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हाथरस : बच्चों के पोषण के लिए गांव-गांव जगाई जा रही अलख

Fri, 17 Sep 2021 10:02 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 17 Sep 2021 10:02 PM IST
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Hathras: Village-village is being awakened for the nutrition of children
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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जन्म से छह वर्ष के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं किशोरियों में कुपोषण कम करने के उद्देश्य से सितंबर महीने को पोषण माह के रूप में मनाए जाने का निर्णय लिया गया है। महीने के चार सप्ताहों के लिए अलग-अलग कार्यक्रम नियत किए हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी डीके सिंह का कहना है कि स्वस्थ जीवन के लिए उचित पोषक तत्वों की जरूरत होती है।
उन्होंने बताया कि शरीर की आहार संबंधी आवश्यकताओं के तहत पोषक तत्वों की प्राप्ति के लिए अच्छा पोषण या उचित आहार सेवन महत्वपूर्ण है। नियमित शारीरिक गतिविधियों के साथ पर्याप्त, उचित एवं संतुलित आहार अच्छे स्वास्थ्य का आधार है। ख़राब पोषण से रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और रोग के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाती है। इससे शारीरिक एवं मानसिक विकास बाधित होता है।
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पोषण माह के तहत विभिन्न प्रकार की जानकारियां दी जा रहीं है। पोषण वाटिका भी लगाई जा रहीं हैं। आंगनबाड़ी केंद्र से हमें पोषाहार भी प्राप्त होता है। इसके आलावा इम्यून सिस्टम अच्छा रहे इसके लिए योग और एक्सरसाइज भी कराई जा रही है और उसके फायदे भी बताए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों को पोस्टर, पेंटिंग आदि के माध्यम से जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है।
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क्यों पोषण जरूरी
पोषण का सीधा संबंध जीवन, विकास और तंदुरुस्ती से है। पोषण हमारे शरीर को संक्रमण, दिव्यांगता, बीमारियों व मृत्यु की संभावना को कम करके हमारे विकास की नींव रखता हैं। यदि हम यही ध्यान गर्भावस्था की शुरुआत होने पर, बच्चे के जन्म के फौरन बाद व छह माह की अवधि पर सही पोषण उपलब्ध कराए तो बच्चों में पोषण की कमी नहीं होगी।

स्तनपान अमृत समान
महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. रूपेंद्र गोयल ने कहा कि अगर बच्चों के जन्म के एक घंटे के अंदर मां का पहला पीला गाढ़ा दूध पिलाया जाए तो ऐसे बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। जब यही मां का दूध लगातार छह महीने तक बच्चों को दिया जाता तो यह बच्चे के मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए संपूर्ण आहार के रूप में काम करता हैं।
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