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हाथरस : अकेली रह गई दो भाइयों की इकलौती बहन
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
थोड़ी लापरवाही ने घर के दो चिरागों को एक साथ बुझा दिया। गांव नवलपुर निवासी प्रेमपाल के दो पुत्र एवं एक पुत्री थी। मालगाड़ी से हुए हादसे में दोनों भाई काल के गाल में समा गए। दोनों को पता था कि चारा लाने के लिए दिल्ली-हावड़ा की ओर जाने वाली चार रेलवे लाइन पार करनी पडती हैं।
घर पर सभी उनका चारा लेकर लौटने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन घर पहुंची उनकी मौत की सूचना। परिजन सदमे में आ गए। यदि बड़ा भाई लापरवाही नहीं करता और रेलवे लाइन को पार करने से पहले लाइन के दोनों ओर देख लेता तो आज दो भाइयों की इकलौती बहन अकेली नहीं रह जाती। प्रेमपाल का बड़ा पुत्र मथुरा से आईटीआई था। बहन हाईस्कूल पास है और मोनू महरारा में नौवीं कक्षा का छात्र था। संवाद
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थोड़ी लापरवाही ने घर के दो चिरागों को एक साथ बुझा दिया। गांव नवलपुर निवासी प्रेमपाल के दो पुत्र एवं एक पुत्री थी। मालगाड़ी से हुए हादसे में दोनों भाई काल के गाल में समा गए। दोनों को पता था कि चारा लाने के लिए दिल्ली-हावड़ा की ओर जाने वाली चार रेलवे लाइन पार करनी पडती हैं।
घर पर सभी उनका चारा लेकर लौटने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन घर पहुंची उनकी मौत की सूचना। परिजन सदमे में आ गए। यदि बड़ा भाई लापरवाही नहीं करता और रेलवे लाइन को पार करने से पहले लाइन के दोनों ओर देख लेता तो आज दो भाइयों की इकलौती बहन अकेली नहीं रह जाती। प्रेमपाल का बड़ा पुत्र मथुरा से आईटीआई था। बहन हाईस्कूल पास है और मोनू महरारा में नौवीं कक्षा का छात्र था। संवाद
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