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हाथरस : जिला पंचायत की बैठक में हंगामा, सभागार में धरने पर बैठे विपक्षी सदस्य
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हाथरस : जिला पंचायत की बैठक में अपर मुख्य अधिकारी की सदस्यों से होती नोक-झोंक। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिला पंचायत बोर्ड की हंगामेदार बैठक बृहस्पतिवार को जिला पंचायत कार्यालय में हुई। कुछ सदस्यों ने बोर्ड की बैठक को अवैध करार देते हुए जमकर नारेबाजी की और इनकी अपर मुख्य अधिकारी से तीखी नोक-झोंक भी हुई। हालांकि इस दौरान हंगामे के बीच सारे प्रस्ताव पारित हो गए और अध्यक्ष व भाजपा के सदस्य वहां से चले गए, लेकिन विपक्षी सदस्य देर शाम तक जिला पंचायत कार्यालय के बैठक सभागार में ही बैठे रहे। इन सदस्यों ने वहां अनशन की घोषणा भी कर दी। देर शाम तक यह सदस्य वहां बैठे रहे तो वहां काफी लोग भी एकत्रित हो गए। बाद में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) जिला पंचायत कार्यालय पहुंच गए और उन्होंने उचित कार्यवाही का आश्वासन देकर इन सदस्यों को धरने से उठाया।
जिला पंचायत बोर्ड की एक बैठक बृहस्पतिवार को जिला पंचायत कार्यालय पर हुई। इसकी अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय ने की। बैठक में पदेन सदस्य के रूप में विधायक सासनी हरीशंकर माहौर, विधायक सिकंदराराऊ वीरेंद्र सिंह राना, ब्लॉक प्रमुख मुरसान रामेश्वर उपाध्याय, हाथरस ब्लॉक प्रमुख पूनम पांडेय सहित कई ब्लॉक प्रमुख भी मौजूद थे।
जब अपर मुख्य अधिकारी संतोष कुमार त्रिपाठी ने बैठक में प्रस्ताव पढ़कर प्रस्तुत करने शुरू किए तो इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने प्रदीप कुमार गुड्डू चौधरी आदि ने इस बैठक को अवैध करार देते हुए वहां हंगामा शुरू कर दिया। इन सदस्यों का कहना था कि यह बैठक पूरी तरह से गलत है। उन्हें पिछली बैठक की कार्यवाही ही उपलब्ध नहीं कराई गई कि आखिर उस बैठक में क्या हुआ था। इसके अलावा उनके इस बैठक को लेकर भी कोई प्रस्ताव नहीं मांगे गए। जब उन्हें बैठक के प्रस्तावों और पिछली कार्यवाही के बारे में बताया ही नहीं गया तो आखिर यह बैठक कैसे हो रही है। सदस्यों को गुमराह किया जा रहा है।
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इन सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि अपर मुख्य अधिकारी ने उनके साथ पिछली बैठक में अभद्रता की थी। हंगामा कर रहे सदस्यों ने उनके इस व्यवहार की निंदा की और उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव रख दिया। इस पर गुड्डू चौधरी, ईशान चौधरी सहित कई सदस्यों की अपर मुख्य अधिकारी से तीखी नोक-झोंक हुई।
इन सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और नारेबाजी करते हुए सभागार में ही धरने पर बैठ गए। हंगामा होता देख दोनों विधायक वहां से चले गए, जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय व अन्य भाजपा समर्थित सदस्य प्रभा सिंह, राजा गरुणध्वज सिंह, उमाशंकर गुप्ता, राधा परमार सहित अन्य सदस्य जिला पंचायत कार्यालय में आ गए।
थोड़ी देर बाद जिला पंचायत अध्यक्ष व अन्य समर्थित सदस्य भी वहां से चले गए, जबकि प्रदीप चौधरी उर्फ गुड्डू, ईशान चौधरी, सूआ पहलवान, उम्मेद सिंह, रामेश्वर पहलवान, सुमन यादव, प्रीति सेंगर, शशि चौधरी वहीं धरने पर बैठ गए। इन लोगों ने क्रइ गंभीर आरोप जिला पंचायत के अधिकारियों पर लगाए। हंगामे की जानकारी मिलने पर वहां पुलिस भी पहुंच गई। इन सदस्यों ने वहां धरने के साथ अनशन की घोषणा भी कर दी। इधर, देर शाम विपक्षी सदस्य धरने पर बैठे रहे।
इस दौरान जिला पंचायत कार्यालय पर रालोद व सपा के कार्यकर्ता भी पहुंच गए। वहां काफी हुजूम जमा हो गया। बाद में शाम को सीडीओ आरबी भास्कर जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे। इन सदस्यों ने उनके समक्ष भी यही मांग रखी कि उन्हें पिछली बैठक की कार्यवाही से अवगत कराया जाए और इस तरह की अवैध बैठकें न की जाएं। बैठकों से पहले उनसे प्रस्ताव लिए जाएं। अपर मुख्य अधिकारी पर भी विपक्षी सदस्यों ने गंभीर आरोप लगाए। बाद में सीडीओ ने इन सदस्यों को कार्रवाई का आश्वासन देकर धरने से उठाया।
