{"_id":"635820be205fc60967658c1c","slug":"hathras-tomorrow-will-celebrate-bhai-dooj-trains-and-buses-will-be-crowded-hathras-news-ali303362913","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : कल मनेगी भाई दूज, ट्रेन और बसों में उमड़ेगी भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : कल मनेगी भाई दूज, ट्रेन और बसों में उमड़ेगी भीड़
विज्ञापन
हाथरस : शहर में एक दुकान पर खरीदारी के लिए लगी भीड़। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
भाई-बहन के स्नेह के प्रतीक भाई दूज का त्योहार बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है। इस दिन यमराज से भाई की रक्षा की प्रार्थना की जाती है। दूज की पूर्व संध्या पर बाजारों में काफी भीड़ रहेगी। ट्रेन और बसों में भीड़ उमड़ेगी।
हिंदू धर्म में त्योहारों का खासा महत्व है। इन्हीं में से एक भाई दूज का पर्व है। जो भाई-बहन के आत्मीय रिश्ते को दर्शाता है। इसका इंतजार हर बहन के साथ भाई को भी होता है, इसलिए बहुत से भाई बहनों के पास पहुंचने के लिए घरों निकले तो कुछ बहनें भी भाइयों के पास जाने के लिए उतावली रहीं, इसलिए बस और ट्रेनों में भीड़ रहती है।
बृहस्पतिवार को भाई दूज पर्व उल्लास के साथ मनाया जाएगा। बुधवार को पूर्व संध्या पर लोग त्योहार की खरीदारी करेंगे। गिफ्ट गैलरी और सराफा की दुकानों पर भीड़ रहने की उम्मीद है। संवाद
विज्ञापन
भाई दूज से जुड़ी कथा
आचार्य सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाए जाने की पीछे सूर्य पुत्री यमुना तथा यमराज की कथा जुड़ी है। एक बार यमुना ने भाई यमराज को घर आकर भोजन ग्रहण करने का निमंत्रण दिया था, जिसे उन्होंने टाल दिया। बाद में वह कार्तिक द्वितीय के दिन उनके घर पहुंचे तथा उन्हें वरदान दिया कि जो कोई भाई आज के दिन यमुना स्नान कर बहन के घर जाकर आदर-सत्कार ग्रहण करेगा। उसे और बहन को यम का भय नहीं रहेगा, इसलिए बहन भाई की दीर्घायु के साथ यम की भी पूजा करती हैं। उन्होंने बताया कि दूज के दिन यमराज से पहले श्रीगणेश की पूजा करना शुभ रहता है।
विज्ञापन
भाई-बहन के स्नेह के प्रतीक भाई दूज का त्योहार बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है। इस दिन यमराज से भाई की रक्षा की प्रार्थना की जाती है। दूज की पूर्व संध्या पर बाजारों में काफी भीड़ रहेगी। ट्रेन और बसों में भीड़ उमड़ेगी।
हिंदू धर्म में त्योहारों का खासा महत्व है। इन्हीं में से एक भाई दूज का पर्व है। जो भाई-बहन के आत्मीय रिश्ते को दर्शाता है। इसका इंतजार हर बहन के साथ भाई को भी होता है, इसलिए बहुत से भाई बहनों के पास पहुंचने के लिए घरों निकले तो कुछ बहनें भी भाइयों के पास जाने के लिए उतावली रहीं, इसलिए बस और ट्रेनों में भीड़ रहती है।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को भाई दूज पर्व उल्लास के साथ मनाया जाएगा। बुधवार को पूर्व संध्या पर लोग त्योहार की खरीदारी करेंगे। गिफ्ट गैलरी और सराफा की दुकानों पर भीड़ रहने की उम्मीद है। संवाद
विज्ञापन
भाई दूज से जुड़ी कथा
आचार्य सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाए जाने की पीछे सूर्य पुत्री यमुना तथा यमराज की कथा जुड़ी है। एक बार यमुना ने भाई यमराज को घर आकर भोजन ग्रहण करने का निमंत्रण दिया था, जिसे उन्होंने टाल दिया। बाद में वह कार्तिक द्वितीय के दिन उनके घर पहुंचे तथा उन्हें वरदान दिया कि जो कोई भाई आज के दिन यमुना स्नान कर बहन के घर जाकर आदर-सत्कार ग्रहण करेगा। उसे और बहन को यम का भय नहीं रहेगा, इसलिए बहन भाई की दीर्घायु के साथ यम की भी पूजा करती हैं। उन्होंने बताया कि दूज के दिन यमराज से पहले श्रीगणेश की पूजा करना शुभ रहता है।