबार का नया हब बनकर उभर रहा है।
पिछले करीब 20 वर्षों से शहर में पूजन सामग्री के उत्पादन का कारोबार चल रहा है। समय के साथ इस कारोबार ने भी देशभर में पकड़ बना ली है। नवरात्र, हनुमान जयंती, शनि जयंती, दिवाली जैसे मौकों पर देशभर में पूजन सामग्री भेजी जाती है। करीब एक दर्जन फैक्टरियां पूजन सामग्री का उत्पादन करती हैं। इस समय नवरात्र को देखते हुए फैक्टरियों में तेजी से काम चल रहा है।
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शहर में कई जगहों पर पूजन सामग्री बनाने का काम बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। निर्माताओं की मानें तो आधुनिक पैकिंग और गुणवत्ता की वजह से हाथरस में निर्मित पूजन सामग्री को पसंद किया जाता है। मथुरा, वृंदावन में खासतौर से यहां की पूजा सामग्री का उपयोग होता है। देश के बाहर से आने वाले श्रद्धालु भी यहां से पूजन सामग्री खरीदकर ले जाते हैं। कारोबारियों के लिए फायदेमंद बात यह है कि यह पूजा सामग्री सभी तरह के करों से मुक्त है, इसलिए कारोबारी इस व्यवसाय में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। संवाद
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इन सामग्रियों का होता है उत्पादन
1. रोली
2. सिंदूर
3. चंदनचूरा
4. चंदन तिलक
5. अश्वगंध
6. पेवड़ी
7. हवन सामग्री
8. धूप
9. ईंगुर
10. पूजा सामग्री किट
दो हजार लोगों को मिलता है रोजगार
हाथरस। पूजा सामग्री कारोबार से दो हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होता है। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, सामग्री की मांग बढ़ती जा रही है। शहर में करीब दर्जन भर फैक्टरियों में दो हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल रहा है। निर्माताओं का कहना है कि पूजा सामग्री का कारोबार हर साल प्रगति कर रहा है। संवाद
पोशाक बनाने का कारोबार भी बढ़ा
हाथरस। पूजन सामग्री के कारोबार के परवान चढ़ने के साथ ही शहर में लोगों ने पोशाक, चुनरी और देवी-देवताओं की प्रतिमाएं बनाने का व्यवसाय भी शुरू कर दिया है। पिछले दो तीन सालों से यह व्यवसाय गति पकड़ता जा रहा है। हर खास मौकों पर देव पोशाकों की मांग होती है, इसलिए लोगों ने इस कारोबार में भी दिलचस्पी दिखाई है। संवाद
सिंदूर, रोली और कलावा टैक्स फ्री है। हवन सामग्री, गुग्गल, चंदन चूरा आदि सामान पर पांच प्रतिशत कर है। इस कारण कारण शहर में इसका उत्पादन बड़े पैमाने पर किया जाता है। शहर में 10 फैक्टरियों में पूजन सामग्री का उत्पादन होता है। खास मौकों पर इसकी मांग ज्यादा होती है। कुछ ब्रांड तो नाम से बिकते हैं। मथुरा, वृंदावन में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु इसे खरीदकर ले जाते हैं।

- मनोज अग्रवाल, व्यवसायी
हाथरस पूजन सामग्री का नया हब बन गया है। हाथरस के अलावा अन्य जिलों में पूजन सामग्री की आपूर्ति होती है। नवरात्र में आए आर्डर के अनुसार हमारे हवन सामग्री, रोली, कलावा, आदि तैयार किया गया जा रहा है। इस बार बाजार में नवरात्र पर कारोबार में बूम आने की उम्मीद है। हाथरस में बन रही पूजन सामग्री की मांग तेजी से बढ़ रही है। यह कारोबार जगत के लिए बेहद शुभ संकेत है।
-नितिन वार्ष्णेय, कारोबारी
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