हंगामे के बीच यह प्रस्ताव हुए पारित
हाथरस। बैठक में हंगामे के बीच 16 अगस्त को हुई बैठक की संपुष्टि की गई। इसके अलावा पंचम राज्य वित्त आयोग की वित्तीय वर्ष 2020-21 की कार्ययोजना पर विचार किया गया। 15 वां केंद्रीय वित्त आयोग आयोग की वित्तीय वर्ष 2020-21 व वित्तीय वर्ष 2021-22 की कार्ययोजना पर विचार जैसे प्रस्ताव पास हुए। संवाद
किसी के साथ नहीं की अभद्रता
हाथरस। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी संतोष कुमार त्रिपाठी का कहना है कि सभी प्रस्ताव पारित हो गए हैं, क्योंकि प्रस्तावों के पक्ष में पूरा बहुमत था। उन्होंने विपक्षी सदस्यों द्वारा लगाए गए अभद्रता के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने कभी भी किसी सदस्य के साथ अभद्रता नहीं की। उन्होंने सदस्यों के इस विरोध को भी गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि सदस्य चाहते तो अपने सुझाव व प्रस्ताव बैठक के बीच में ही रख सकते थे।
सभागार छोटा होने की बात भी कही
हाथरस। इस बैठक में सभागार छोटा होने की बात भी विपक्षी सदस्यों ने उठाई। गुड्डू चौधरी का कहना था कि इस समय कोरोना महामारी चल रही है और यह सभागार काफी छोटा है तो अन्य किसी बड़े हॉल में बैठक करनी चाहिए थी। संवाद
विरोधी अपनी हार को अभी तक पचा नहीं पा रहे हैं और वह पूरी तरह से बौखलाए हुए हैं, इसलिए जनपद के विकास कार्यों में अवरोध बन रहे हैं, किंतु उनके इस तरह के काम करने से जनपद के विकास का पहिया नहीं रुकेगा। आज की बैठक में जिले से सभी विभागों के अधिकारी शामिल हुए थे। अगर उन्हें वास्तव में जनता की समस्याओं के निस्तारण के लिए कुछ करना होता तो जनता की समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखते।
-सीमा उपाध्याय, अध्यक्ष जिला पंचायत हाथरस
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जिला पंचायत बोर्ड की हंगामेदार बैठक बृहस्पतिवार को जिला पंचायत कार्यालय में हुई। कुछ सदस्यों ने बोर्ड की बैठक को अवैध करार देते हुए जमकर नारेबाजी की और इनकी अपर मुख्य अधिकारी से तीखी नोक-झोंक भी हुई। हालांकि इस दौरान हंगामे के बीच सारे प्रस्ताव पारित हो गए और अध्यक्ष व भाजपा के सदस्य वहां से चले गए, लेकिन विपक्षी सदस्य देर शाम तक जिला पंचायत कार्यालय के बैठक सभागार में ही बैठे रहे। इन सदस्यों ने वहां अनशन की घोषणा भी कर दी। देर शाम तक यह सदस्य वहां बैठे रहे तो वहां काफी लोग भी एकत्रित हो गए। बाद में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) जिला पंचायत कार्यालय पहुंच गए और उन्होंने उचित कार्यवाही का आश्वासन देकर इन सदस्यों को धरने से उठाया।
जिला पंचायत बोर्ड की एक बैठक बृहस्पतिवार को जिला पंचायत कार्यालय पर हुई। इसकी अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय ने की। बैठक में पदेन सदस्य के रूप में विधायक सासनी हरीशंकर माहौर, विधायक सिकंदराराऊ वीरेंद्र सिंह राना, ब्लॉक प्रमुख मुरसान रामेश्वर उपाध्याय, हाथरस ब्लॉक प्रमुख पूनम पांडेय सहित कई ब्लॉक प्रमुख भी मौजूद थे।
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जब अपर मुख्य अधिकारी संतोष कुमार त्रिपाठी ने बैठक में प्रस्ताव पढ़कर प्रस्तुत करने शुरू किए तो इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने प्रदीप कुमार गुड्डू चौधरी आदि ने इस बैठक को अवैध करार देते हुए वहां हंगामा शुरू कर दिया। इन सदस्यों का कहना था कि यह बैठक पूरी तरह से गलत है। उन्हें पिछली बैठक की कार्यवाही ही उपलब्ध नहीं कराई गई कि आखिर उस बैठक में क्या हुआ था। इसके अलावा उनके इस बैठक को लेकर भी कोई प्रस्ताव नहीं मांगे गए। जब उन्हें बैठक के प्रस्तावों और पिछली कार्यवाही के बारे में बताया ही नहीं गया तो आखिर यह बैठक कैसे हो रही है। सदस्यों को गुमराह किया जा रहा है।
