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हाथरस : परिवहन निगम ने मांगा मृत रोडवेज कर्मियों का डेटा
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना काल में कई रोडवेज कर्मियों ने अपनों को खोया है। जिसका गम वह भुला नहीं पा रहे हैं। इस क्रम में परिवहन निगम स्तर से बीते दो महीने के मृत कर्मियों का डेटा मांगा गया है। डिपो अधिकारियों के अनुसार इन कर्मियों के परिजनों को कोरोना महामारी के तहत शासन स्तर से मदद मिलने की संभावना है।
हाथरस डिपो में वर्तमान में 84 बसें हैं। इनके संचालन में करीब चार सौ कर्मी लगे हुए हैं। हालांकि वर्तमान में संक्रमण को देखते हुए यूपी से सटे राज्यों में संचालन पर विराम लगा दिया गया है। पूर्व में दिल्ली से अन्य राज्यों में हाथरस डिपो की बसों के जरिये यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाया गया।
डिपो में इस दौरान कई कर्मियों की मृत्यु भी हुई। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए निगम स्तर से बीते दो महीने में मृत कर्मियों का डेटा मांगा गया है। डेटा मांगे जाने के बाद कर्मियों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं। शायद शासन स्तर से मृत कर्मियों को कुछ राहत प्रदान की जाए।
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कोरोना काल में कई रोडवेज कर्मियों ने अपनों को खोया है। जिसका गम वह भुला नहीं पा रहे हैं। इस क्रम में परिवहन निगम स्तर से बीते दो महीने के मृत कर्मियों का डेटा मांगा गया है। डिपो अधिकारियों के अनुसार इन कर्मियों के परिजनों को कोरोना महामारी के तहत शासन स्तर से मदद मिलने की संभावना है।
हाथरस डिपो में वर्तमान में 84 बसें हैं। इनके संचालन में करीब चार सौ कर्मी लगे हुए हैं। हालांकि वर्तमान में संक्रमण को देखते हुए यूपी से सटे राज्यों में संचालन पर विराम लगा दिया गया है। पूर्व में दिल्ली से अन्य राज्यों में हाथरस डिपो की बसों के जरिये यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाया गया।
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डिपो में इस दौरान कई कर्मियों की मृत्यु भी हुई। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए निगम स्तर से बीते दो महीने में मृत कर्मियों का डेटा मांगा गया है। डेटा मांगे जाने के बाद कर्मियों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं। शायद शासन स्तर से मृत कर्मियों को कुछ राहत प्रदान की जाए।
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