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हाथरस : आधे शहर में 20 घंटे रहा बिजली संकट, पानी के लिए भी तरसे बाशिंद
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हाथरस : आंधी से मीतई बिजलीघर के पीछे गिरे विद्युत खंभों को दुरुस्त करते कर्मी। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
220 केवी मीतई विद्युत उपसंस्थान के निकट सोमवार की देर रात आई आंधी व बूंदाबांदी के दौरान छह विद्युत खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इस कारण आधे शहर में सोमवार की रात 10 बजे से मंगलवार की शाम तक छह बजे तक करीब 20 घंटे बिजली ठप रही। बिना बिजली के लोगों पीने का पानी तक के लिए तरसना पड़ा। कारखानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में जेनरेटर का सहारा लेना पड़ा। जेनरेटर से निकल रहे धुएं शहर की आव-ओ-हवा भी प्रदूषित हो गई। बिजली आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
उल्लेखनीय है कि जिले में बिजली संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिन-प्रतिदिन बिजली संकट बढ़ रहा है। इससे जिले के लोगों में गुस्सा है। आधी में खंभे क्षतिग्रस्त होने से शहर के गिजरौली के दो उपकेंद्र व नवीपुर उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में करीब 15 हजार घरों में 20 घंटे के लिए बिजली गुल रही। बिजली न आने के कारण पूरी रात लोग चैन से सो नहीं सके।
जिन घरों में इन्वर्टर फेल हो गए, वहां लोग गर्मी की वजह से छतों पर घूमते नजर आए। छोटे-छोटे बच्चे बिलखते रहे। सुबह बिना बिजली के लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। बिजली गुल होने से कल कारखानों में भी कामकाज प्रभावित हुआ। बिजली गुल होने से काफी कल कारखानों में काम नहीं हुआ और उद्यमियों ने कारीगरों को वापस लौटा दिया। संवाद
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अफसरों को भी किया गया हर घंटे गुमराह
हाथरस। बिजली विभाग के कर्मियों ने अपने अफसरों को भी खूब गुमराह किया। विभाग ने सोशल मीडिया पर 12 बजे तक बिजली आने की जानकारी साझा की। उसके बाद एक एक घंटा बढ़ाते हुए शाम को बिजली आपूर्ति सुचारु की। इस दौरान सिस्टम पर एक साथ भार पड़ा तो फिर आंख-मिचौली का खेल चला। संवाद
इन इलाकों के बाशिंदे रहे परेशान
शहर के आगरा रोड, आवास-विकास कॉलोनी, श्याम कुंज, नगला भोजा, नगला टीका, नवीपुर कलां, विभवगर, घास मंडी, बुर्ज वाला कुआं, घंटाघर, सादाबाद गेट सहित आधे शहर में बिजली गुल होने पर लोगों ने संबंधित मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने का प्रयास किया तो अधिकांश फोन नहीं उठ सके। इस कारण उपभोक्ताओं को संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसे लेकर लोगों में खासा गुस्सा नजर आया। संवाद
हरदुआगंज में खराबी का असर सिकंदराराऊ पर
हरदुआगंज में विद्युत उत्पादन इकाई में हर रोज 11 एमवीए लोड रहता है। सोमवार की रात को हरदुआगंज की इकाई में खराबी आ गई। इस कारण वहां लोड शून्य हो गया। सिकंदराराऊ क्षेत्र के कई बिजलीघरों को हरदुआगंज की लाइन से बिजली की आपूर्ति की जाती है। इस कारण कई बिजली सोमवार की रात को खामोश रहे। इस कारण लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ा।
सोमवार की रात से बिजली गुल है। करीब 20 घंटे तक बिना बिजली के काफी काम प्रभावित हुए हैं। विभागीय अधिकारी समस्या को दूर करने में ढीला रवैया अपना रहे हैं। इस कारण खासी परेशानी हो रही है।