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इन सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि अपर मुख्य अधिकारी ने उनके साथ पिछली बैठक में अभद्रता की थी। हंगामा कर रहे सदस्यों ने उनके इस व्यवहार की निंदा की और उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव रख दिया। इस पर गुड्डू चौधरी, ईशान चौधरी सहित कई सदस्यों की अपर मुख्य अधिकारी से तीखी नोक-झोंक हुई।
इन सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और नारेबाजी करते हुए सभागार में ही धरने पर बैठ गए। हंगामा होता देख दोनों विधायक वहां से चले गए, जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय व अन्य भाजपा समर्थित सदस्य प्रभा सिंह, राजा गरुणध्वज सिंह, उमाशंकर गुप्ता, राधा परमार सहित अन्य सदस्य जिला पंचायत कार्यालय में आ गए।
थोड़ी देर बाद जिला पंचायत अध्यक्ष व अन्य समर्थित सदस्य भी वहां से चले गए, जबकि प्रदीप चौधरी उर्फ गुड्डू, ईशान चौधरी, सूआ पहलवान, उम्मेद सिंह, रामेश्वर पहलवान, सुमन यादव, प्रीति सेंगर, शशि चौधरी वहीं धरने पर बैठ गए। इन लोगों ने क्रइ गंभीर आरोप जिला पंचायत के अधिकारियों पर लगाए। हंगामे की जानकारी मिलने पर वहां पुलिस भी पहुंच गई। इन सदस्यों ने वहां धरने के साथ अनशन की घोषणा भी कर दी। इधर, देर शाम विपक्षी सदस्य धरने पर बैठे रहे।
इस दौरान जिला पंचायत कार्यालय पर रालोद व सपा के कार्यकर्ता भी पहुंच गए। वहां काफी हुजूम जमा हो गया। बाद में शाम को सीडीओ आरबी भास्कर जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे। इन सदस्यों ने उनके समक्ष भी यही मांग रखी कि उन्हें पिछली बैठक की कार्यवाही से अवगत कराया जाए और इस तरह की अवैध बैठकें न की जाएं। बैठकों से पहले उनसे प्रस्ताव लिए जाएं। अपर मुख्य अधिकारी पर भी विपक्षी सदस्यों ने गंभीर आरोप लगाए। बाद में सीडीओ ने इन सदस्यों को कार्रवाई का आश्वासन देकर धरने से उठाया।
हंगामे के बीच यह प्रस्ताव हुए पारित
हाथरस। बैठक में हंगामे के बीच 16 अगस्त को हुई बैठक की संपुष्टि की गई। इसके अलावा पंचम राज्य वित्त आयोग की वित्तीय वर्ष 2020-21 की कार्ययोजना पर विचार किया गया। 15 वां केंद्रीय वित्त आयोग आयोग की वित्तीय वर्ष 2020-21 व वित्तीय वर्ष 2021-22 की कार्ययोजना पर विचार जैसे प्रस्ताव पास हुए। संवाद
किसी के साथ नहीं की अभद्रता
हाथरस। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी संतोष कुमार त्रिपाठी का कहना है कि सभी प्रस्ताव पारित हो गए हैं, क्योंकि प्रस्तावों के पक्ष में पूरा बहुमत था। उन्होंने विपक्षी सदस्यों द्वारा लगाए गए अभद्रता के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने कभी भी किसी सदस्य के साथ अभद्रता नहीं की। उन्होंने सदस्यों के इस विरोध को भी गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि सदस्य चाहते तो अपने सुझाव व प्रस्ताव बैठक के बीच में ही रख सकते थे।
सभागार छोटा होने की बात भी कही
हाथरस। इस बैठक में सभागार छोटा होने की बात भी विपक्षी सदस्यों ने उठाई। गुड्डू चौधरी का कहना था कि इस समय कोरोना महामारी चल रही है और यह सभागार काफी छोटा है तो अन्य किसी बड़े हॉल में बैठक करनी चाहिए थी। संवाद
विरोधी अपनी हार को अभी तक पचा नहीं पा रहे हैं और वह पूरी तरह से बौखलाए हुए हैं, इसलिए जनपद के विकास कार्यों में अवरोध बन रहे हैं, किंतु उनके इस तरह के काम करने से जनपद के विकास का पहिया नहीं रुकेगा। आज की बैठक में जिले से सभी विभागों के अधिकारी शामिल हुए थे। अगर उन्हें वास्तव में जनता की समस्याओं के निस्तारण के लिए कुछ करना होता तो जनता की समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखते।
-सीमा उपाध्याय, अध्यक्ष जिला पंचायत हाथरस