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एआरएम का स्टेनो बनकर ठगे हजारों
अमर उजाला ब्यूरो/ हाथरस।
Updated Mon, 29 May 2017 10:52 PM IST
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चोरी
- फोटो : अमर उजाला
अलीगढ़ की सराय खिरनी का रहने वाला एक शख्स को खुद को एआरएम का स्टेनो बताकर सालों से ठगी कर रहा था। सोमवार को वह एक ऐसे शख्स के हत्थे चढ़ गया, जिसके भाई से उसने तीन साल पहले नौकरी दिलाने के नाम पर 45 हजार रुपये ठगे थे। आरोपी को सदर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस को तलाशी में आरोपी के पास से कई फर्जी पहचान पत्र मिले हैं। आरोपी के पास से सूचना प्रसारण मंत्रालय का भी कार्ड मिला है और वह खुद को फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर कई अखबारों से जुड़ा मान्यता प्राप्त पत्रकार बता रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
आगरा के जगनेर थाना क्षेत्र के मेवली इलाके के रहने वाले भीकम सिंह पुत्र बदन सिंह का कहना है कि वह आगरा में संविदा पर बतौर परिचालक तैनात हैं। साल 2012 में वह अपने भाई को संविदा पर नौकरी दिलाने के लिए अलीगढ़ एआरएम ऑफिस गए थे। एआरएम ऑफिस में उन्हें एक शख्स मिला जिसने खुद को एआरएम का स्टेनो बताया। उसने नौकरी का भरोसा दिलाते हुए 45 हजार रुपये ठग लिए। इसके बाद जब भी भीकम ने भाई की नौकरी के बारे में पूछा आरोपी टालमटोल करता रहा। बाद में उसने फोन उठाना बंद कर दिया। भीकम सिंह को जब ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने आरोपी की तलाश तेज कर दी। कई साल से वह उसकी तलाश में थे। भीकम का कहना है कि जब भी उन्हें मौका मिलता तो वह आरोपी को ढूंढने अलीगढ़ के एआरएम कार्यालय पहुंच जाते। सोमवार को भी वह बस से अलीगढ़ जा रहे थे।
संयोगवश आरोपी उसी बस में उन्हें बैठा हुआ मिला। हाथरस पहुंचने पर भीकम ने यूपी 100 को फोन कर पुलिस को बुला लिया। पुलिस आरोपी को सदर कोतवाली ले गई। यहां तलाशी में उसके पास से कई फर्जी पहचान पत्र मिले। कोतवाली पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। कोतवाली निरीक्षक सूर्यकांत द्विवेदी का कहना है कि ठगी अलीगढ़ में हुई है। हाथरस कोतवाली क्षेत्र से इसका कोई लेना-देना नहीं है। फिर भी आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जांच के बाद ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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आगरा के जगनेर थाना क्षेत्र के मेवली इलाके के रहने वाले भीकम सिंह पुत्र बदन सिंह का कहना है कि वह आगरा में संविदा पर बतौर परिचालक तैनात हैं। साल 2012 में वह अपने भाई को संविदा पर नौकरी दिलाने के लिए अलीगढ़ एआरएम ऑफिस गए थे। एआरएम ऑफिस में उन्हें एक शख्स मिला जिसने खुद को एआरएम का स्टेनो बताया। उसने नौकरी का भरोसा दिलाते हुए 45 हजार रुपये ठग लिए। इसके बाद जब भी भीकम ने भाई की नौकरी के बारे में पूछा आरोपी टालमटोल करता रहा। बाद में उसने फोन उठाना बंद कर दिया। भीकम सिंह को जब ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने आरोपी की तलाश तेज कर दी। कई साल से वह उसकी तलाश में थे। भीकम का कहना है कि जब भी उन्हें मौका मिलता तो वह आरोपी को ढूंढने अलीगढ़ के एआरएम कार्यालय पहुंच जाते। सोमवार को भी वह बस से अलीगढ़ जा रहे थे।
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संयोगवश आरोपी उसी बस में उन्हें बैठा हुआ मिला। हाथरस पहुंचने पर भीकम ने यूपी 100 को फोन कर पुलिस को बुला लिया। पुलिस आरोपी को सदर कोतवाली ले गई। यहां तलाशी में उसके पास से कई फर्जी पहचान पत्र मिले। कोतवाली पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। कोतवाली निरीक्षक सूर्यकांत द्विवेदी का कहना है कि ठगी अलीगढ़ में हुई है। हाथरस कोतवाली क्षेत्र से इसका कोई लेना-देना नहीं है। फिर भी आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जांच के बाद ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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