{"_id":"5eda86d08ebc3e909726ade8","slug":"hathras-unlock-1-increases-the-burden-on-the-electricity-system-from-the-countryside-hathras-news-ali235405790","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस: अनलॉक-1 में शहर से देहात बढ़ा बिजली सिस्टम पर बोझ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस: अनलॉक-1 में शहर से देहात बढ़ा बिजली सिस्टम पर बोझ
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
अनलॉक-1 में शहर से देहात तक बिजली सिस्टम पर लोड बढ़ गया है। शहर में 12 से 17 मिलियन यूनिट खपत के साथ 43 फीसदी बिजली की मांग बढ़ी है। जिले भर में 95 से 120 मिलियन यूनिट पर बिजली खपत का आंकड़ा पहुंच गया है। बिजली की खपत बढ़ने के साथ अधिकारियों के पसीने छूटे हुए हैं। वजह यह है कि विद्युत उपकरण ओवरलोड हो रहे हैं।
मीतई के 220 केवीए सब स्टेशन को आगरा से करीब 700 मेगावाट बिजली की आपूर्ति दी जाती है। इसमें करीब 100 से डेढ़ सौ मिलियन यूनिट तक गर्मियों में बिजली की हर साल जिले में खपत होती है। लॉकडाउन में बिजली की खपत का आंकड़ा 90 मिलियन यूनिट पर पहुंच गया था। अब अनलॉक-1 के साथ उद्योग-धंधे चलने शुरू हो गए हैं। गर्मी बढ़ने के कारण एसी, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण अधिक चल रहे हैं, जिससे जिले में बिजली की खपत बढ़ी है। शहर में 12 मिलियन से 17 मिलियन यूनिट पर बिजली की खपत पहुंच गई।
देहात में भी 25 फीसदी बिजली की खपत बढ़ी है। इसके साथ बिजली की खपत का आंकड़ा 120 मिलियन यूनिट पर पहुंच गया है। खपत बढ़ने के साथ बिजली अधिकारियों को लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व नहीं मिल रहा है। इस कारण अफसरों को बैठकों में बार-बार सुननी पड़ रही है। शुक्रवार को निगम के एमडी ने वीसी के जरिए राजस्व वसूली पर जोर दिया है।
विज्ञापन
साथ ही लोगों को रीडिंग के हिसाब से बिल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। अधीक्षण अभियंता हरी मोहन का कहना है अनलॉक-1में बिजली की खपत बढ़ी है। शहर में 12 से 17 मिलियन यूनिट खपत पहुंचने के साथ 43 फीसदी बिजली की मांग बढ़ी है। देहात में 25 फीसदी बिजली अधिक खर्च हो रही है। जिलेभर में अब तक कुल 120 मिलियन यूनिट पर बिजली खपत का आंकड़ा पहुंच गया है।
विज्ञापन
अनलॉक-1 में शहर से देहात तक बिजली सिस्टम पर लोड बढ़ गया है। शहर में 12 से 17 मिलियन यूनिट खपत के साथ 43 फीसदी बिजली की मांग बढ़ी है। जिले भर में 95 से 120 मिलियन यूनिट पर बिजली खपत का आंकड़ा पहुंच गया है। बिजली की खपत बढ़ने के साथ अधिकारियों के पसीने छूटे हुए हैं। वजह यह है कि विद्युत उपकरण ओवरलोड हो रहे हैं।
मीतई के 220 केवीए सब स्टेशन को आगरा से करीब 700 मेगावाट बिजली की आपूर्ति दी जाती है। इसमें करीब 100 से डेढ़ सौ मिलियन यूनिट तक गर्मियों में बिजली की हर साल जिले में खपत होती है। लॉकडाउन में बिजली की खपत का आंकड़ा 90 मिलियन यूनिट पर पहुंच गया था। अब अनलॉक-1 के साथ उद्योग-धंधे चलने शुरू हो गए हैं। गर्मी बढ़ने के कारण एसी, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण अधिक चल रहे हैं, जिससे जिले में बिजली की खपत बढ़ी है। शहर में 12 मिलियन से 17 मिलियन यूनिट पर बिजली की खपत पहुंच गई।
विज्ञापन
देहात में भी 25 फीसदी बिजली की खपत बढ़ी है। इसके साथ बिजली की खपत का आंकड़ा 120 मिलियन यूनिट पर पहुंच गया है। खपत बढ़ने के साथ बिजली अधिकारियों को लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व नहीं मिल रहा है। इस कारण अफसरों को बैठकों में बार-बार सुननी पड़ रही है। शुक्रवार को निगम के एमडी ने वीसी के जरिए राजस्व वसूली पर जोर दिया है।
विज्ञापन
साथ ही लोगों को रीडिंग के हिसाब से बिल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। अधीक्षण अभियंता हरी मोहन का कहना है अनलॉक-1में बिजली की खपत बढ़ी है। शहर में 12 से 17 मिलियन यूनिट खपत पहुंचने के साथ 43 फीसदी बिजली की मांग बढ़ी है। देहात में 25 फीसदी बिजली अधिक खर्च हो रही है। जिलेभर में अब तक कुल 120 मिलियन यूनिट पर बिजली खपत का आंकड़ा पहुंच गया है।