-शिवम अग्रवाल, उपभोक्ता
बिजली संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। गर्मियों को लेकर विभागीय अधिकारियों ने पर्याप्त इंतजाम नहीं किए। इस कारण 20 घंटे तक लोगों को बिजली संकट के दंश को झेलना पड़ा। बिना बिजली के काफी आर्थिक नुकसान हुआ है।
-अजीत वर्मा, उपभोक्ता
बिजली गुल होने के कारण पीने के पानी तक के लिए तरसना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारी फोन तक नहीं उठाते हैं। इस कारण संतोषजनजक जवाब तक नहीं मिलता है। करीब 20 घंटे तक बिजली गुल होना बड़ा सवाल है।
-मनोज कुमार, उपभोक्ता
एक तरफ प्रदेश सरकार लोगों को पर्याप्त बिजली देने की बात कह रही है। हकीकत यह है कि धरातल पर स्थिति अलग है। यहां हर रोज कई कई घंटे बिजली गुल हो रही है। इस कारण खासी परेशानी हो रही है। विभागीय अधिकारी कामकाज की सही तरीके से निगरानी नहीं कर रहे हैं।
- सुमित कुमार, उपभोक्ता
बिजली की आंख-मिचौली होना आम बात हो गई है। अब सोमवार की रात से मंगलवार की शाम तक बिजली न आना विभाग की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिह्न लगाता है। उपभोक्ताओं का राजस्व वसूली पर तो ध्यान है, लेकिन आपूर्ति में खानापूर्ति की जा रही है।
- राजू, उपभोक्ता
बिजली गुल होने के कारण कामकाज तो प्रभावित हुआ है। साथ ही आर्थिक नुकसान का सामना भी करना पड़ा है। 18 से 20 घंटे तक बिजली गुल रही है। इस कारण खासी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है।
- अनिल कुमार, उपभोक्ता
सोमवार की देर रात को आई आंधी के दौरान छह खंभे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कर्मी लाइन को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं। करीब तीन लाख रुपये का विभाग का नुकसान भी हुआ है।
-सुभाष चंद्रा, अधिशासी अभियंता
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220 केवी मीतई विद्युत उपसंस्थान के निकट सोमवार की देर रात आई आंधी व बूंदाबांदी के दौरान छह विद्युत खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इस कारण आधे शहर में सोमवार की रात 10 बजे से मंगलवार की शाम तक छह बजे तक करीब 20 घंटे बिजली ठप रही। बिना बिजली के लोगों पीने का पानी तक के लिए तरसना पड़ा। कारखानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में जेनरेटर का सहारा लेना पड़ा। जेनरेटर से निकल रहे धुएं शहर की आव-ओ-हवा भी प्रदूषित हो गई। बिजली आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
उल्लेखनीय है कि जिले में बिजली संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिन-प्रतिदिन बिजली संकट बढ़ रहा है। इससे जिले के लोगों में गुस्सा है। आधी में खंभे क्षतिग्रस्त होने से शहर के गिजरौली के दो उपकेंद्र व नवीपुर उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में करीब 15 हजार घरों में 20 घंटे के लिए बिजली गुल रही। बिजली न आने के कारण पूरी रात लोग चैन से सो नहीं सके।
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जिन घरों में इन्वर्टर फेल हो गए, वहां लोग गर्मी की वजह से छतों पर घूमते नजर आए। छोटे-छोटे बच्चे बिलखते रहे। सुबह बिना बिजली के लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। बिजली गुल होने से कल कारखानों में भी कामकाज प्रभावित हुआ। बिजली गुल होने से काफी कल कारखानों में काम नहीं हुआ और उद्यमियों ने कारीगरों को वापस लौटा दिया। संवाद
