{"_id":"61c3703941071c6fe90d0290","slug":"hathras-two-attackers-sentenced-to-two-years-imprisonment-and-fine-hathras-news-ali281253533","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : दो हमलावरों को दो-दो साल कैद और अर्थदंड की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : दो हमलावरों को दो-दो साल कैद और अर्थदंड की सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) ने हमले के दो आरोपियों को दोषी मानते हुए दो साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उन्हें अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार प्रकाशचंद्र शर्मा निवासी सासनी ने थाना कोतवाली सासनी में 17 सितंबर 1995 को यह तहरीर दी कि दोपहर दो बजे गजेंद्र सिंह व रवेंद्र सिंह पुत्रगण सरदार सिंह, उनकी मां और बहन निवासीगण गांव सीकुर थाना सासनी कुछ अन्य गुंडों के साथ सार्वजनिक बगीची पर कब्जा करने के इरादे से तोड़फोड़ कर रहे थे। इन लोगों से जब ऐसा करने से मना किया गया तो जान से मारने की नीयत से रवेंद्र व गजेंद्र ने उनके सिर पर बांक व लाठी मारी। औरतों ने ईंट मारी, जिससे उनका सिर फट गया और उनके बाएं हाथ की उंगली में फैक्चर हो गया।
लोगों ने दोनों हमलावरों गजेंद्र व रवेंद्र को पकड़ लिया। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई न्यायालय में हुई। इस मामले में विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी अधिनियम) अनुराग पंवार रवेंद्र व गजेंद्र को धारा 325 सपठित धारा 34 भारतीय दंड संहिता के अपराध में दो-दो वर्ष के कठोर कारावास व दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड न देने पर इन्हें 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी केशव देव माहौर ने पैरवी की। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) ने हमले के दो आरोपियों को दोषी मानते हुए दो साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उन्हें अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार प्रकाशचंद्र शर्मा निवासी सासनी ने थाना कोतवाली सासनी में 17 सितंबर 1995 को यह तहरीर दी कि दोपहर दो बजे गजेंद्र सिंह व रवेंद्र सिंह पुत्रगण सरदार सिंह, उनकी मां और बहन निवासीगण गांव सीकुर थाना सासनी कुछ अन्य गुंडों के साथ सार्वजनिक बगीची पर कब्जा करने के इरादे से तोड़फोड़ कर रहे थे। इन लोगों से जब ऐसा करने से मना किया गया तो जान से मारने की नीयत से रवेंद्र व गजेंद्र ने उनके सिर पर बांक व लाठी मारी। औरतों ने ईंट मारी, जिससे उनका सिर फट गया और उनके बाएं हाथ की उंगली में फैक्चर हो गया।
विज्ञापन
लोगों ने दोनों हमलावरों गजेंद्र व रवेंद्र को पकड़ लिया। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई न्यायालय में हुई। इस मामले में विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी अधिनियम) अनुराग पंवार रवेंद्र व गजेंद्र को धारा 325 सपठित धारा 34 भारतीय दंड संहिता के अपराध में दो-दो वर्ष के कठोर कारावास व दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड न देने पर इन्हें 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी केशव देव माहौर ने पैरवी की। संवाद
विज्ञापन