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हाथरस : नाले की पटरी कटने से कई इलाकों में भरा पानी
सार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरससीर रोड स्थित पुल के निकट अलीगढ़ ड्रेन की पटरी कटने से आसपस के कई इलाकों के लोग मुश्किल में घिर गए हैं।इस दौरान कई स्थानों पर मिट्टी को एक तरफ डाल दिया है।सिंचाई विभाग व नगर पालिका समस्या को दूर करने में हीलाहवाली बरत रहा है।
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हाथरस : जलभराव होने के बाद पैदल अपनी बाइक को निकलता एक बाइक सवार। संवाद
- फोटो : HATHRAS
विस्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सीर रोड स्थित पुल के निकट अलीगढ़ ड्रेन की पटरी कटने से आसपस के कई इलाकों के लोग मुश्किल में घिर गए हैं। यहां नगला अलर्जी, सुखराम कॉलोनी, रामचंद नगर में काफी पानी भरा है। करीब 200 घरों में कई-कई फुट तक गंदा पानी भर गया है। ऐसे में कई लोगों को अपने रिश्तेदारों के यहां या पड़ोस में शरण लेनी पड़ी है। घरों के बाहर भी कई-कई फुट गंदा पानी भरा है। घरों में पानी घुसने के कारण लोगों को काफी नुकसान हुआ है।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार की रात को अलीगढ़ ड्रेन की पटरी कट गई थी। इसके बाद बारिश हुई। बारिश के साथ बढ़ते जलस्तर से कई इलाकों में पानी भर गया। लोगों का कहना है कि आसपास के इलाकों के करीब 200 घरों में पानी भर गया है। इस कारण कुछ लोग तो अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। कुछ लोगों ने अपने परिचितों के यहां शरण ले ली है। लोग पानी के रुकने के साथ घरों से पानी निकलने का इंतजार कर रहे हैं। ड्रेन फूटने से सुखराम कॉलोनी, नगला अलगर्जी और रामचंद्र नगर इलाके के लोग ज्यादा प्रभावित हुए हैं। संवाद
लोग बोले-छोटी होने से कटी ड्रेन की पटरी
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बीते दिनों इस नाले की सफाई कराई है। इस दौरान कई स्थानों पर मिट्टी को एक तरफ डाल दिया है। इस कारण एक ओर पटरी पतली हो गई है। मंगलवार की रात को बारिश हुई। बारिश के साथ जलस्तर बढ़ा। पटरी के किनारे लगा पेड़ गिर गया। इस कारण ड्रेन की पटरी क्षतिग्रस्त हो गई। बृहस्पतिवार की शाम को इसकी जानकारी होने पर एसडीएम सदर वहां पहुंचे थे और नाले की पटरी की मरम्मत को लेकर निर्देश दिए थे। इसके उपरांत सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी वहां पहुंचे थे।
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पटरी की मरम्मत के लिए मिट्टी का संकट
सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे तो उनका कहना था कि पानी को रोकने के लिए मिट्टी का बंधा लगाया जाए, लेकिन यहां मिट्टी नहीं है। इस कारण जेसीबी नहीं चली। पानी को रोकने के लिए बोरों में मिट्टी भकर रोकने का प्रयास किया गयी। खास बात यह है कि ड्रेन की पटरी कई जगह से टूट गई है। इस कारण पानी काफी दूर तक भर गया है।
-मकान में पांच से छह फुट तक पानी भर गया है। इस कारण मकान धंस गया है। अब तो मकान में जाना भी मुश्किल हो गया है। इस कारण पड़ोसी के यहां सामान रख दिया है। बाकी सामान मकान में बंद है।
-भगवान सिंह
घर में जो सामान रखा था, उसे छोड़कर चले आए हैं। पानी पहुंचने से मकान का फर्श भी धंस गया है। इस कारण मकान में जाने में डर सता रहा है। वहां कई-कई फुट जलभराव हो रहा है।
-मनोज
मकान में छह से सात फुट तक पानी भर गया है। मकान में सामान बंद है। इस कारण हजारों रुपये का नुकसान हो गया है। कुछ लोग तो अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं।
-सुरेश कुमार
मकान में पानी भरने की वजह से काफी परेशानी हो रही है। इस कारण दो दिन से जीना मुश्किल हो गया है। सिंचाई विभाग व नगर पालिका समस्या को दूर करने में हीलाहवाली बरत रहा है।
-राजेंद्र सिंह
ड्रेन की पटरी कटने से जब पानी आया तो सामान छोड़कर अपने बच्चों को लेकर भागे हैं। जान बचाना मुश्किल हो गया। काफी नुकसान हो गया है। जिला प्रशासन सर्वे कर राहत प्रदान करें।
