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हाथरस : शासन तक पहुंची अहेरिया समाज के प्रदर्शन की गूंज
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हाथरस : रेलवे ट्रैक को जाम करने के दौरान लगी अहेरिया समाज के लोगों की भीड़। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में बृहस्पतिवार को हुए अहेरिया समाज के प्रदर्शन की गूंज दिल्ली और लखनऊ तक पहुंची। यहां के प्रदर्शनकारी लखनऊ में आंदोलन कर रहे अपने नेताओं के निर्देश पर रेलवे ट्रैक पर जमे रहे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कह दिया कि वह लखनऊ में आंदोलन कर रहे अपने नेताओं के कहने पर ही रेलवे ट्रैक से हटेंगे। तदुपरांत यहां के प्रशासन ने इसकी जानकारी शासन को दी। शासन ने इसके बाद लखनऊ में आंदोलन कर रहे अहेरिया समाज के एक प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात वहां उच्चाधिकारियों से कराई और तब जब उन्हें यह आश्वासन लिया कि मुख्यमंत्री से 18 दिसंबर को मुलाकात कराई जाएगी। तब वहां के समाज के नेता चंद्रपाल सिंह ने यहां प्रदर्शनकारियों से यह अपील की कि अब रेलवे ट्रेक से हट जाएं। तब आठ घंटे बाद प्रदर्शनकारी ट्रैक से हटे और स्थिति सामान्य हुई।
अहेरिया समाज लगातार अपनी जाति को सूचीबद्ध करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। बुधवार को समाज के लोगों ने हसायन के गांव हैदलपुर में सांसद राजवीर दिलेर का पुतला फूंका था। इससे पहले सासनी तहसील पर जोरदार प्रदर्शन किया था। बताते है कि पिछले कई माह से लखनऊ के ईको पार्क में इन्हीं मांगों को लेकर अहेरिया समाज के लोग लगातार धरना देकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहां इनकी अगुवाई समाज के नेता चंद्रपाल सिंह अहेरिया कर रहे हैं।
यहां बृहस्पतिवार को जब अहेरिया समाज ने रेलवे ट्रैक पर कब्जा कर इसे जाम कर दिया तो पूरा का पूरा रेलवे यातायात बाधित हो गया। इसके बाद अधिकारियों में खलबली मच गई। अधिकारी शुरू में यह नहीं समझ पाए कि आखिर इस आंदोलन का निर्देशन कहां से हो रहा है। बात में जब उन्हें पता चला कि इसे लेकर एक धरना लखनऊ के ईको गार्डन में दिया जा रहा है तो अधिकारियों ने लखनऊ में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। लखनऊ में अधिकारियों ने कई घंटे बाद धरने पर बैठे समाज के नेता चंद्रपाल सिंह अहेरिया को यह आश्वासन दिया कि उनकी सीएम से 18 दिसंबर मुलाकात कराई जाएगी।
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चंद्रपाल सिंह प्रतिनिधिमंडल के साथ बृहस्पतिवार को अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी से भी मिले। चंद्रपाल सिंह के मुताबिक उन्हें लखनऊ में लोक भवन में यह आश्वासन मिला कि उनकी मुख्यमंत्री से 18 दिसंबर को मुलाकात कराई जाएगी। इसके उपरांत तब चंद्रपाल सिंह ने यहां के प्रदर्शनकारियों से रेलवे ट्रैक खोलने की अपील की। इस अपील का वीडियो वहां के प्रशासन ने यहां के प्रशासन को भेजा। इस वीडियो को देखने के बाद प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक से हटे। संवाद
चुनाव के मद्देनजर बल प्रयोग से प्रशासन ने किया परहेज
हाथरस। प्रदेश में अगले साल विधानसभा का चुनाव हैं। इस समय प्रदेश में कई मामलों में हंगामे के दौरान पुलिस प्रशासन की किरकिरी भी हो चुकी है और सरकार विपक्ष के निशाने पर आ चुकी है। सूत्रों की मानें तो यहां के अधिकारियों को सख्त निर्देश मिले कि चुनाव से पहले ऐसी स्थिति न बने, जिससे रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शनकारियों को हटाने में बल प्रयोग के चक्कर में कोई बखेड़ा खड़ा हो जाए और इसके बाद विपक्षी दल इसे भुनाने में लग जाएं। इसके मद्देनजर पुलिस वहां मूकदर्शक बनी रही और किसी भी तरह का कोई बल प्रयोग नहीं किया। भले ही रेलवे ट्रैक आठ घंटे तक जाम रहा। संवाद
