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हाथरस : बुखार से किशोरी सहित तीन की मौत
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कामिनी का फाइल फोटो।
- फोटो : SHAPHU
संवाद न्यूज एजेंसी, सहपऊ।
क्षेत्र में बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को गांव सेदरिया निवासी एक किशोरी, थरौरा निवासी युवक व गांव कुकरगंवा निवासी युवती की मौत हो गई। तीनों को बुखार होने पर परिजन इलाज के लिए आगरा ले गए थे। क्षेत्र में लगातार हो रही मौतों से लोगों में दहशत का माहौल बन गया है।
जानकारी के अनुसार, गांव सेदरिया निवासी चेतन की पुत्री वंशिका (11) को तीन पहले बुखार आया था। परिजन उसका इलाज आगरा में करा रहे थे। बुधवार की सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, गांव थरौरा निवासी राघवेंद्र यादव (38) को पांच दिन पूर्व बुखार आया था। परिजन उसे पहले इलाज के लिए आगरा ले गए थे। यहां स्थिति में सुधार नहीं होने पर फिर दिल्ली ले गए। दिल्ली में बुधवार की सुबह इलाज के दौरान राघवेंद्र का निधन हो गया।
इधर, गांव कुकरगवां निवासी छोटे सिंह की पुत्री कामिनी (21) को तीन पहले बुखार आया था। उसके परिजनों ने बताया कि बुखार आते ही उसे वह इलाज के लिए आगरा ले गए। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। तीनों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रकाश मोहन का कहना है कि सभी मृतकों के परिजनों के रक्त के नमूने लेने के लिए टीमें भेजी गई है। गांवों में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम शिविर लगाकर लोगों की जांच कर रही है। ग्राम प्रधानों को कीटनाशक का छिड़काव कराने के लिए कहा गया है।
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क्षेत्र में बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को गांव सेदरिया निवासी एक किशोरी, थरौरा निवासी युवक व गांव कुकरगंवा निवासी युवती की मौत हो गई। तीनों को बुखार होने पर परिजन इलाज के लिए आगरा ले गए थे। क्षेत्र में लगातार हो रही मौतों से लोगों में दहशत का माहौल बन गया है।
जानकारी के अनुसार, गांव सेदरिया निवासी चेतन की पुत्री वंशिका (11) को तीन पहले बुखार आया था। परिजन उसका इलाज आगरा में करा रहे थे। बुधवार की सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, गांव थरौरा निवासी राघवेंद्र यादव (38) को पांच दिन पूर्व बुखार आया था। परिजन उसे पहले इलाज के लिए आगरा ले गए थे। यहां स्थिति में सुधार नहीं होने पर फिर दिल्ली ले गए। दिल्ली में बुधवार की सुबह इलाज के दौरान राघवेंद्र का निधन हो गया।
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इधर, गांव कुकरगवां निवासी छोटे सिंह की पुत्री कामिनी (21) को तीन पहले बुखार आया था। उसके परिजनों ने बताया कि बुखार आते ही उसे वह इलाज के लिए आगरा ले गए। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। तीनों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रकाश मोहन का कहना है कि सभी मृतकों के परिजनों के रक्त के नमूने लेने के लिए टीमें भेजी गई है। गांवों में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम शिविर लगाकर लोगों की जांच कर रही है। ग्राम प्रधानों को कीटनाशक का छिड़काव कराने के लिए कहा गया है।

वंशिका का फाइल फोटो। - फोटो : SHAPHU