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हाथरस : 14 साल बाद खत्म हुआ नई नहर का ‘सूखा’
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
पुरानी नहर के दो पुराने जर्जर पुलों की मरम्मत के लिए इसके पानी को इसके समानांतर बनी नई नहर में डायवर्ट किया गया है। इस तरह खोदाई के 14 वर्ष बाद भी सूखी पड़ी नई नहर का सूखा खत्म हो गया है। रेगुलेटरों की मदद से इस नहर से पानी को रजबहों और माइनरों में पहुंचाया जाएगा। नई नहर में पानी देखकर वह लोग तो दंग ही रह गए, जिन्हें इस डायवर्जन की जानकारी नहीं थी। किसानों का कहना है कि नई नहर में पानी छोड़ने की शुरुआत होना अच्छा संकेत है। अब भविष्य में उन्हें दोनों नहरों से सिंचाई के लिए पानी मिलने की सुविधा मिल सकेगी।
उल्लेखनीय है कि 14 वर्ष पूर्व सिंचाई विभाग ने हाथरस ब्रांच नहर के समानांतर नई नहर की खोदाई इसी उद्देश्य से कराई थी कि इसके आसपास बसे गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी के संकट से छुटकारा मिल जाए, लेकिन तकनीकी वजहों से इस नहर में पानी नहीं छोड़ा जा सका। खुदने के बाद से ही यह नहर सूखी पड़ी थी। अब पुरानी नहर के पुलों की मरम्मत के बहाने ही सही, इसमें पानी छोड़ने की शुरुआत हो चुकी है। गौरतलब है कि पुरानी नहर के रास्ते में गांव किंदौली व रतनगढ़ी के निकट दो पुलों का निर्माण किया जाएगा। इस कारण पानी को नई नहर में छोड़ा गया है। संवाद
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पुरानी नहर के दो पुराने जर्जर पुलों की मरम्मत के लिए इसके पानी को इसके समानांतर बनी नई नहर में डायवर्ट किया गया है। इस तरह खोदाई के 14 वर्ष बाद भी सूखी पड़ी नई नहर का सूखा खत्म हो गया है। रेगुलेटरों की मदद से इस नहर से पानी को रजबहों और माइनरों में पहुंचाया जाएगा। नई नहर में पानी देखकर वह लोग तो दंग ही रह गए, जिन्हें इस डायवर्जन की जानकारी नहीं थी। किसानों का कहना है कि नई नहर में पानी छोड़ने की शुरुआत होना अच्छा संकेत है। अब भविष्य में उन्हें दोनों नहरों से सिंचाई के लिए पानी मिलने की सुविधा मिल सकेगी।
उल्लेखनीय है कि 14 वर्ष पूर्व सिंचाई विभाग ने हाथरस ब्रांच नहर के समानांतर नई नहर की खोदाई इसी उद्देश्य से कराई थी कि इसके आसपास बसे गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी के संकट से छुटकारा मिल जाए, लेकिन तकनीकी वजहों से इस नहर में पानी नहीं छोड़ा जा सका। खुदने के बाद से ही यह नहर सूखी पड़ी थी। अब पुरानी नहर के पुलों की मरम्मत के बहाने ही सही, इसमें पानी छोड़ने की शुरुआत हो चुकी है। गौरतलब है कि पुरानी नहर के रास्ते में गांव किंदौली व रतनगढ़ी के निकट दो पुलों का निर्माण किया जाएगा। इस कारण पानी को नई नहर में छोड़ा गया है। संवाद
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