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हाथरस : डीएपी खाद के लिए हो रही है मारामारी
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)
क्षेत्र में किसानों को खेती की बुवाई के लिए अभी भी खाद की कमी से जूझना पड़ रहा है। खेतों में खाद लगाने के लिए किसान निजी भंडारों से निर्धारित से अधिक कीमत पर खाद लेने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
शनिवार का अवकाश होने के कारण सोमवार को हुए तहसील समाधान दिवस में किसानों ने जलेसर रोड (मानिकपुर) पर शुभम ट्रेडर्स खाद भंडार द्वारा निर्धारित से अधिक कीमत पर खाद बेचने के साथ रात को खाद बेचने की हुई शिकायत पर एसडीएम विपन कुमार शिवहरे ने संज्ञान लेते हुए रात के समय खाद भंडार पर छापा मारा।
दुकान में जांच के दौरान 200 अधिक बोरे बेचने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिलने पर एसडीएम ने प्रभारी कानूनगो पंकेश कौशिक एवं अन्य कृषि कर्मचारियों से दुकान में रखे सभी खाद के बैग की गिनती कराई और उनको जिले से आए एक कृषि कर्मचारी को सौंप दिया। मंगलवार की सुबह प्रशासन के किसी अधिकारी के देखरेख में किसानों को खाद बेचने के निर्देश दिए। मंगलवार की सुबह नायब तहसीलदार रामगोपाल, प्रभारी कानूनगो पंकेश कौशिक, क्षेत्रीय लेखपाल मुकेश गौतम, सौरभ गौतम एवं प्रभारी एडीओ कृषि विजय गौतम इस दुकान पर खाद का वितरण कराने दुकान पहुंचे।
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प्रभारी एडीओ कृषि ने बताया कि इस दुकान पर पॉस मशीन ऑन करने पर स्टॉक में केवल 300 खाद के बैग दर्शा रही थी, जबकि दुकान में 1000 डीएपी के बोरे रखे हुए थे। नायब तहसीलदार रामगोपाल ने बताया कि 300 बैगों को ऑनलाइन एवं बाकी 700 बैगों को ऑफ लाइन सरकारी दर पर शाम तक किसानों को दिया जाएगा।
इधर, क्षेत्र के गांव गुतहरा आत्मनिर्भर सहकारी समिति पर खाद आने पर की सूचना पर वहां खाद लेने के लिए काफी संख्या में किसान पहुंच गए। खाद वितरण में हो रही देरी को लेकर वहां किसान हंगामा करने लगे। हंगामा करते देख आत्मनिर्भर समिति के सचिव वितरण बंद करके कहीं चले गए। वहां मौजूद पुलिस वाले भी वहां से चले गए। खाद वितरण बंद होने की सूचना पर प्रशासन ने वहां क्षेत्रीय लेखपाल नरेंद्र देव एवं कृषि रक्षा कर्मचारी प्रमोद त्यागी को मौके पर भेजा। दोनों ने अन्य लोगों सहयोग से किसानों को काफी देर तक समझाया। इसके बाद ही वहां खाद का वितरण संभव हो सका। संवाद
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क्षेत्र में किसानों को खेती की बुवाई के लिए अभी भी खाद की कमी से जूझना पड़ रहा है। खेतों में खाद लगाने के लिए किसान निजी भंडारों से निर्धारित से अधिक कीमत पर खाद लेने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
शनिवार का अवकाश होने के कारण सोमवार को हुए तहसील समाधान दिवस में किसानों ने जलेसर रोड (मानिकपुर) पर शुभम ट्रेडर्स खाद भंडार द्वारा निर्धारित से अधिक कीमत पर खाद बेचने के साथ रात को खाद बेचने की हुई शिकायत पर एसडीएम विपन कुमार शिवहरे ने संज्ञान लेते हुए रात के समय खाद भंडार पर छापा मारा।
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दुकान में जांच के दौरान 200 अधिक बोरे बेचने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिलने पर एसडीएम ने प्रभारी कानूनगो पंकेश कौशिक एवं अन्य कृषि कर्मचारियों से दुकान में रखे सभी खाद के बैग की गिनती कराई और उनको जिले से आए एक कृषि कर्मचारी को सौंप दिया। मंगलवार की सुबह प्रशासन के किसी अधिकारी के देखरेख में किसानों को खाद बेचने के निर्देश दिए। मंगलवार की सुबह नायब तहसीलदार रामगोपाल, प्रभारी कानूनगो पंकेश कौशिक, क्षेत्रीय लेखपाल मुकेश गौतम, सौरभ गौतम एवं प्रभारी एडीओ कृषि विजय गौतम इस दुकान पर खाद का वितरण कराने दुकान पहुंचे।
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प्रभारी एडीओ कृषि ने बताया कि इस दुकान पर पॉस मशीन ऑन करने पर स्टॉक में केवल 300 खाद के बैग दर्शा रही थी, जबकि दुकान में 1000 डीएपी के बोरे रखे हुए थे। नायब तहसीलदार रामगोपाल ने बताया कि 300 बैगों को ऑनलाइन एवं बाकी 700 बैगों को ऑफ लाइन सरकारी दर पर शाम तक किसानों को दिया जाएगा।
इधर, क्षेत्र के गांव गुतहरा आत्मनिर्भर सहकारी समिति पर खाद आने पर की सूचना पर वहां खाद लेने के लिए काफी संख्या में किसान पहुंच गए। खाद वितरण में हो रही देरी को लेकर वहां किसान हंगामा करने लगे। हंगामा करते देख आत्मनिर्भर समिति के सचिव वितरण बंद करके कहीं चले गए। वहां मौजूद पुलिस वाले भी वहां से चले गए। खाद वितरण बंद होने की सूचना पर प्रशासन ने वहां क्षेत्रीय लेखपाल नरेंद्र देव एवं कृषि रक्षा कर्मचारी प्रमोद त्यागी को मौके पर भेजा। दोनों ने अन्य लोगों सहयोग से किसानों को काफी देर तक समझाया। इसके बाद ही वहां खाद का वितरण संभव हो सका। संवाद