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हाथरस : कीमतों में कमी ने बढ़ाई आलू किसान की चिंता
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आलू किसान देव प्रकाश पाठक।
- फोटो : SASNI
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संवाद न्यूज एजेंसी, सासनी।
पिछले साल आलू से मोटा मुनाफा कमा चुके किसानों की चिंता इस बार आलू के भाव में आई मंदी ने बढ़ा दी है। थोक बाजार में आलू के दाम गिर गए हैं। दाम बढ़ने के इंतजार में किसान आलू की निकासी नहीं कर पा रहे हैं। अभी तक करीब 30 प्रतिशत आलू की निकासी नहीं हो पाई है, जबकि जिले में सबसे अधिक पैदावार आलू की होती है।
पिछली बार अच्छी कमाई होने के कारण किसानों ने इस बार आलू की पैदावार बढ़ा दी थी, लेकिन आलू के भाव धीरे-धीरे कम होते जा रहे हैं। कोरोना काल और लॉकडाउन के कारण आलू की मांग इस बार कम रही है। बाहर से भी मांग न आने के कारण आलू के दामों में कोई उछाल नहीं आया है।
आलू लेने के लिए न तो व्यापारी और न ही किसान बोली लगाने आ रहे हैं, जिससे आलू का उठान भी कम हो रहा है। किसान इस दुविधा में हैं कि सस्ते दामों में आलू बेचकर घाटा उठाया जाए या फिर भाव बढ़ने तक इंतजार किया जाए। यही स्थिति रही तो किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
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- किसान पिछले साल के भाव देखकर आलू की निकासी नहीं कर पा रहे हैं। आलू के भाव में कोई उछाल नहीं आया है। इस कारण किसान सस्ते में आलू बेचने पर मजबूर हैं।
-चौधरी महीपाल सिंह
- कोल्ड स्टोरों से आलू की निकासी कम हुई है। भाव प्रतिदिन नीचे जा रहा है। आलू के भाव में कोई उछाल नहीं आया है। किसान पिछले साल के भाव को लेकर दुविधा में हैं। आगे भी भाव बढ़ने की उम्मीद नहीं है।
-देवप्रकाश पाठक
- आलू के भाव को लेकर किसानों के माथे पर चिंता के भाव हैं। आलू के भाव में कोई बदलाव नहीं हो रहा है। किसान पिछले साल के भाव को लेकर इस दुविधा में हैं कि घाटा उठाया जाए या भाव बढ़ने का इंतजार किया जाए।
-राजकुमार सिंह
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पिछले साल आलू से मोटा मुनाफा कमा चुके किसानों की चिंता इस बार आलू के भाव में आई मंदी ने बढ़ा दी है। थोक बाजार में आलू के दाम गिर गए हैं। दाम बढ़ने के इंतजार में किसान आलू की निकासी नहीं कर पा रहे हैं। अभी तक करीब 30 प्रतिशत आलू की निकासी नहीं हो पाई है, जबकि जिले में सबसे अधिक पैदावार आलू की होती है।
पिछली बार अच्छी कमाई होने के कारण किसानों ने इस बार आलू की पैदावार बढ़ा दी थी, लेकिन आलू के भाव धीरे-धीरे कम होते जा रहे हैं। कोरोना काल और लॉकडाउन के कारण आलू की मांग इस बार कम रही है। बाहर से भी मांग न आने के कारण आलू के दामों में कोई उछाल नहीं आया है।
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आलू लेने के लिए न तो व्यापारी और न ही किसान बोली लगाने आ रहे हैं, जिससे आलू का उठान भी कम हो रहा है। किसान इस दुविधा में हैं कि सस्ते दामों में आलू बेचकर घाटा उठाया जाए या फिर भाव बढ़ने तक इंतजार किया जाए। यही स्थिति रही तो किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
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- किसान पिछले साल के भाव देखकर आलू की निकासी नहीं कर पा रहे हैं। आलू के भाव में कोई उछाल नहीं आया है। इस कारण किसान सस्ते में आलू बेचने पर मजबूर हैं।
-चौधरी महीपाल सिंह
- कोल्ड स्टोरों से आलू की निकासी कम हुई है। भाव प्रतिदिन नीचे जा रहा है। आलू के भाव में कोई उछाल नहीं आया है। किसान पिछले साल के भाव को लेकर दुविधा में हैं। आगे भी भाव बढ़ने की उम्मीद नहीं है।
-देवप्रकाश पाठक
- आलू के भाव को लेकर किसानों के माथे पर चिंता के भाव हैं। आलू के भाव में कोई बदलाव नहीं हो रहा है। किसान पिछले साल के भाव को लेकर इस दुविधा में हैं कि घाटा उठाया जाए या भाव बढ़ने का इंतजार किया जाए।
-राजकुमार सिंह

आलू किसान राजकुमार सिंह। - फोटो : SASNI

आलू किसान महिपाल। - फोटो : SASNI