-रिंकू सिंह
मकानों में और आसपास कई-कई फुट पानी भर गया है। इस कारण काफी नुकसान हुआ है। पानी को रोकते हुए निकासी की व्यवस्था की जाए। यही हाल रहा तो और लोग भी पलायन को मजबूर होंगे।
-नीरज कुमार
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सीर रोड स्थित पुल के निकट अलीगढ़ ड्रेन की पटरी कटने से आसपस के कई इलाकों के लोग मुश्किल में घिर गए हैं। यहां नगला अलर्जी, सुखराम कॉलोनी, रामचंद नगर में काफी पानी भरा है। करीब 200 घरों में कई-कई फुट तक गंदा पानी भर गया है। ऐसे में कई लोगों को अपने रिश्तेदारों के यहां या पड़ोस में शरण लेनी पड़ी है। घरों के बाहर भी कई-कई फुट गंदा पानी भरा है। घरों में पानी घुसने के कारण लोगों को काफी नुकसान हुआ है।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार की रात को अलीगढ़ ड्रेन की पटरी कट गई थी। इसके बाद बारिश हुई। बारिश के साथ बढ़ते जलस्तर से कई इलाकों में पानी भर गया। लोगों का कहना है कि आसपास के इलाकों के करीब 200 घरों में पानी भर गया है। इस कारण कुछ लोग तो अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। कुछ लोगों ने अपने परिचितों के यहां शरण ले ली है। लोग पानी के रुकने के साथ घरों से पानी निकलने का इंतजार कर रहे हैं। ड्रेन फूटने से सुखराम कॉलोनी, नगला अलगर्जी और रामचंद्र नगर इलाके के लोग ज्यादा प्रभावित हुए हैं। संवाद
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लोग बोले-छोटी होने से कटी ड्रेन की पटरी
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बीते दिनों इस नाले की सफाई कराई है। इस दौरान कई स्थानों पर मिट्टी को एक तरफ डाल दिया है। इस कारण एक ओर पटरी पतली हो गई है। मंगलवार की रात को बारिश हुई। बारिश के साथ जलस्तर बढ़ा। पटरी के किनारे लगा पेड़ गिर गया। इस कारण ड्रेन की पटरी क्षतिग्रस्त हो गई। बृहस्पतिवार की शाम को इसकी जानकारी होने पर एसडीएम सदर वहां पहुंचे थे और नाले की पटरी की मरम्मत को लेकर निर्देश दिए थे। इसके उपरांत सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी वहां पहुंचे थे।
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पटरी की मरम्मत के लिए मिट्टी का संकट
सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे तो उनका कहना था कि पानी को रोकने के लिए मिट्टी का बंधा लगाया जाए, लेकिन यहां मिट्टी नहीं है। इस कारण जेसीबी नहीं चली। पानी को रोकने के लिए बोरों में मिट्टी भकर रोकने का प्रयास किया गयी। खास बात यह है कि ड्रेन की पटरी कई जगह से टूट गई है। इस कारण पानी काफी दूर तक भर गया है।
-मकान में पांच से छह फुट तक पानी भर गया है। इस कारण मकान धंस गया है। अब तो मकान में जाना भी मुश्किल हो गया है। इस कारण पड़ोसी के यहां सामान रख दिया है। बाकी सामान मकान में बंद है।
-भगवान सिंह
घर में जो सामान रखा था, उसे छोड़कर चले आए हैं। पानी पहुंचने से मकान का फर्श भी धंस गया है। इस कारण मकान में जाने में डर सता रहा है। वहां कई-कई फुट जलभराव हो रहा है।
-मनोज
मकान में छह से सात फुट तक पानी भर गया है। मकान में सामान बंद है। इस कारण हजारों रुपये का नुकसान हो गया है। कुछ लोग तो अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं।
-सुरेश कुमार
मकान में पानी भरने की वजह से काफी परेशानी हो रही है। इस कारण दो दिन से जीना मुश्किल हो गया है। सिंचाई विभाग व नगर पालिका समस्या को दूर करने में हीलाहवाली बरत रहा है।
-राजेंद्र सिंह
ड्रेन की पटरी कटने से जब पानी आया तो सामान छोड़कर अपने बच्चों को लेकर भागे हैं। जान बचाना मुश्किल हो गया। काफी नुकसान हो गया है। जिला प्रशासन सर्वे कर राहत प्रदान करें।
-रिंकू सिंह
मकानों में और आसपास कई-कई फुट पानी भर गया है। इस कारण काफी नुकसान हुआ है। पानी को रोकते हुए निकासी की व्यवस्था की जाए। यही हाल रहा तो और लोग भी पलायन को मजबूर होंगे।
-नीरज कुमार