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हाथरस : इस बार ध्वजयोग में मनाया जाएगा मकर संक्राति का पर्व
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हाथरस : मकर संक्रांति के चलते बाजार में दुकानों पर गजक, रेवड़ी खरीदते लोग।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
इस बार ध्वज योग में सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा। इसके बाद सभी राशि के जातकों का भाग्य चमकेगा। मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा। श्रवण नक्षत्र में सूर्य के मकर राशि में प्रवेश से ध्वज योग बन रहा है। यह एक शुभ योग है। सूर्य का मकर राशि सुबह आठ बजकर 14 मिनट से प्रवेश होगा। बृहस्पतिवार को दान-पुण्य किया जा सकता है।
आचार्य सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि मकर संक्रांति से सूर्य की गति एक साल में 20 सेकेंड तक बढ़ जाती है। मकर संक्रांति को सूर्य धनु राशि में आने से खरमास भी समाप्त होगा, लेकिन विवाह व शुभ कार्य का आयोजन नहीं होगा, क्योंकि मकर संक्रांति के तीन दिन बाद गुरु अस्त हो रहे हैं। गुरु और तारा अस्त होने के कारण शुभ कार्यों पर 14 फरवरी तक विराम लगा रहेगा।
इस बार खास बात यह है कि सूर्य के पुत्र शनि स्वयं अपने घर मकर राशि में गुरु बृहस्पति व बुध चंद्रमा को साथ लेकर सूर्य का मकर राशि में स्वागत करेंगे। ग्रहों का संयोग दुलर्भ माना जाता है। ग्रहों के राजा सूर्य सिंह पर सवार होकर मकर में संक्रमण करेंगे। इससे राजनीति में सत्ता पक्ष का प्रभाव बढे़गा। देश में राजनीतिक उथल-पुथल के साथ कुछ स्थानों पर सत्ता में फेरबदल हो सकता है। पुण्य काल पूरे दिन रहेगा। इस दिन लोग गंगाघाटों को स्नान के लिए भी जाएंगे।
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इस बार ध्वज योग में सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा। इसके बाद सभी राशि के जातकों का भाग्य चमकेगा। मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा। श्रवण नक्षत्र में सूर्य के मकर राशि में प्रवेश से ध्वज योग बन रहा है। यह एक शुभ योग है। सूर्य का मकर राशि सुबह आठ बजकर 14 मिनट से प्रवेश होगा। बृहस्पतिवार को दान-पुण्य किया जा सकता है।
आचार्य सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि मकर संक्रांति से सूर्य की गति एक साल में 20 सेकेंड तक बढ़ जाती है। मकर संक्रांति को सूर्य धनु राशि में आने से खरमास भी समाप्त होगा, लेकिन विवाह व शुभ कार्य का आयोजन नहीं होगा, क्योंकि मकर संक्रांति के तीन दिन बाद गुरु अस्त हो रहे हैं। गुरु और तारा अस्त होने के कारण शुभ कार्यों पर 14 फरवरी तक विराम लगा रहेगा।
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इस बार खास बात यह है कि सूर्य के पुत्र शनि स्वयं अपने घर मकर राशि में गुरु बृहस्पति व बुध चंद्रमा को साथ लेकर सूर्य का मकर राशि में स्वागत करेंगे। ग्रहों का संयोग दुलर्भ माना जाता है। ग्रहों के राजा सूर्य सिंह पर सवार होकर मकर में संक्रमण करेंगे। इससे राजनीति में सत्ता पक्ष का प्रभाव बढे़गा। देश में राजनीतिक उथल-पुथल के साथ कुछ स्थानों पर सत्ता में फेरबदल हो सकता है। पुण्य काल पूरे दिन रहेगा। इस दिन लोग गंगाघाटों को स्नान के लिए भी जाएंगे।
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