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जिले में बृहस्पतिवार को हुए अहेरिया समाज के प्रदर्शन की गूंज दिल्ली और लखनऊ तक पहुंची। यहां के प्रदर्शनकारी लखनऊ में आंदोलन कर रहे अपने नेताओं के निर्देश पर रेलवे ट्रैक पर जमे रहे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कह दिया कि वह लखनऊ में आंदोलन कर रहे अपने नेताओं के कहने पर ही रेलवे ट्रैक से हटेंगे। तदुपरांत यहां के प्रशासन ने इसकी जानकारी शासन को दी। शासन ने इसके बाद लखनऊ में आंदोलन कर रहे अहेरिया समाज के एक प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात वहां उच्चाधिकारियों से कराई और तब जब उन्हें यह आश्वासन लिया कि मुख्यमंत्री से 18 दिसंबर को मुलाकात कराई जाएगी। तब वहां के समाज के नेता चंद्रपाल सिंह ने यहां प्रदर्शनकारियों से यह अपील की कि अब रेलवे ट्रेक से हट जाएं। तब आठ घंटे बाद प्रदर्शनकारी ट्रैक से हटे और स्थिति सामान्य हुई।
अहेरिया समाज लगातार अपनी जाति को सूचीबद्ध करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। बुधवार को समाज के लोगों ने हसायन के गांव हैदलपुर में सांसद राजवीर दिलेर का पुतला फूंका था। इससे पहले सासनी तहसील पर जोरदार प्रदर्शन किया था। बताते है कि पिछले कई माह से लखनऊ के ईको पार्क में इन्हीं मांगों को लेकर अहेरिया समाज के लोग लगातार धरना देकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहां इनकी अगुवाई समाज के नेता चंद्रपाल सिंह अहेरिया कर रहे हैं।
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यहां बृहस्पतिवार को जब अहेरिया समाज ने रेलवे ट्रैक पर कब्जा कर इसे जाम कर दिया तो पूरा का पूरा रेलवे यातायात बाधित हो गया। इसके बाद अधिकारियों में खलबली मच गई। अधिकारी शुरू में यह नहीं समझ पाए कि आखिर इस आंदोलन का निर्देशन कहां से हो रहा है। बात में जब उन्हें पता चला कि इसे लेकर एक धरना लखनऊ के ईको गार्डन में दिया जा रहा है तो अधिकारियों ने लखनऊ में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। लखनऊ में अधिकारियों ने कई घंटे बाद धरने पर बैठे समाज के नेता चंद्रपाल सिंह अहेरिया को यह आश्वासन दिया कि उनकी सीएम से 18 दिसंबर मुलाकात कराई जाएगी।
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चंद्रपाल सिंह प्रतिनिधिमंडल के साथ बृहस्पतिवार को अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी से भी मिले। चंद्रपाल सिंह के मुताबिक उन्हें लखनऊ में लोक भवन में यह आश्वासन मिला कि उनकी मुख्यमंत्री से 18 दिसंबर को मुलाकात कराई जाएगी। इसके उपरांत तब चंद्रपाल सिंह ने यहां के प्रदर्शनकारियों से रेलवे ट्रैक खोलने की अपील की। इस अपील का वीडियो वहां के प्रशासन ने यहां के प्रशासन को भेजा। इस वीडियो को देखने के बाद प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक से हटे। संवाद
चुनाव के मद्देनजर बल प्रयोग से प्रशासन ने किया परहेज
हाथरस। प्रदेश में अगले साल विधानसभा का चुनाव हैं। इस समय प्रदेश में कई मामलों में हंगामे के दौरान पुलिस प्रशासन की किरकिरी भी हो चुकी है और सरकार विपक्ष के निशाने पर आ चुकी है। सूत्रों की मानें तो यहां के अधिकारियों को सख्त निर्देश मिले कि चुनाव से पहले ऐसी स्थिति न बने, जिससे रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शनकारियों को हटाने में बल प्रयोग के चक्कर में कोई बखेड़ा खड़ा हो जाए और इसके बाद विपक्षी दल इसे भुनाने में लग जाएं। इसके मद्देनजर पुलिस वहां मूकदर्शक बनी रही और किसी भी तरह का कोई बल प्रयोग नहीं किया। भले ही रेलवे ट्रैक आठ घंटे तक जाम रहा। संवाद