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अफसरों को भी किया गया हर घंटे गुमराह
हाथरस। बिजली विभाग के कर्मियों ने अपने अफसरों को भी खूब गुमराह किया। विभाग ने सोशल मीडिया पर 12 बजे तक बिजली आने की जानकारी साझा की। उसके बाद एक एक घंटा बढ़ाते हुए शाम को बिजली आपूर्ति सुचारु की। इस दौरान सिस्टम पर एक साथ भार पड़ा तो फिर आंख-मिचौली का खेल चला। संवाद
इन इलाकों के बाशिंदे रहे परेशान
शहर के आगरा रोड, आवास-विकास कॉलोनी, श्याम कुंज, नगला भोजा, नगला टीका, नवीपुर कलां, विभवगर, घास मंडी, बुर्ज वाला कुआं, घंटाघर, सादाबाद गेट सहित आधे शहर में बिजली गुल होने पर लोगों ने संबंधित मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने का प्रयास किया तो अधिकांश फोन नहीं उठ सके। इस कारण उपभोक्ताओं को संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसे लेकर लोगों में खासा गुस्सा नजर आया। संवाद
हरदुआगंज में खराबी का असर सिकंदराराऊ पर
हरदुआगंज में विद्युत उत्पादन इकाई में हर रोज 11 एमवीए लोड रहता है। सोमवार की रात को हरदुआगंज की इकाई में खराबी आ गई। इस कारण वहां लोड शून्य हो गया। सिकंदराराऊ क्षेत्र के कई बिजलीघरों को हरदुआगंज की लाइन से बिजली की आपूर्ति की जाती है। इस कारण कई बिजली सोमवार की रात को खामोश रहे। इस कारण लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ा।
सोमवार की रात से बिजली गुल है। करीब 20 घंटे तक बिना बिजली के काफी काम प्रभावित हुए हैं। विभागीय अधिकारी समस्या को दूर करने में ढीला रवैया अपना रहे हैं। इस कारण खासी परेशानी हो रही है।
-शिवम अग्रवाल, उपभोक्ता
बिजली संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। गर्मियों को लेकर विभागीय अधिकारियों ने पर्याप्त इंतजाम नहीं किए। इस कारण 20 घंटे तक लोगों को बिजली संकट के दंश को झेलना पड़ा। बिना बिजली के काफी आर्थिक नुकसान हुआ है।
-अजीत वर्मा, उपभोक्ता
बिजली गुल होने के कारण पीने के पानी तक के लिए तरसना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारी फोन तक नहीं उठाते हैं। इस कारण संतोषजनजक जवाब तक नहीं मिलता है। करीब 20 घंटे तक बिजली गुल होना बड़ा सवाल है।
-मनोज कुमार, उपभोक्ता
एक तरफ प्रदेश सरकार लोगों को पर्याप्त बिजली देने की बात कह रही है। हकीकत यह है कि धरातल पर स्थिति अलग है। यहां हर रोज कई कई घंटे बिजली गुल हो रही है। इस कारण खासी परेशानी हो रही है। विभागीय अधिकारी कामकाज की सही तरीके से निगरानी नहीं कर रहे हैं।
- सुमित कुमार, उपभोक्ता
बिजली की आंख-मिचौली होना आम बात हो गई है। अब सोमवार की रात से मंगलवार की शाम तक बिजली न आना विभाग की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिह्न लगाता है। उपभोक्ताओं का राजस्व वसूली पर तो ध्यान है, लेकिन आपूर्ति में खानापूर्ति की जा रही है।
- राजू, उपभोक्ता
बिजली गुल होने के कारण कामकाज तो प्रभावित हुआ है। साथ ही आर्थिक नुकसान का सामना भी करना पड़ा है। 18 से 20 घंटे तक बिजली गुल रही है। इस कारण खासी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है।
- अनिल कुमार, उपभोक्ता
सोमवार की देर रात को आई आंधी के दौरान छह खंभे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कर्मी लाइन को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं। करीब तीन लाख रुपये का विभाग का नुकसान भी हुआ है।
-सुभाष चंद्रा, अधिशासी अभियंता